पानीपत : अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में 500 शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र

पानीपत : अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में 500 शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र

इनोवेशन इन साइंस, इंजिनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी विषय पर हुआ सेमिनार

विज्ञान प्रर्दशनी की भी हुई शुरुआत


9 नवंबर 2019, 8:26 PM
 सन्नी कथूरिया। हरियाणा मीडिया जंक्शन
पानीपत। आर्य स्नतकोतर महाविद्यालय में 'इनोवेशन इन साइंस,इंजिनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी विषय पर कॉलेज के रसायन विभाग व द इंडियन साइंस कांग्रेस एसोशिएशन रोहतक,रॉयल सोसायटी आॅफ कैमिस्ट्री(लंदन),नॉर्थ इंडिया सैक्शन, जी.सी.एन.सी, डिपार्टमेंट आॅफ कैमिस्ट्री युनिवर्सिटी आफॅ दिल्ली व डायरेक्टर जनरल हायर एजूकेशन, पंचकुला,हरियाणा के सहयोग से दो दिवसीय तीसरी अंतर्राष्ट्रीय कॉफ्रेंस का का आज आगाज हो गया। कॉफ्रेंस का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। आर्य कॉलेज प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष  पीयूष आर्य, वरिष्ठ सदस्य विरेंद्र शिंगला व प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कॉफे्रंस में आए मु2य अतिथि  पी.डी.एम विश्वविद्यालय बहादुरगढ़ से वाइस चांसलर प्रो. ए.के.बख्शी,  प्रो.आर.के शर्मा, प्रो.थेरी डर्मनीन, डॉ.रमेश एल.गरदास, प्रो.अमलेन्दु  पाल, डॉ.अरविंद कुमार,  प्रो.एसपी खटकड़ , प्रो. मोहम्मद युसुफ सहित अन्य शोधार्थियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। कॉफें्रस के शानदार आयोजन के लिए प्राचार्य डॉ.जगदीश गुप्ता ने रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष व अंतर्राष्ट्रीय कॉफे्रंस के आयोजक सचिव डॉ.अनिल कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्यों को बधाई दी। मंच संचालन डॉ.सोनिया सोनी ने किया। कॉफ्रैंस की शुरूआत में कॉफ्रैंस विवरणीका का विमोचन भी किया गया। कॉफ्रैंस के साथ9साथ विज्ञान  ्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया जिसमें विद्यालयों और महाविद्यालयों के कई विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कांफ्रैंस में पीडीएम विश्वविद्यालय बहादुरगढ़ से वाइस चांसलर प्रो.ए.के.बख्शी ने अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कॉफ्रेंस का आयोजन सराहनीय कदम है। उन्होंने 'वाल्टी साइंस एजुकेशन फॉर इनोवेशन एंड केएटिविटी इन साइंस एंड टैक्नॉलजी विषय परअपनी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ.जगदीश गुप्ता ने कहा कि महाविद्यालय में समय-समय पर इस प्रकार के सेमिनार व कॉफे्रंस का आयोजन होता रहता है। उन्होंने कहा कि शोध में गुणव8ाा होनी चाहिए। शोध का ज्ञान विद्यार्थियों को कॉलेज स्तर पर ही देना चाहिए जिससे उन्हें शोध के विषय में सं ूर्ण जानकारी मिल सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में खुल रहे संस्थानों में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद भी वहां पर शोध कार्य में कमी देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कॉफे्रंस से शोध के क्षेत्र को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने रसायन विभाग द्वारा तीसरी अंतर्राष्ट्रीय कॉफे्रंस की दूरदर्शी सोच की तारीफ करते हुए कहा कि भविष्य में शोघार्थी इस तरह के शोध कार्य करते रहें जिससे अच्छे  रिणाम प्राप्त हो सकें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कॉफ्रेंस के बाद शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधक समीति के प्र्रधान सुरेंद्र शिंगला, उप प्रधान यशपाल मितल, महासचिव सीए कमल किशोर,उप प्राचार्या डॉ.संतोष, डॉ.हरविन्दर कौर, डॉ.बलकार सिंह, डॉ.गीतांजलि धवन, डॉ.शिवनारायण,डॉ.संदी  गुप्ता, प्रो.राजेश गर्ग, उमेद सिंह, डॉ.सुदेश,प्रो.स्वाति घणघस, प्रो.साक्षी सैनी सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।




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