भाकियू ने सीएम मनोहर लाल के चावल वाले बयान पर दी यह प्रतिक्रिया

पानीपत। किसान भवन में किसानों से बातचीत करते भाकियू जिला अध्यक्ष कुलदीप बलाना।

पानीपत। इसराना अनाज मंडी में बाजरे की खरीद का तौल चैक करते कुलदीप बलाना व अन्य।

भाकियू ने सीएम मनोहर लाल के चावल वाले बयान पर दी यह प्रतिक्रिया
अयोध्या मामले में दिए गए फैसले का भी किया सम्मान


9 नवंबर 2019, 8:07 PM
 सन्नी कथूरिया। हरियाणा मीडिया जंक्शन
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान कुलदीप बलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 8 नवंबर को पानीपत की अनाज मंडी के औचक निरीक्षण के दौरान किसानों द्वारा धान के भाव की बात कहने पर यह कहना कि किसान चावल निकाल कर रख लो और जब भाव ज्यादा हो तब बेच देना सरासर गलत है। मुख्यमंत्री द्वारा धान के भाव की बात पर किसानों को इस तरह का ब्यान देना मुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए शोभा नहीं देता और भाकियू इसकी निंदा करती है। वहीं भाकियू सरकार से मांग करती है पीआर धान जिला के किसानों की जितनी भी अभी बची हुई है, उस सारी धान की खरीद की जाए और 1121 के भाव में व्यापारियों से कहकर बढ़वाया जाए। क्योकि जो 1121 विधानसभा चुनाव से पहले करीब 3500 रुपए तक बिकती थी तो बाद में अब उसका भाव 2700-2800 तक रह जाना सब सरकार की गलत नीतियों का ही परिणाम है। कुलदीप बलाना ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को किसानों की समस्या का समाधान करना ही नहीं था तो उन्हें अनाज मंडी में दौरा करना ही नहीं चाहिए था। इस अवसर पर जयकरण कादियान, प्रताप माजरा, बलजीत राठी, सिगारा सिंह उरलाना आदि मौजूद रहे। इसके उपरांत कुलदीप बलाना व अन्य पदाधिकारी इसराना अनाज मंडी में पहुंचे और वहां पर बाजरे की खरीद के तौल को चैक किया गया, जोकि सही पाया गया। वहीं भाकियू जिला अध्यक्ष कुलदीप बलाना ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा अयोध्या मामले में दिए गए फैसले का सभी किसान सम्मान करते हैं और अदालत ने जो फैसला दिया है, वह सहीं है। सभी किसान भाईजिलाभर में आपसी भाईचारा बनाने का काम करेंगे।

एक कदम स्वास्थ्य की और काप्रचार करेगी भाकियू
कुलदीप बलाना ने कहा कि भाकियू द्वारा एक कदम स्वास्थ्य की और अभियान शुरू किया गया है। जिसमें भाकियू सभी किसान भाईयों को जिलाभर में प्रचार करके जैविक खेती को लेकर जागृत करेगी। ताकि किसान बिना खाद, दवाई के ज्यादा खेती ना करे तो कम से कम अपने परिवार के लिए आधा या एक एकड़ गेहूं
की तो बिजाई कर ही सकते है ताकि उनका परिवार बीमारियों से बचा रहे। कुलदीप ने कहा कि जैविक खेती करने से बहुत से घातक बीमारियों से छुटकारा
मिलेगा।




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