निसिंग : जे पी एस एकेडमी के छात्रों ने लहराया जीत का परचम


निसिंग : जे पी एस एकेडमी के छात्रों ने लहराया जीत का परचम
अकादमी में श्रीसुखमणी साहिब का पाठ करवाया गया

9 नवंबर 2019, 8:01 PM
 रिंकू गोंदर। हरियाणा मीडिया जंक्शन
निसिंग। जेपीएस अकादमी के विद्यार्थियों का सहोदय स्कूल काम्प्लेक्स के अन्तर्गत जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन रहा। प्रतियोगिता के दौरान मेधावी विद्यार्थियों ने अंडर 14 व 17 आयुवर्ग में  प्रथम स्थान हासिल कर एकेडमी का नाम रोशन किया। जीत हासिल कर विद्यार्थियों के अकादमी पहुंचने पर प्रबंधक योगेंद्र राणा व अंजू राणा एवं प्रिंसिपल बलराज सिंह सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। जिनमें ग्रेड नौंवी के छात्र गैवी, सक्षम, व ग्रेड आठवीं का मेधावी छात्र गोपाल शामिल हंै। प्रतियोगिता का आयोजन नीलोखेड़ी के एस. डी. मारुति नन्दन विद्या मंदिर विद्यालय में किया गया था। वहीं ऐकेडमी के विद्यार्थियों ने बाल भवन,करनाल में चल रही बाल प्रतियोगिताओं में छात्र प्रिन्स, नवरीत, हरशान, मनजीत, गुरजाप, कनन व एकम ने समूह गायन में पहला स्थान एवं पवित्र सिंह ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की खूब सराहना कर बधाई दी। विद्यार्थियों को खेलों में बढचढकर भाग लेने को प्रेरित किया। वहीं ऐकेडमी में श्री गुरु नानक देव जी के550 वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष में ग्रंथी कुलदीप सिंह व हरदीप सिंह जी ने श्रीसुखमणी साहिब का पाठ किया। जिसमें बताया गया कि श्री गुरु नानक जी सिखों के पहले गुरु थे। जिन्होंने विश्व से सांसारिक अज्ञानता को दूर कर अध्यात्मिक शक्ति को आत्मसात करने हेतु सम्पूर्ण मानव जाति को प्रेरित किया।



श्रीसुखमणी साहिब के पाठ में श्रीगुरूग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेक आशीर्वाद लेते विद्याथी
योगेंद्र राणा ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनकी दृष्टि में ईश्वर सर्वव्यापी है। जिनका जन्म 1469 पंजाब के लाहौर जिले के तलवंडी नामक ग्राम में हुआ था। जो वर्तमान में पश्चिमी पंजाब (पाकिस्तान) में ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। गुरु नानक देव जी ने गुरु ग्रंथ साहिब की रचना की थी। यह ग्रंथ पंजाबी भाषा और गुरुमुखी लिपि में है। उनकी शिक्षाएं अमर वाणी बनकर हमें जीवन में उच्च आदर्श अपनाने को प्रेरित करती हैं। जीव हत्या का विरोध व मिलजुल कर रहना उनकी शिक्षाएं है।

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