हरियाणा : पशुपालन विभाग का दावा, इस साल प्रदेशभर में एक भी पशु को नहीं हुआ मुंहखुर व गलघोंटू
16 नवंबर 2019, 5:57 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने दावा किया है कि इस साल पूरे प्रदेश में एक भी पशु मुहखुर व गलघोंटू बीमारी की चपेट में नहीं आया है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुनील कुमार गुलाटी ने बताया कि पशुपालन विभाग के माध्यम से सरकार पशुपालकों व किसानों को अधिक से अधिक सुविधाएं देना चाहती है ताकि पशुओं से ज्यादा से ज्यादा उत्पादन प्राप्त हो और किसान की आय में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने अक्तूबर माह में चलाए गए 27वें मुंह-खुर व गलघोटू टीकाकरण अभियान के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूरे हरियाणा में कोई भी पशु मुंह-खुर या गलघोटू रोग से पीड़ित नहीं हुआ तथा थैनला व अन्य रोगों से पशुधन सुरक्षित रहा। 20वीं पशुगणना में सभी पशुओं की फोटो सहित जानकारी लेकर पशु रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा ताकि हर पशु के संबंध में टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधन, मां को दूध की मात्रा की जानकारी आॅनलाइन ली जा सके। इसके लिए हर पशु का ज्ञान ऐप बनाया गया है। डॉ. गुलाटी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सभी पशुओं की टैंगिग करके उनके पंजीकरण किए जा रहे हैं। पशुओं को ब्रुशैला नामक बीमारी का टीकाकरण करवाया जा रहा है क्योंकि यह बीमारी पशुओं से मनुष्यों में फैलती है जो जानलेवा भी हो सकती है। सरकार पशु चिकित्सों को कुत्तों व बंदरों की नसबंदी के लिए प्रशिक्षण देगी ताकि वन्य प्राणी विभाग के साथ मिलकर आवारा कुत्तों व बंदरों की संख्या पर अंकुश करके आमजन को रेबीज नामक लाइलाज बीमारी से छुटकारा दिलाया जा सके।
खोले जाएंगे अतिरिक्त पशु औषधी स्टोर
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य के सभी पशु चिकित्सालयों में पशु स्वास्थ्य कल्याण समिति के खाते खोल कर उनमें धनराशि डाली दी गई है ताकि लोकल स्तर पर गठित कमेटी द्वारा पशु चिकित्सालयों व ओषधालयों में जरूरी कार्य जैसे मरम्मत, रंग रोगन, पानी व लाईट की फिटिंग जैसे कार्य करवाये जा सकें। इसके अतिरिक्त पशु औषधी स्टोर भी खोले जाएंगे जिनमें जरूरी आपाताकालीन दवा पशुओं के इलाज के लिए बाजार से कम कीमत पर मिलेगी। सामान्य सप्लाई की गई सरकारी दवा नि:शुल्क वितरित की जाती रहेगी।
हिसार जिले के 87 पशु चिकित्सालयों में भेजी जा चुकी है राशि
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ.डीएस सिंधु ने बताया कि हिसार जिले में 87 पशु चिकित्सालयों में इस सुविधा के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि किसानों को लेवल-4 की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दिलवाकर उन्हें डेयरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार मृत पशुओं के लिए बड़े स्तर पर हाडा-रोड़ी योजना पर अलग से कार्य किया जा रहा है जिसमें तालाब बनाकर पिजरों में मृत पशु को डालकर मछलियां पाली जाएंगी ताकि इस समस्या से आमजन को मुक्ति मिले व वातावरण को साफ रखने में मदद मिले। उन्होंने बताया कि चारे की समस्या के लिए नई तकनीक अपनाई जा रही है जिससे घर पर ही अधिक प्रोटीन का चारा हाइड्रोफोनिक विधि से उगाकर चारे की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक दूध का उत्पादन संभव हो सके।
पशुपालकों को घर द्वार पर ही उपलब्ध करवाई जा रही सुविधा
नस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत सभी प्रशिक्षत गोपाल व मैत्री वर्कर को नाइट्रोजन जार उपलब्ध कराकर पशुपालकों को घर द्वार पर ही यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला मुख्यालय पर स्थित सभी पशु चिकित्सालय को जिला राजकीय पशु चिकित्सालय में तब्दील किया गया है जिसमें पशुओं के खून, गोबर व पेशाब आदि टेस्टिंग की सुविधा के साथ कुत्ते बिल्ली के लिए पैट केयर सेंटर खोले जा रहे हैं ताकि एक ही जगह पर पशुओं के इलाज की सुविधा मिल सके।


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