दिल्ली : केजरीवाल ने तीसरी बार ली सीएम पद की शपथ, बोले प्रधानमंत्री का आशीर्वाद चाहता हूं


  • मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन व राजेंद्र पाल गौतम ने ली मंत्री पद की शपथ 



16 फरवरी 2020, 3:05 PM 
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव में धमाकेदार जीत के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। इसक साथ ही मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और राजेंद्र पाल गौतम ने मंत्री पद की शपथ ली। कांग्रेस की शीला दीक्षित के बाद तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले केजरीवाल दूसरे नेता हैं। शपथ लेने के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को आगे बढ़ाने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद चाहता हूं। उन्होंने कहा कि आज आपके बेटे ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। ये मेरी नहीं आप लोगों की जीत है। हर दिल्लीवाले की जीत है। हर मां-बहन की जीत है। पिछले 5 सालों में हमारी कोशिश रही है कि दिल्ली के हर परिवार की जिंदगी में खुशहाली ला सकें। दिल्ली का तेजी के साथ विकास हो और अगले 5 साल भी यही कोशिश जारी रहेगी। चुनाव में कुछ लोगों ने आप, भाजपा और कांग्रेस को वोट दिया। लेकिन मैंने आज शपथ ली है तो सबका मुख्यमंत्री हूं। मैं भाजपा और कांग्रेस वालों का भी सीएम हूं। 5 साल में कभी किसी के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के दो करोड़ परिवारों से कहना चाहता हूं कि चुनाव अब खत्म हुआ। सभी 2 करोड़ लोग मेरे परिवार का हिस्सा हैं। बिना हिचक मेरे पास आ जाना, सबका काम करूंगा। चाहे किसी भी धर्म या जाति के हो। मैं सबके साथ मिलकर काम करना चाहता हूं। चुनाव में विरोधियों ने जो कहा मैंने सबको माफ कर दिया है। जो उठापटक हुई सब भूल जाओ। केंद्र के साथ मिलकर काम करेंगे। प्रधानमंत्री को भी शपथ ग्रहण का न्यौता भेजा था। वे शायद व्यस्त हैं, इसलिए आ नहीं पाए। दिल्ली को आने बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का भी आशीर्वाद चाहता हूं।

आप को 62 तो भाजपा को मिली थी 8 सीटें, कांग्रेस नहीं खोल पाई थी खाता 
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 8 फरवरी को मतदान हुआ था। 11 फरवरी को आए नतीजों में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटें हासिल कर जीत का इतिहास रचा था वहीं भाजपा को 8 सीटें तो कांग्रेस पिछली बार की तरह ही अपना खाता भी नहीं खोल पाई। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान आप को 67 सीटें तो भाजपा को महज 3 सीटें मिल पाई थी।

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