हरियाणा : राहगिरी कार्यक्रम आयोजित करने में नंबर वन पर करनाल

हरियाणा : राहगिरी कार्यक्रम आयोजित करने में नंबर वन पर करनाल
199 राहगिरी कार्यक्रमों में 483672 लोगों ने लिया हिस्सा
 



  
 
8 दिसंबर 2019, 11:25 AM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
 चंडीगढ़। प्रदेश में इस साल 1 अप्रैल से 15 नवंबर तक सभी जिलों में 199 राहगिरी कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें 4,83,672 लोगों ने भाग लिया। 45 विशेष कार्यक्रमों में जिला उपायुक्तों और 67 कार्यक्रमों में पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। जिला उपायुक्तों द्वारा राहगिरी कार्यक्रम में शामिल होने के अनुसार कुरुक्षेत्र, रोहतक, पानीपत (5), कैथल, नारनौल (4) भिवानी (3) जिÞले के डीसी प्रथम तीन पायदान पर रहे। मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी एवं एडीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि इस दौरान करनाल में सर्वाधिक 31, गुरुग्राम में 18, कैथल में 12, कुरुक्षेत्र में 10, सोनीपत, चरखी-दादरी और नूंह में 9-9, रोहतक, भिवानी, जींद, रेवाड़ी और सिरसा में 8-8, फतेहाबाद में 7, पानीपत, फरीदाबाद, अंबाला, हिसार और हांसी में 6-6, झज्जर, नारनौल, पलवल और पंचकूला में 5-5, यमुनानगर में 4 राहगिरी कार्यक्रम आयोजित हुए हैं। ओपी सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में सामाजिक सौहार्द स्थापित करने और लोगों को सक्रिय एवं सकारात्मक जीवन शैली की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राहगिरी कार्यक्रम कारगर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि राहगिरी का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द स्थापित करना, लोगों को सक्रिय एवं सकारात्मक जीवन शैली के लिए प्रेरित करना, खिलाड़ियों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान करना और लोगों को दूसरों के साथ काम करने की क्षमता विकसित करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन का अपना कोई ना कोई महत्व होता है, इसलिए इस महत्व को ध्यान में रखते हुए राहगीरी कार्यक्रम के थीम रखे जाएं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक, दौड़, योगा व खेल गतिविधियों के साथ-साथ अन्य गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया जाए। थीम के हिसाब से विभागों को राहगिरी का पार्टनर विभाग बनाया जाएगा और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राहगिरी प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा।

राहगिरी में बढ़-चढ़र भाग लें लोग
ओपी सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहगीरी कार्यक्रम से अधिक-अधिक लोग जुड़ सकें, इसलिए सोशल मीडिया का भरपूर प्रयोग करें। स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों व सरकारी कर्मचारियों के अलावा शहरों की सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं व आमजन को भी राहगीरी से जोडने के लिए नए थीम का प्रयोग करें ताकि लोगों को हर बार कुछ नया देखने को मिले और लोग राहगीरी कार्यक्रम में बढ-चढ कर भाग लेने के लिए और अधिक उत्साहित रहें। जिला सूचना, जन संपर्क अधिकारी और पुलिस पीआरओ ये सुनिश्चित करेंगे कि राहगिरी कार्यक्रम के सोशल मीडिया, टीवी और अखबार में उचित प्रचार-प्रसार हो।

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