अब कम होगी उत्तर-दक्षिण की दूरी, सरकारी स्कूलों के बच्चे सीख रहे तेलुगू

अब कम होगी उत्तर-दक्षिण की दूरी, सरकारी स्कूलों के बच्चे सीख रहे तेलुगू 


28 दिसंबर 2019, 8:38 PM 
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन 
हिसार। नोर्थ-साउथ की दूरी को कम करने के लिए राजकीय स्कूली बच्चों को शिक्षकों ने तेलुगू सीखाना शुरू कर दिया है जिसकी शुरूआत  0 से 5 और अ से ई तक की गई है। दोनों राज्यों के बच्चे एक-दूसरे की भाषाओं को सीखकर अपनी संस्कृतियों, रहन-सहन सहित अन्य तौर तरीकों का आदान-प्रदान कर सकेंगे। लेकिन हरियाणा में तेलुगू दूसरी भाषा ना होकर मात्र 2 राज्यों के बीच तालमेल का माध्यम बनेगी। केन्द्र सरकार द्वारा बनाई गई योजना एक भारत श्रेष्ठ भारत के अनुसार हरियाणा ने तेलुगू भाषायी राज्य तेलंगाना को चुना है और दोनों राज्यों के बीच एक-दूसरे की भाषाओं को सीखाने का ओएमयू हुआ है, लेकिन सीखाने के लिए दोनों ही राज्यों के अपने-अपने शिक्षक होंगे। समग्र शिक्षा परियोजना के माध्यम से चलाए गए इस कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश भर के 250 के आसपास स्कूलों को शामिल किया गया है, जिसमें प्रत्येक जिला से 10-12 स्कूल हैं। जिला हिसार के समग्र शिक्षा में जुटी अधिकारियों की टीम ने इस पर काम शुरू भी कर दिया है और एबीआरसी व बीआरपी के माध्यम से स्कूलों में सीखाने के लिए संयोजकों को प्रशिक्षित कर सीखाना शुरू भी कर दिया गया है। कार्यक्रम के चलते बच्चों को सबसे पहले 0 से 5 तक गिनती और अ से ई तक स्वर सीखाए जा रहे हैं जिसकी जिम्मेदारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चमार खेड़ा नियुक्त राजनीतिक विज्ञान के प्रवक्ता श्रवण कुमार को संयोजक बनाया गया है और उन्होंने अपनी कक्षाएं शुरू कर भी दी हैं जिसमें बच्चों को सीखाया जा रहा है कि तेलुगू में 0 को सून्ना, 1 को ओकाटी, 2 को रेन्डू, 3 को मूड़ू, 4 को नालागू और 5 को आयायड़ू बोला जाएगा। इसके साथ ही बातचीत के लिए स्वरों का ज्ञान देना भी शुरू कर दिया है, जिसमें सर्वप्रथम अ, आ, इ और ई सीखाए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार द्वारा बनाए गए कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत का हरियाणा के बच्चे कितना फायदा उठा पाते हैं।

हिसार के इन स्कूलों में सीखाई जाएगी तेलुगू
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत हिसार जिला के रावमावि कोहली, आरोही मॉडल स्कूल अग्रोहा, रामावि शिवपुरी, रावमावि जहाजपुल, रावमावि गंगवा, राकवमावि हिसार, संस्कृति मॉडल स्कूल सिसाय, रावमावि पुट्ठी सामन, रावमावि राजथल व रावमावि चमार खेड़ा को शामिल किया गया है।

क्या कहते हैं समग्र शिक्षा अधिकारी
समग्र शिक्षा परियोजना हिसार के एपीसी सुरेन्द्र सिंह कैरो ने बताया कि केन्द्र सरकार की योजना एक भारत श्रेष्ठ भारत के अनुसार हरियाणा-तेलंगाना में ओएमयू हुआ है, जिसके तहत दोनों राज्यों के एक-दूसरे की भाषा सीखाई जाएगी, जिसके तहत हरियाणा सरकार ने काम शुरू भी कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में तेलुगू दूसरी भाषा नहीं है, अपितु दक्षिण के तौर तरीकों को जानने समझने का एक माध्यम है।

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