
8 दिसंबर 2019, 11:44 AM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने डिजिटल भारत कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में लोगों को डिजिटल फार्मेट में दस्तावेज एवं प्रमाण-पत्र जारी करने और उनका सत्यापन करने के लिए एक ‘क्लाउड प्लैटफॉर्म’ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से डिजीलॉकर शुरू किया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्ध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार्स तथा एनआईसी की हरियाणा राज्य इकाई राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी को सम्बोधित एक पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार नागरिकों के लिए पेपरलैस, कैशलैस और फेसलैस प्रशासन पर बल दे रही है ताकि नागरिक कानूनी रूप से स्वीकार्य कहीं भी किसी भी आवश्यक दस्तावेज को प्राप्त करने में सक्षम हो सकें। प्रवक्ता ने बताया कि डिजीलॉकर प्राधिकारी द्वारा डिजीटल तरीके से जारी एवं प्रमाणित दस्तावेज एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का एक मंच है, जिससे भौतिक दस्तावेज का उपयोग समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि डिजीलॉकर के साथ जारीकर्ता संगठन के रूप में अपना पंजीकरण करवाने वाले विभाग एवं संगठन अपने द्वारा जारी किए जाने वाले ड्राइविंग लाइसैंस, मतदाता पहचान-पत्र, शैक्षणिक संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों द्वारा जारी प्रमाण-पत्र एवं अंक-तालिका, राजस्व विभाग द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, अन्य विभागों द्वारा जारी लाइसैंस, परमिट, कर्मचारी पहचान-पत्र जैसे दस्तावेजों एवं प्रमाण-पत्रों की इलेक्ट्रॉनिक प्रतियां नागरिकों के डिजीलॉकर खाते में सीधे उपलब्ध करवा सकते हैं।
रिक्वेस्टर आर्गनाइजेशन के लिए यह हैं निर्देश
इसी प्रकार, विभाग रिक्वेस्टर आर्गनाइजेशन (निवेदक संगठन) के रूप में अपना पंजीकरण करवाकर डिजीलॉकर के साथ अपने आनलाइन अनुप्रयोग समेकित कर सकते हैं ताकि नागरिक विभागों द्वारा आॅनलाइन मांगे गए विभिन्न आवेदन जैसे कि प्रमाण-पत्र, लाइसैंस, नौकरी, सबसिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्कूल, कॉलेजों में दाखिले आदि के लिए आवेदन सीधे अपने डिजीलॉकर से प्राप्त कर सकें। इस सम्बन्ध में केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (डिजीटल लॉकर प्रसुविधाएं उपलब्ध करवाने वाले मध्यवर्तियों द्वारा सूचना का परीक्षण एवं प्रतिधारण) संशोधन नियमावली, 2017 अधिसूचित की गई है। उन्होंने कहा कि इस नियमावली के अनुसार जारीकर्ता डिजीटल प्रमाण-पत्र एवं दस्तावेज जारी करना शुरू कर सकते हैं और रिक्वेस्टर भौतिक दस्तावेजों के अनुरूप अंशदाताओं के डिजीटल लॉकर में सांझा किए गए हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र या दस्तावेज डिजीटल रूप से स्वीकार कर सकते हैं। जारीकर्ता द्वारा जब ऐसे प्रमाण-पत्र एवं दस्तावेजों को जारी किया जाएगा या डिजीटल लॉकर सिस्टम में उपलब्ध करवाया जाएगा तो रिक्वेस्टर द्वारा यूआरएल के माध्यम से उसे स्वीकार किया जाएगा और उसे जारीकर्ता द्वारा डिजीटल रूप में जारी किया गया माना जाएगा।
हर विभाग में होगा डिजीलॉकर प्लैटफॉर्म
हरियाणा सरकार द्वारा सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, स्वायत्त निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों में डिजीलॉकर प्लैटफॉर्म शुरू करने की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से निर्देश दिए गए हैं कि उन द्वारा नागरिकों को डिजीटल लॉकर में दस्तावेज एवं प्रमाण-पत्र उपलब्ध करवाने के लिए किसी अन्य प्राधिकरण से व्यक्तिगत सहमति या आदेश प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में सभी विभाागें और एजेंसियों को जारीकर्ता या रिक्वेस्टर के रूप में अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके अतिरिक्त, विभागों एवं एजेंसियों को डिजीलॉकर प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध करवाने के लिए भौतिक रूप में उपलब्ध दस्तावेजों एवं प्रमाण-पत्रों का डिजीटल डाटा तैयार करना होगा। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि पहले जारी किए जा चुके और भविष्य में जारी किए जाने वाले सभी दस्तावेज एवं प्रमाण-पत्र नागरिकों के डिजीलॉकर प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध हों।
यह होगी नोडल एजेंसी
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में डिजीलॉकर के क्रियान्वयन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग नोडल एजेंसी होगी और यह नोडल एजेंसी डिजीलॉकर के सम्बन्ध में सभी विभागों एवं एजेंसियों को सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाएगी।

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