हरियाणा में सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए बिजली निगम ने शुरु किया यह नया प्रयोग


हरियाणा में सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए बिजली निगम ने शुरु किया यह नया प्रयोग

Electricity Corporation started this new experiment to promote solar energy in Haryana

2 दिसंबर 2019, 3:58 PM  
 हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
पंचकूला। हरियाणा में सौर उर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम डीएचबीवीएन ने एक नया प्रयोग शुरु किया है। डीएचबीवीएन सोलर प्लांट लगाने की शुरुआत बिजली कर्मचारियों से करेगी। इसके लिए सभी बिजली कर्मचारियों व अधिकारियों को घरों पर रुफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए बिना ब्याज के एडवांस राशि देने का निर्णय लिया गया है। सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को तीन किलोवाट कैपेस्टी तक के सोलर प्लांट लगाने के लिए सबसिडी के अतिरिक्त आने वाली लागत के लिए एडवांस राशि दी जाएगी, जो कि बिना ब्याज के 24 बराबर मासिक किस्तों में जमा करवाई जाएगी। फील्ड कर्मचारी संबंधित अधीक्षक अभियंता एस.ई. की स्वीकृति से यह एडवांस राशि प्राप्त कर सकते हैं। वहीं हेड आॅफिस में कार्यरत कर्मचारी संबंधित अधीक्षक अभियंता एस.ई. अथवा अन्य उच्च अधिकारी की स्वीकृति से यह एडवांस राशि ले पाएंगे। क्लास.1 और क्लास.2 के अधिकारी मुख्य अभियंता एच.आर. एडमिन की स्वीकृति से रुफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए एडवांस राशि प्राप्त कर सकते हैं। गौरतलब है कि भारत सरकार के नवीन व नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय द्वारा ग्रिड कनेक्टेड रुफटॉप  सोलर प्रोग्राम के द्वितीय चरण के अंर्तगत 2022 तक पूरे देश में 40,000 मैगावाट बिजली रुफटॉप सोलर प्रोजेक्टों से उपयोग करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 4,000 मैगावाट बिजली घरेलू रुफटॉप सोलर प्लांटों से उपयोग करने का लक्ष्य है। इसके लिए केंद्रीय उर्जा मंत्रालय द्वारा भी सभी राज्यों के बिजली वितरण निगमों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

सभी घरेलू उपभोक्ताओं को यह सबसिडी दे रही सरकार
सरकार द्वारा 10 किलोवाट तक के सोलर प्लांट के लिए सभी घरेलू उपभोक्ताओं को सबसिडी भी दी जा रही है। रुफटॉप सोलर प्लांट से उत्पन्न की गई बिजली का उपयोग उपभोक्ता द्वारा घरेलू जरुरतों के लिए किया जा सकता है, इसके अलावा अतिरिक्त सौर उर्जा नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड में उपयोग की जाती है, जिसके लिए उपभोक्ता को इसकी तय राशि का भुगतान किया जाता है। ऐसे में उपभोक्ता बिजली बिल में बचत के साथ. साथ कोयले से बनी बिजली का कम प्रयोग करके पर्यावरण संरक्षण के लिए अपना योगदान दे सकते हैं।

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