सरकारी योजनाओं की जानकारी न होने के कारण ही बेरोजगार हैं युवा, जानें कैसे पाएं रोजगार
2 दिसंबर 2019, 4:23 PM
शिव लाल। हरियाणा मीडिया जंक्शन
यमुनानगर। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सीओओ आरआर बदियाल ने कहा है कि सरकार ने युवाओं के कल्याण के लिए ढ़ेर सारीयोजनाएं चलाई हैं। इन योजनाओं का युवाओं को जानकारी न होने के कारण वह बेरोजगार हैं, परन्तु डीडीयू जेकेवाई स्कीम के तहत युवाओं को रोजगार का तीन महिने से एक साल तक का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं को कम्पनियों में रोजगार दिलाया जाता है। यह प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जाता है। सरकार द्वारा प्रशिक्षण के दौरान खाने-पीने व रहने की सुविधा भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिला में अब तक 1500 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 700 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया गया। उन्होंने सभी पंचायती राज के अधिकारियों से अपील की कि वह अधिक से अधिक युवाओं को इस स्कीम के तहत जोड़ें।
हर ग्रामीण तक पहुंचना चाहिए सरकार की योजनाओं का लाभ
हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग निदेशक हरदीप सिंह ने पंचायती राज के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण क्षेत्र में सरकार द्वारा करवाए जाने वाले विकास कार्यों में अधिक से अधिक सहयोग करें ताकि समय रहते अधिक से अधिक विकास हो सके। उन्होंने बीडीपीओ को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास में उनका अहम योगदान है। वह सरकार की योजनाओं को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए सक्रियता से काम करें ताकि लोगों को उनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम के तहत काफी विकास कार्य हो सकते हैं, जिन पर अधिकारी व ग्राम पंचायत विशेष ध्यान नहीं देती। मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर भी मुहैया हो सकते हैं। परन्तु सभी पंचायती राज के अधिकारियों को मनरेगा में अधिक से अधिक काम करने के लिए आगे आना होगा।
यमुनानगर में 1824 स्वंय सहायता समूह
सीईओ हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन रमेश कृष्ण ने बताया कि महिलाओं को विकास से जोड़ने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसमें एनआरएलएम सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इसके तहत सैल्फ हैल्प ग्रुप बनाकर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाता है, वहीं इन ग्रुपों के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक स्वतन्त्रता के बारे में भी जानकारी दी जाती है। इन ग्रुपों के माध्यम से महिलाओं के विकास में भागेदारी सरकार का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिला में 2016 से इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। परिणामस्वरूप अब 299 गांवों में 1824 ग्रुप हैं, जिसमें 20878 परिवारों को जोड़ा गया है और 1086 ग्रुपों को एक करोड़ 10 लाख रुपए का फण्ड दिया गया है तथा जिला के 686 सैल्फ हैल्प ग्रुपों को स्वरोजगार चलाने के लिए 6 करोड़ का ऋण बैंकों से मुहैया करवाया गया है। इन ग्रुपों के माध्यम से महिलाएं समाज की मुख्य धारा में जुड़कर स्वरोजगार चला रही हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है।
31 जनवरी से पहले हर पात्र को भेजी जाए पीएम आवास योजना की अंतिम किस्त
ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक हरदीप सिंह ने बीडीपीओ को निर्देश दिए कि प्रधानमन्त्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकानों की अंतिम किस्त 31 जनवरी से पहले पात्र व्यक्ति के खाते में भेजी जाए। यदि ऐसा नहीं होता तो सम्बन्धित अधिकारी इसका जिम्मेवार होगा।
महीने में एक दिन मनाया जाए रोजगार दिवस
ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक हरदीप सिंह ने बीडीपीओ को निर्देश दिए कि महिने में एक दिन गांव में रोजगार दिवस मनाया जाए और इस दिवस पर अधिक से अधिक युवाओं को एकत्रित करें और उन्हें सरकार की योजनाओं की जानकारी दें।
मनरेगा के जॉबकार्ड हों अपडेट, लोगों को मिले रोजगार
ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक हरदीप सिंह ने कहा कि जिला में इस समय 34905 जॉबकार्ड हैं, इन्हें अपडेट किया जाए, कार्ड धारकों को रोजगार दिया जाए तथा समय पर भुगतान किया जाए। अधिक से अधिक विकास कार्यों को मनरेगा के तहत करवाया जाए।
टीमवर्क से ही निकलेंगे बेहतर परिणाम
ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक हरदीप सिंह ने एबीपीओ को निर्देश दिए कि वह अपनी जिम्मेवारी समझे, फील्ड में जाकर काम करें और हर समय अपडेट रहें। बीडीपीओ के साथ अपने कार्य को सांझा करें। कहीं दिक्कत आती है तो उच्चाधिकारियों से बात करें। टीमवर्क से ही बेहतर परिणाम की सम्भावना हो सकती है।


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