खुद के लिए तालियां बजाना सीख लो, एक दिन अवश्य महान बन जाओगे

खुद के लिए तालियां बजाना सीख लो, एक दिन अवश्य महान बन जाओगे
अंसल सुशांत सिटी के बांके बिहारी मंदिर में आयोजित  3 दिवसीय शिविर का समापन




 17 दिसंबर 2019, 10:24 PM
सन्नी कथूरिया। हरियाणा मीडिया जंक्शन
पानीपत। शहर के अंसल सुशांत सिटी के बांके बिहारी मंदिर में चल रहे 3 दिवसीय शिविर का आज समापन हो गया। माइंड मैनेजमेंट एंड मेडिटेशन पर तीन दिन तक चले इस शिविर के मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमार भारत भूषण, निदेशक ज्ञान मानसरोवर ने तनाव से मुक्ति पाने, संबंधों में मधुरता और जीवन में सुख-शांति लाने के अनेकानेक फॉमूर्ले बताए। ब्रह्माकुमार भाई ने कहा कि हमें हर पल सीखते जाना है, अच्छे या बुरे दोनों व्यक्तियों से हम कुछ ना कुछ सीख सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति से आपकी अनबन हो गयी है तो उन बातों को मन में स्थान नही ंदेना, तभी तनाव मुक्त रह सकते हैं। हमें बड़ी बात को छोटा करना है और छोटी-छोटी बातों को समाप्त करते जाना है। अपने चित्त को साफ रखना है क्योंकि जहां स्वच्छता है वहां परमात्मा निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि आनन्दित जीवन जीने के लिए खुद से प्यार करो, खुद को कभी रिजेक्ट मत करो। हमेशा सोचो कि मैं इस सृष्टि पर सबसे महान कलाकार हूं। मेरे जैसा व्यक्तित्व पूरी दुनिया में कोई और नहीं। दुसरों की जीत पर, अन्य लोगों की महानता पर तो बहुत तालियां बजा ली, अब खुद के लिए भी तालियां बजाना सीख लो। रात को सोने से पहले डायरी में 108 बार यह स्वमान लिखो कि मैं विशेष हूं, महान आत्मा हूं, साधारण नहीं हूँ। जैसा सोचेंगे वैसा बनने लगेंगे और एक दिन महान बन ही जाएंगे। ज्यादा सोचने और नकारात्मक सोचने से ब्रेन के सेल्स नष्ट होते हैं। इससे डिपरेशन, तनाव या अन्य कई भयंकर बीमारियां होती जा रही हैं। इस मौके पर बरसात रोड़ सेवाकेंद्र संचालिका बीके बिंदु बहन ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सहित सभी श्रोताओं का भी शब्दों के माध्यम से आभार प्रकट किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पानीपत सर्कल इंचार्ज ब्रह्माकुमारी सरला बहन ने भी अपनी शुभकामनाएं रखी और राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। इस अवसर पर कर्ण सिंह फोर, सुभाष सिंगला, विशाल अहलावत, बीके परवीन, बीके संदीप, बीके संतोष आदि मुख्य रुप से उपस्थित रहे। मंच संचालन बीके संतोष बहन ने किया।

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