वेतन के लिए नौकरी नहीं बल्कि बच्चों को संस्कारी ज्ञान दें अध्यापक : उपायुक्त
15 दिसंबर 2019, 4:42 PM
गौरव सोनी। हरियाणा मीडिया जंक्शन
सिरसा। अध्यापक बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करें और उनका सही मार्गदर्शन दें ताकि भविष्य में वे सभ्य नागरिक बनें और देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। अध्यापक ही समाज को सही दिशा प्रदान करता है। बच्चे अध्यापकों द्वारा बताई गई बातों पर गंभीरता से अमल करते हैं। बचपन में सीखी गई चीजें आजीवन व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है और आगे बढने की प्रेरणा देती हंै। उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग खंड ओढां के गांव जलालआना के आरोही मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल में पांच दिवसीय टीचर ट्रेनिंग कैंप के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उपायुक्त न कहा कि अध्यापक के विचार हमेशा बच्चों के जहन में रहते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापक केवल मात्र वेतन के लिए नौकरी न करें बल्कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अपना दायित्व निभाते हुए उन्हें संस्कारी ज्ञान दें। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार करते हुए खेल-खेल में पढाए, इसके अलावा अन्य गतिविधियों के महत्व को भी समझाएं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों में समाज को बदलने की क्षमता होती है और विचारों से ही समाज बदलता है। उपायुक्त ने अध्यापकों से अपने अनुभव सांझा करते हुए कुछ जरुरी टिप्स भी दिए।
अध्यापकों को बताई भाषा कौशल की महत्ता
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अध्यापकों को पढाने की नई तकनीक, ग्रुप डिस्कशन, पोक्सो एक्ट, भाषा कौशल, लीडरशीप, संस्कारी शिक्षा आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई तथा चर्चा की गई। वर्कशॉप में अध्यापकों को बताया गया कि पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत होने वाली घटनाओं पर गंभीर रहना चाहिए। इस बारे बच्चों को अवेयर करें तथा उन्हें गुड टच व बैड टच के बारे में बताएं। वर्कशॉप में अध्यापकों को भाषा कौशल की महत्ता भी बताई गई। भाषा कौशल हमारे व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाता है और एक योग्यता प्रदान करता है। शिक्षा जीवन का अनमोल उपहार है और संस्कार जीवन के सार हैं। अध्यापकों को बताया गया कि अच्छे संस्कारों से व्यक्ति महान बनता है, जो जीवन के हर मोड़ पर उसका साथ देते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को संस्कार युक्त शिक्षा दें ताकि वे अच्छे इंसान बने। वर्कशॉप में शिक्षकों ने कद्दु की बारात लघु नाटिका प्रस्तुत की।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों से किया संवाद, दिए जरुरी टिप्स
इससे पूर्व उपायुक्त ने कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों की नोटबुक चैक की। उपायुक्त ने विद्यार्थियों को गणित व विज्ञान विषय से बारे में भी जरुरी टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक लाना इतना कठिन भी नहीं है अगर सही नीति और सकारात्मक भावना के साथ प्रयास करें तो न सिर्फ आत्मविश्वास में बढौतरी होती होगी बल्कि आप अच्छे अंक से टॉप कर सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने उज्जवल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करें, यदि वे कड़ी मेहनत करेंगे तो सफल जरूर होंगे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से प्रश्र भी पूछे तथा संवाद किया। विद्यार्थियों ने भी उपायुक्त से संवाद में रुचि दिखाई। तत्पश्चात उपायुक्त ने स्कूल का भ्रमण किया और व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। यहां उन्होंने बारी-बारी कक्षाओं में जाकर बच्चों के शिक्षा के स्तर और अध्यापकों के पढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी ली।
15 दिसंबर 2019, 4:42 PMगौरव सोनी। हरियाणा मीडिया जंक्शन
सिरसा। अध्यापक बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करें और उनका सही मार्गदर्शन दें ताकि भविष्य में वे सभ्य नागरिक बनें और देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। अध्यापक ही समाज को सही दिशा प्रदान करता है। बच्चे अध्यापकों द्वारा बताई गई बातों पर गंभीरता से अमल करते हैं। बचपन में सीखी गई चीजें आजीवन व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है और आगे बढने की प्रेरणा देती हंै। उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग खंड ओढां के गांव जलालआना के आरोही मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल में पांच दिवसीय टीचर ट्रेनिंग कैंप के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उपायुक्त न कहा कि अध्यापक के विचार हमेशा बच्चों के जहन में रहते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापक केवल मात्र वेतन के लिए नौकरी न करें बल्कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अपना दायित्व निभाते हुए उन्हें संस्कारी ज्ञान दें। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार करते हुए खेल-खेल में पढाए, इसके अलावा अन्य गतिविधियों के महत्व को भी समझाएं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों में समाज को बदलने की क्षमता होती है और विचारों से ही समाज बदलता है। उपायुक्त ने अध्यापकों से अपने अनुभव सांझा करते हुए कुछ जरुरी टिप्स भी दिए।
अध्यापकों को बताई भाषा कौशल की महत्ता
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अध्यापकों को पढाने की नई तकनीक, ग्रुप डिस्कशन, पोक्सो एक्ट, भाषा कौशल, लीडरशीप, संस्कारी शिक्षा आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई तथा चर्चा की गई। वर्कशॉप में अध्यापकों को बताया गया कि पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत होने वाली घटनाओं पर गंभीर रहना चाहिए। इस बारे बच्चों को अवेयर करें तथा उन्हें गुड टच व बैड टच के बारे में बताएं। वर्कशॉप में अध्यापकों को भाषा कौशल की महत्ता भी बताई गई। भाषा कौशल हमारे व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाता है और एक योग्यता प्रदान करता है। शिक्षा जीवन का अनमोल उपहार है और संस्कार जीवन के सार हैं। अध्यापकों को बताया गया कि अच्छे संस्कारों से व्यक्ति महान बनता है, जो जीवन के हर मोड़ पर उसका साथ देते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को संस्कार युक्त शिक्षा दें ताकि वे अच्छे इंसान बने। वर्कशॉप में शिक्षकों ने कद्दु की बारात लघु नाटिका प्रस्तुत की।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों से किया संवाद, दिए जरुरी टिप्स
इससे पूर्व उपायुक्त ने कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों की नोटबुक चैक की। उपायुक्त ने विद्यार्थियों को गणित व विज्ञान विषय से बारे में भी जरुरी टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक लाना इतना कठिन भी नहीं है अगर सही नीति और सकारात्मक भावना के साथ प्रयास करें तो न सिर्फ आत्मविश्वास में बढौतरी होती होगी बल्कि आप अच्छे अंक से टॉप कर सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने उज्जवल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करें, यदि वे कड़ी मेहनत करेंगे तो सफल जरूर होंगे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से प्रश्र भी पूछे तथा संवाद किया। विद्यार्थियों ने भी उपायुक्त से संवाद में रुचि दिखाई। तत्पश्चात उपायुक्त ने स्कूल का भ्रमण किया और व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। यहां उन्होंने बारी-बारी कक्षाओं में जाकर बच्चों के शिक्षा के स्तर और अध्यापकों के पढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी ली।

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