भ्रष्ट पंचायतों पर वार। हरियाणा मीडिया जंक्शन द्वारा भेजे सुझाव पर हरियाणा सरकार ने लगाई मुहर, ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार रोकने व पारदर्शिता लाने को जल्द लॉच होने जा रही है गांवों की वेबसाइट
हरियाणा : वेबसाइट पर ऑनलाइन होगा हर गाँव का रिकॉर्ड, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत भी ऑनलाइन कर सकेंगे ग्रामीण

13 फरवरी 2020, 11:00 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़/हिसार। ग्राम पंचायतों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए मनोहर सरकार ने कमर कस ली है। मनरेगा समेत तमाम सरकारी योजनाओं व विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा कर अपने चहेतों को रेवड़ियां बांटने वाले पंच-सरपंचों पर अब सरकार पैनी नजर रखेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा मीडिया जंक्शन द्वारा भेजे ‘हर गांव की वेबसाईट बनाए जाने’ वाले सुझाव को लागू करने का ऐलान कर दिया है। यहां पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित अंतर जिला परिषद (ग्रामीण) की दूसरी बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस बाबत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हम हरियाणा में ई-पंचायत अवधारणा लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सिलसिले में हरियाणा सरकार जल्द ही एक वेबसाइट लॉन्च करने जा रही है जिस पर प्रदेश के हर गांव की जानकारी, जैसे गांव का नक्शा, उसकी जनसंख्या समेत गाँव के तमाम तरह के आंकड़े व सारा रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। यही नहीं इस वेबसाईट पर ग्रामीण ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्यों मेंं की जा रही धांधली समेत हर तरह की शिकायतें व सुझाव भी अपलोड कर सकेंगे। ग्रामीणों द्वारा भेजे जाने वाले सुझाव और शिकायतों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आगामी कार्रवाई भी की जएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि 27 विभागों की योजनाएं पंचायती राज संस्थानों को स्थानांतरित की जा सकती हैं, इसकी रूप रेखा तैयार की जा रही है। सीएम ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को सोशल आॅडिट सिस्टम में भी शामिल किया जाएगा ताकि सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर करवाए जा रहे कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों के जन प्रतिनिधि को जनहित के कार्यों में स्वेच्छा से जुडऩे वाले लोगों को प्रेरित करना चाहिए।इस बैठक में उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, पर्यावरण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डा0 महावीर सिंह के अलावा विभागों के प्रशासनिक सचिव, पंचकूला के उपायुक्त एम के अहुजा के अलावा जिला परिषदों व पंचायत समितियों के अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित विभाग के अनेक अधिकारी व अनेक सरपंच भी मौजूद रहे।
हरियाणा मीडिया जंक्शन ने भेजा था सुझाव
हरियाणा मीडिया जंक्शन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को हरियाणा के नए बजट 2020-21 के लिए गांवों को पूर्णतया भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी बनाए जाने के लिए वेबसाइट बनाकर हर गांव का रिकार्ड ओनलाईन किए जाने का सुझाव विस्तृत विवरण सहित भेजा था। तत्पश्चात उप- मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के निर्देष पर हरियाणा मीडिया जंक्शन के संपादक संदीप कम्बोज को इस विलेज वेबसाइट प्रोजेक्ट को लागू करने के संबंध में विस्तार से चर्चा के लिए 31 जनवरी को चंडीगढ़ हरियाणा सचिवालय बुलाया था जहां पंचायत व ग्रामीण विकास के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस वेबसाईट प्रोजेक्ट बाबत विस्तार से चर्चा की।
इसलिए जरूरी है ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन करना
ग्राम पंचायतों के भ्रष्टाचार की घर बैठे आनलाइन शिकायत कर सकेंगे ग्रामीण
आज इंटरनेट क्रांति के इस युग में गांवों में भी शायद ही कोई घर ऐसा बचा होगा जिस घर में एंड्रोएड मोबाइल सेट ना हो। इसलिए यह प्रोजेक्ट निश्चित रूप से गांवों के लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा। इन वेबसाईट में संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा करवाए जा रहे सभी विकास कार्य की सिलसिलेवार पूरी डिटेल व उस पर खर्च होने वाली राशि का विवरण डाला जाएगा। इसके अलावा वेबसाईट में हर गाँव का जनसंख्या व मैप सहित सारा रिकॉर्ड आनलाइन किया जाना है जिससे कि पारदर्शिता आए और ग्रामीण घर बैठे ही गाँव के बारे में सभी जानाकरियां एक ही प्लेटफार्म पर जुटा सकें। इसके अलावा गांव की वेबसाइट में ग्रामीणों को आनलाइन शिकायत व सुझाव भेजने की सुविधा भी मिलेगी जिस पर संबंधित विभाग कार्रवाई करेंगे।
वेबसाइट के सबसे बड़े फायदे के बारे में इस तरह से समझें उदाहरण के तौर पर मनरेगा योजना को लें या बीपीएल परिवार योजना या कोई भी। गांवों में सरपंचों व पंचों द्वारा इन्हीं योजनाओं में ही सबसे ज्यादा घोटाले किए जा रहे हैं। सरपंच व पंच अपने परिजनों, रिश्तेदारों व चमचों को फायदा पहुंचाने के लिए अंदर खाते मनरेगा जैसी योजनाओं में फर्जी जोब कार्ड बनाकर लाखोंकी रकम उनके खातों में डाल देते हैं। इस तरह से सरकारी खजाने को चपत लगती रहती है। इसी तरह बीपीएल समेत तमाम योजनाओं में भी ये सरपंच-पंच अपने परिजनों, रिश्तेदारों व चमचों को लाभ पहुंचाने के लिए सभी नियम ताक पर रख देते हैं जबकि वे उन योजनाओं के लिए पात्र भी नहीं होते। और जो वास्तविक रूप से जो इन योजनाओं के लिए पात्र हैं, वे हाथ मलते रह जाते हैं। यह कितना बड़ा अन्याय है, उन लोगों के साथ जिनके लिए सरकार ने ये योजनाएं बनाई हैं। अब जब सभी योजनाओं के पात्रों की लिस्ट सबके सामने एक क्लिक पर होगी तो कितना बड़ा भ्रष्टाचार थमेगा। हर कोई अपने गांव की वेबसाईट खोलकर जांच लेगा कि कहीं किसी योजना का लाभ कोई गलत व्यक्ति तो नहीं ले रहा है, जो इस योजना का लाभ लेने का हकदार नहीं है। सबसे बड़ा भ्रष्टाचार तो विकास कार्यों में होने वाली गड़बड़ी का भी थमेगा जैसे कई बार सरपंच-पंच कागजों में ही गलियां- नालियां बना डालते हैं और मिल-बांटकर सरकारी पैसा डकार जाते हैं क्योंकि ग्रामीण जागरूक नहीं हैं। ग्रामीणों को यह नहीं पता होता कि सरपंच-पंच ने क्या-क्या विकास कार्य लिस्ट में चढ़ा दिए हैं और इन्हें किस वेबसाईट पर चैक किया जाए। अब जब ये सारे रिकॉर्ड ग्रामीण हर पल गांव की वेबसाईट पर खुद चैक करने लगेंगे तो काफी हद तक विकास कार्यों में किया जाने वाला यह भ्रष्टाचार भी रूकेगा। क्योंकि फिर कोई भी ग्रामीण पूछ लेगा कि भाई ये फ्लां गली-नाली तो आपने बनाई ही नहीं या मुरम्मत नहीं करवाई तो यहां लिस्ट मेंं क्यूं दिखाई दे रही है। और सबसे बड़ी बात इस वेबसाईट प्रोजेक्ट से पारदर्शिता भी आएगी, हर तरह के गड़बड़झाले रूकेंगे।
हरियाणा : वेबसाइट पर ऑनलाइन होगा हर गाँव का रिकॉर्ड, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत भी ऑनलाइन कर सकेंगे ग्रामीण
- वेबसाइट पर मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करेंगे संबंधित विभाग
- गांवों में सुधार के लिए सुझाव भी अपलोड कर सकेंगे ग्रामीण
- गाँव के नक्शे से लेकर जनसंख्या ब्यौरे समेत तमाम तरह के आंकड़े होंगे ऑनलाइन
- एक ही वेबसाइट पर उपलब्ध होगा प्रदेश के हर गाँव का रिकॉर्ड
- 27 विभागों की योजनाएं भी पंचायती राज संस्थानों को स्थानांतरित किए जाने की तैयारी

13 फरवरी 2020, 11:00 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़/हिसार। ग्राम पंचायतों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए मनोहर सरकार ने कमर कस ली है। मनरेगा समेत तमाम सरकारी योजनाओं व विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा कर अपने चहेतों को रेवड़ियां बांटने वाले पंच-सरपंचों पर अब सरकार पैनी नजर रखेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा मीडिया जंक्शन द्वारा भेजे ‘हर गांव की वेबसाईट बनाए जाने’ वाले सुझाव को लागू करने का ऐलान कर दिया है। यहां पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित अंतर जिला परिषद (ग्रामीण) की दूसरी बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस बाबत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हम हरियाणा में ई-पंचायत अवधारणा लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सिलसिले में हरियाणा सरकार जल्द ही एक वेबसाइट लॉन्च करने जा रही है जिस पर प्रदेश के हर गांव की जानकारी, जैसे गांव का नक्शा, उसकी जनसंख्या समेत गाँव के तमाम तरह के आंकड़े व सारा रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। यही नहीं इस वेबसाईट पर ग्रामीण ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्यों मेंं की जा रही धांधली समेत हर तरह की शिकायतें व सुझाव भी अपलोड कर सकेंगे। ग्रामीणों द्वारा भेजे जाने वाले सुझाव और शिकायतों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आगामी कार्रवाई भी की जएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि 27 विभागों की योजनाएं पंचायती राज संस्थानों को स्थानांतरित की जा सकती हैं, इसकी रूप रेखा तैयार की जा रही है। सीएम ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को सोशल आॅडिट सिस्टम में भी शामिल किया जाएगा ताकि सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर करवाए जा रहे कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों के जन प्रतिनिधि को जनहित के कार्यों में स्वेच्छा से जुडऩे वाले लोगों को प्रेरित करना चाहिए।इस बैठक में उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, पर्यावरण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डा0 महावीर सिंह के अलावा विभागों के प्रशासनिक सचिव, पंचकूला के उपायुक्त एम के अहुजा के अलावा जिला परिषदों व पंचायत समितियों के अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित विभाग के अनेक अधिकारी व अनेक सरपंच भी मौजूद रहे।
हरियाणा मीडिया जंक्शन ने भेजा था सुझाव
हरियाणा मीडिया जंक्शन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को हरियाणा के नए बजट 2020-21 के लिए गांवों को पूर्णतया भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी बनाए जाने के लिए वेबसाइट बनाकर हर गांव का रिकार्ड ओनलाईन किए जाने का सुझाव विस्तृत विवरण सहित भेजा था। तत्पश्चात उप- मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के निर्देष पर हरियाणा मीडिया जंक्शन के संपादक संदीप कम्बोज को इस विलेज वेबसाइट प्रोजेक्ट को लागू करने के संबंध में विस्तार से चर्चा के लिए 31 जनवरी को चंडीगढ़ हरियाणा सचिवालय बुलाया था जहां पंचायत व ग्रामीण विकास के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस वेबसाईट प्रोजेक्ट बाबत विस्तार से चर्चा की।
इसलिए जरूरी है ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन करना
हरियाणा के गांवों के विकास में सबसे बड़ी बाधा यदि कोई है तो वह भ्रष्टाचार है। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के फलने-फूलने की पहली बड़ी वजह है ग्राम पंचायतों का पारदर्शी न होना और दूसरी वजह है ग्रामीणों का सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक न होना। इन्हीं सब कमजोरियोंं का फायदा उठाकर सरपंच व पंच अपने अपात्र चहेतों व चमचों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर सरकारी पैसे की बंदरबांट कर जाते हैं और जो इन योजनाओं का लाभ लेने के वास्तविक हकदार (यानि पात्र नागरिक) हैं, उन्हें इन योजनाओं के बारे में जानकारी तक नहीं होती। और सबसे बड़ी बात ये भ्रष्टतंत्र उन वास्तविक पात्रों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचने ही नहीं देता।
आज इंटरनेट क्रांति के इस युग में गांवों में भी शायद ही कोई घर ऐसा बचा होगा जिस घर में एंड्रोएड मोबाइल सेट ना हो। इसलिए यह प्रोजेक्ट निश्चित रूप से गांवों के लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा। इन वेबसाईट में संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा करवाए जा रहे सभी विकास कार्य की सिलसिलेवार पूरी डिटेल व उस पर खर्च होने वाली राशि का विवरण डाला जाएगा। इसके अलावा वेबसाईट में हर गाँव का जनसंख्या व मैप सहित सारा रिकॉर्ड आनलाइन किया जाना है जिससे कि पारदर्शिता आए और ग्रामीण घर बैठे ही गाँव के बारे में सभी जानाकरियां एक ही प्लेटफार्म पर जुटा सकें। इसके अलावा गांव की वेबसाइट में ग्रामीणों को आनलाइन शिकायत व सुझाव भेजने की सुविधा भी मिलेगी जिस पर संबंधित विभाग कार्रवाई करेंगे।
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चंडीगढ़। विलेज ईरा मासिक पत्रिका व हरियाणा मीडिया जंक्शन के मुख्य संपादक द्वारा हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को भेजा गया पत्र। |
वेबसाइट के सबसे बड़े फायदे के बारे में इस तरह से समझें उदाहरण के तौर पर मनरेगा योजना को लें या बीपीएल परिवार योजना या कोई भी। गांवों में सरपंचों व पंचों द्वारा इन्हीं योजनाओं में ही सबसे ज्यादा घोटाले किए जा रहे हैं। सरपंच व पंच अपने परिजनों, रिश्तेदारों व चमचों को फायदा पहुंचाने के लिए अंदर खाते मनरेगा जैसी योजनाओं में फर्जी जोब कार्ड बनाकर लाखोंकी रकम उनके खातों में डाल देते हैं। इस तरह से सरकारी खजाने को चपत लगती रहती है। इसी तरह बीपीएल समेत तमाम योजनाओं में भी ये सरपंच-पंच अपने परिजनों, रिश्तेदारों व चमचों को लाभ पहुंचाने के लिए सभी नियम ताक पर रख देते हैं जबकि वे उन योजनाओं के लिए पात्र भी नहीं होते। और जो वास्तविक रूप से जो इन योजनाओं के लिए पात्र हैं, वे हाथ मलते रह जाते हैं। यह कितना बड़ा अन्याय है, उन लोगों के साथ जिनके लिए सरकार ने ये योजनाएं बनाई हैं। अब जब सभी योजनाओं के पात्रों की लिस्ट सबके सामने एक क्लिक पर होगी तो कितना बड़ा भ्रष्टाचार थमेगा। हर कोई अपने गांव की वेबसाईट खोलकर जांच लेगा कि कहीं किसी योजना का लाभ कोई गलत व्यक्ति तो नहीं ले रहा है, जो इस योजना का लाभ लेने का हकदार नहीं है। सबसे बड़ा भ्रष्टाचार तो विकास कार्यों में होने वाली गड़बड़ी का भी थमेगा जैसे कई बार सरपंच-पंच कागजों में ही गलियां- नालियां बना डालते हैं और मिल-बांटकर सरकारी पैसा डकार जाते हैं क्योंकि ग्रामीण जागरूक नहीं हैं। ग्रामीणों को यह नहीं पता होता कि सरपंच-पंच ने क्या-क्या विकास कार्य लिस्ट में चढ़ा दिए हैं और इन्हें किस वेबसाईट पर चैक किया जाए। अब जब ये सारे रिकॉर्ड ग्रामीण हर पल गांव की वेबसाईट पर खुद चैक करने लगेंगे तो काफी हद तक विकास कार्यों में किया जाने वाला यह भ्रष्टाचार भी रूकेगा। क्योंकि फिर कोई भी ग्रामीण पूछ लेगा कि भाई ये फ्लां गली-नाली तो आपने बनाई ही नहीं या मुरम्मत नहीं करवाई तो यहां लिस्ट मेंं क्यूं दिखाई दे रही है। और सबसे बड़ी बात इस वेबसाईट प्रोजेक्ट से पारदर्शिता भी आएगी, हर तरह के गड़बड़झाले रूकेंगे।


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