और बढ़ेगी जिला परिषदों की पॉवर, सीएम मनोहर लाल ने किया ऐलान


 14 फरवरी 2020, 1:00 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन 
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने जिला परिषदों को और अधिक शक्तियां प्रदान करने का ऐलान किया है ताकि विकास प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री मनोहर लाल यहां पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विश्राम गृह में अंतर जिला परिषद (ग्रामीण) की दूसरी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर सीएम ने जिला परिषदों को और अधिक सशक्त करने के लिए शक्तियों का विकेंद्रीकरण करने की घोषणा की, इनमें पर्यावरण विभाग की स्कूलों में ईको क्लब, शिक्षा विभाग की स्वर्ण जयंती सांस्कृतिक कार्यक्रम, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े कल्याण विभाग की समरसता पर सेमिनार व डिबेट करवाने की योजना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की गांव में बायो गैस प्लांट स्थापित करना, प्राथमिक विद्यालयों के भवनों का रखरखाव का कार्य, कृषि विभाग की फसल विविधिकरण योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई व धान के स्थान पर कम पानी वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करने की योजना तथा डा0 बीआर अम्बेडकर हाउसिंग नवीनीकरण योजना शामिल है। बैठक के दौरान हरियाणा स्वर्ण जयंती वित्त प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक व अंतर जिला विकास परिषद के सदस्य सचिव विकास गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, पर्यावरण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डा0 महावीर सिंह के अलावा विभागों के प्रशासनिक सचिव, पंचकूला के उपायुक्त एम के अहुजा के अलावा जिला परिषदों व पंचायत समितियों के अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित विभाग के अन्य अधिकारी व अनेक सरपंच मौजूद रहे।

विकास कार्यों में आड़े नहीं आएगी धन की कमी 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरआईज को पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा व स्वच्छता में सुधार की योजनाओं पर अधिक ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। अपने क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए। राज्य सरकार ने हरियाणा तालाब प्रधिकरण का गठन भी किया है, जिसके तहत प्रदेश के 14,000 तालाबों के पानी को उपचारित कर सिंचाई व अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा। इसमें स्थानीय जन प्रतिनिधियों की भागीदारी अधिक से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

आंगनवाड़ी व सब हेल्थ सेंटर की निगरानी के लिए गठित होगी स्पेशल विंग 
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिला परिषदों को आंगनवाड़ी व उप-स्वास्थ्य केन्द्रों की कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए एक स्पेशल विंग गठित करने के भी निर्देश दिए, जो सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रेषित करेगी। हरियाणा ने पढ़ी-लिखी पंचायतें देकर देश के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करने के बाद  पिछले दो वर्षों से अंतरार्जीय परिषद की तर्ज पर अंतर जिला परिषद का गठन करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला परिषदों को औसतन 20 से 25 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट आबंटित किया जाएगा।  मुख्यमंत्री द्वारा जिला परिषदों को आउट सोर्सिंग पोलिसी के तहत व प्रतिनियुक्ति के आधार पर इंजीनियरिंग, सामाजिक क्षेत्र, लेखाकार व अन्य विशेषज्ञों के 9 श्रेणियों के पद भरने की अनुमति भी दी जा चुकी है।

अपना बजट पारित कर सरकार को भेजें जिला परिषद
सीएम ने  कहा कि राज्य सरकार का बजट पास होने के बाद जिला परिषद अपन बजट हाउस में पारित कर सरकार को भेजें, ताकि उसे सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जिला परिषदों को 184 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया था। चालू वित्त वर्ष के दौरान 74.44 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं तथा 39.58 करोड़ रुपये की राशि एक सप्ताह के अन्दर जारी कर दी जाएगी।

आय के संसाधन बढ़ाने की योजना तेयार करें जिला परिषद 
बैठक में उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जिनके पास विकास एवं पंचायत का कार्यभार भी है, ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्थानीय स्तर पर अपनी आय के संसाधन बढ़ाने की योजना जिला परिषदों को तैयार करनी चाहिए। हर छ: महीने में दो दिन का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए और उसमें सभी सदस्यों से सुझाव आमंत्रित कर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर बजट बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नये विजन के साथ योजनाएं तैयार करने की जिम्मेवारी जिला परिषदों की बनती है।

आंगनवाड़ी केंद्रों में खुलेंगे प्ले स्कूल 
बैठक के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इंद्री खण्ड के खुर्दबन गांव के सरपंच, जिन्होंने अपने गांव में आंगनवाड़ी केन्द्र में प्ले स्कूल का मॉडल पेश किया है, उसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि भविष्य में आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्ले स्कूल खोले जाएंगे, जिसके लिए इस सरपंच को रॉल मॉडल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज से पहले पंचायती राज की शक्तियां राज्य सरकार के पास रहती थी परंतु आज हमने कुछ विभागों के कार्य लोकतंत्र की छोटी सरकारों को सौंपे।

17 से 19 फरवरी को बुलाई गई है विधायकों की प्री बजट बैठक 
मुख्यमंत्री ने जिला परिषदों के अध्यक्षों से सीधा संवाद किया तथा ओपन हाउस का आयोजन कर आगामी वित्त वर्ष के दौरान बजट में शामिल करने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अन्दर-अन्दर जिला परिषदों के अध्यक्ष अपने सुझाव भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि 17 से 19 फरवरी तक विधायकों से सुझाव आमंत्रित करने के लिए प्री-बजट बैठक बुलाई गई है।

Post a Comment

0 Comments