- मकानों की गुणवत्ता, परिवार में उपलब्ध सुख -सुविधाओं और परिवार में उपलब्ध सम्पत्तियों से संबंधित देनी होगी जानकारी
15 जनवरी 2020, 8:23 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना 2021 के पहले चरण की शुरुआत 1 मई से होगी। एक मई से 15 जून तक मकान सूचीकरण व मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के लिए राज्य में लगभग 58 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षकों को आंकड़े एकत्रीकरण के काम में लगाया जायेगा। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित जनगणना 2021 एवं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अद्यतन करने सबंधी तैयारियों का पुनरीक्षण करने के लिए मण्डल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों और प्रधान जनगणना अधिकारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में दी गई। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने मण्डल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों और प्रधान जनगणना अधिकारियों को जनगणना 2021 के कार्य को जनगणना कलेण्डर के अनुसार समयबद्ध रूप से किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनगणना 2021 इतिहास में पहली जनगणना होगी जो पूरी तरह से डिजिटल होगी। इस जानकारी से राज्यों को भी अपनी योजनाएं बनाने में बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनगणना 2021 के लिए आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि नागरिक गणना की बारिकीयों से अवगत हो सकें।सम्मेलन में बताया गया कि 1 मई, 2020 से 15 जून के मध्य आयोजित होने वाले जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की गणना की जाएगी, जिसके अंतर्गत मकानों की गुणवत्ता, परिवार में उपलब्ध सुख -सुविधाओं और परिवार में उपलब्ध सम्पत्तियों से संबंधित प्रश्न पूछे जायेंगे।
9 फरवरी 2021 से शुरु होगा जनगणना का दूसरा चरण
जनगणना का द्वितीय चरण जनसंख्या की परिगणना 9 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक एवं उसके साथ रिविजनल राउण्ड 1 से 5 मार्च 2021 में मध्य आयोजित किया जायेगा। हरियाणा राज्य में लगभग 58000 प्रगणक और पर्यवेक्षकों को आंकड़े एकत्रीकरण के काम में लगाया जायेगा। जिला जनगणना अधिकारियों एवं तहसीलदार-सह-चार्ज अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण 19 फरवरी से 4 मार्च, 2020 के मध्य आयोजित किया जायेगा। जिसके बाद लगभग 900 फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण मार्च, 2020 में आयोजित किया जायेगा। जिसके उपरांत इन फील्ड ट्रेनरों द्वारा अप्रैल, 2020 में प्रगणको एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा।
नहीं मांगे जाएंगे कोई दस्तावेज
जनगणना 2021 के लिए नागरिकों से किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं मांगे जाएगे। नागरिकों से केवल कुछ प्रश्नों के जवाब मांगे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना करते समय प्रधान जनगणना अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि नागरिकों से केवल प्रश्नावली में दिए गए प्रश्न ही पूछे जाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना के समय एकत्रित किया गया व्यक्तिगत डाटा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।


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