10 फरवरी 2020, 4:49 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंकशन
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने राज्य के उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए रीडिंग मिशन-हरियाणा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत राज्य की स्टेट यूनिवर्सिटीज, गवर्नमैंट एवं गवर्नमैंट-एडिड कालेजों में पुस्तक-समीक्षा पर चर्चा तथा मॉस-लेवल पर समाचार-पत्र या पुस्तक पढ़ऩे का समय निर्धारित किया जाएगा।हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने बताया कि पुस्तकें पढ़ने से व्यक्ति की समतावाद, सहिष्णु व न्याय करने की प्रक्रिया में वृद्धि होती है तथा सामाजिक मूल्यों का विकास होता है। ऐसे में अगर रीडिंग पर फोकस किया जाए तो विद्यार्थियों के लिए काफी लाभदायक होगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने भी ह्यरीडिंग मिशन-2022ह्ण शुरू किया है। यह मिशन काफी नवीन व समकालीन है, इससे पुस्तकों की खोई हुई गरिमा वापस आएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के मिशन को ध्यान में रखकर ही हरियाणा सरकार ने प्रदेश के उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों में पढऩे की आदत विकसित करने के लिए रीडिंग मिशन-हरियाणा अभियान आरंभ किया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों के अलावा अध्यापकों व समाज के अन्य लोगों में भी पढऩे की प्रवृत्ति विकसित करना तथा वर्ष 2022 तक युवाओं को डिजिटल लर्निंग करवाना है।
माह में एक दिन आयोति होगा पुस्तक-समीक्षा सत्र
शिक्षा मंत्री ने बताया कि रीडिंग मिशन-हरियाणा अभियान के तहत राज्य की स्टेट यूनिवर्सिटीज, गवर्नमैंट एवं गवर्नमैंट-एडिड कालेजों में माह में एक दिन पुस्तक-समीक्षा का सत्र आयोजित किया जाएगा तथा एक दिन मॉस-लेवल पर समाचार-पत्र या पुस्तक पढऩे का समय निर्धारित किया जाएगा जिसमें विद्यार्थी, अध्यापक, प्राचार्य व गैर-शैक्षणिक स्टॉफ के सदस्य भी हिस्सा लेंगे। इसी प्रकार, समैस्टर में एक बार अंतर्कक्षा मल्टी-डिसिप्लीनरी क्वीज भी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इलैक्ट्रोनिक गैजेटस आने के बाद लोगों में पुस्तकें पढऩे की आदत कम होती जा रही है, ऐसे में इस मिशन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों व समाज के अन्य वर्गों में पुस्तकों को पढ़ने की आदत बनाए रखना है।


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