10 फरवरी 2020, 2:14 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकारी नौकरियों में प्रमोशन के लिए कोटा या आरक्षण की मांग को मौलिक अधिकार नहीं मानने के फैसले पर सियासत शुुरु हो गई है। इस मुद्दे को लेकर आज लोकसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल व एनडीए के घटक दल इसका विरोध कर रहे हैं। हंगामे की बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला संवेदनशील है और सरकार इस पर बयान देगी। स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष के हंगामे को देखते हुए कहा कि वे यह मुद्दा जीरो आॅवर में उठा सकते हैं।
जानें, क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकारी नौकरियों में प्रमोशन के लिए कोटा या आरक्षण की मांग करना मौलिक अधिकार नहीं है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी सेवा में कुछ समुदायों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न दिए जाने का आंकड़ा सामने लाए बिना राज्य सरकारों को ऐसे प्रावधान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर करता है कि उन्हें प्रमोशन में आरक्षण देना है या नहीं? कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की अपील पर यह टिप्पणी की थी।
राहुल ने बताया भाजपा की साजिश
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, भाजपा आरक्षण के खिलाफ है। वह आरक्षण को संविधान से निकालना चाहती है। यह चाहते हैं कि एससी-एसटी समुदाय कभी आगे न बढ़े और यह जो कहा है कि आरक्षण मौलिक अधिकार ही नहीं है, यह भाजपा की साजिश है। उत्तराखंड की सरकार ने यह बहस की है। आरएसएस-भाजपा वाले चाहे जितने सपने देख लें, लेकिन हम इसे हटने नहीं देंगे। संविधान पर आक्रमण हो रहा है। हर संस्थान को तोड़ा जा रहा है। ज्यूडिशियरी और लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभों को एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है।


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