मंदबुद्घि बच्चों के इलाज के लिए रैडक्रास में मिलें अभिभावक
नागरिक अस्पताल का कमरा नंबर 104 मानसिक बीमारी के इलाज के लिए किया गया है रिजर्व
मानसिक अक्षम लोगों के अधिकारों की जागरूकता के लिए चलाया डोर-टू-डोर अभियान
हिसार मीडिया जंक्शन
हिसार। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पंचकुला के निर्देशानुसार व जिला एवं सत्र न्यायधीश अरुण कुमार सिंगल तथा सीजेएम सुरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा मानसिक बीमार व मानसिक विकलांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना-2015 के अंतर्गत दो दिवसीय विशेष जागरूकता शिविर व डोर-टू-डोर अभियान आयोजित किया गया। सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मानसिक बीमारी लाइलाज नहीं है और सही समय पर इलाज करवाने से यह ठीक हो सकती है। उन्होंने कहा कि मंदबुद्घि बच्चों के इलाज के लिए अभिभावक जिला रेड क्रॉस सोसायटी में संचालित आंचल मानसिक विकास केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। यहां छोटे बच्चों के मानसिक रोगों का निशुल्क उपचार किया जाता है।उनहोंने बताया कि नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 104 को मानसिक बीमारी के इलाज के लिए रिजर्व किया गया है जहां पर कोई भी व्यक्ति अपना इलाज करवा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में 18 वर्ष तक के मानसिक अक्षम बच्चों को निशुल्क शिक्षा पाने का अधिकार है।
मंदबुद्घि बच्चों को मिलती है 1400 रु पेंशन
जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय द्वारा मानसिक अक्षम बच्चों को 1400 रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 29 जून तक विभिन्न स्थानों पर पैनल अधिवक्ताओं व पीएलवी द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नागरिक अस्पताल का कमरा नंबर 104 मानसिक बीमारी के इलाज के लिए किया गया है रिजर्व
मानसिक अक्षम लोगों के अधिकारों की जागरूकता के लिए चलाया डोर-टू-डोर अभियान
हिसार मीडिया जंक्शन
हिसार। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पंचकुला के निर्देशानुसार व जिला एवं सत्र न्यायधीश अरुण कुमार सिंगल तथा सीजेएम सुरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा मानसिक बीमार व मानसिक विकलांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना-2015 के अंतर्गत दो दिवसीय विशेष जागरूकता शिविर व डोर-टू-डोर अभियान आयोजित किया गया। सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मानसिक बीमारी लाइलाज नहीं है और सही समय पर इलाज करवाने से यह ठीक हो सकती है। उन्होंने कहा कि मंदबुद्घि बच्चों के इलाज के लिए अभिभावक जिला रेड क्रॉस सोसायटी में संचालित आंचल मानसिक विकास केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। यहां छोटे बच्चों के मानसिक रोगों का निशुल्क उपचार किया जाता है।उनहोंने बताया कि नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 104 को मानसिक बीमारी के इलाज के लिए रिजर्व किया गया है जहां पर कोई भी व्यक्ति अपना इलाज करवा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में 18 वर्ष तक के मानसिक अक्षम बच्चों को निशुल्क शिक्षा पाने का अधिकार है।
मंदबुद्घि बच्चों को मिलती है 1400 रु पेंशन
जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय द्वारा मानसिक अक्षम बच्चों को 1400 रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 29 जून तक विभिन्न स्थानों पर पैनल अधिवक्ताओं व पीएलवी द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


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