फ्री कानूनी सेवा के हकदार हैं मानसिक रोगी

मानसिक दिव्यांगों को जबरन नहीं डाल सकते जेल में 
मानसिक दिव्यांगजनों के लिए चलाया कानूनी जागरूकता कार्यक्रम 


मीडिया जंक्शन न्यूज

Jun 24, 2019, 11:15 PM
हिसार। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुरेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में एडवोकेट दौलतराम गूंदली ने रेलवे स्टेशन एवं उसके आसपास के स्थानों पर मानसिक रूप से बीमार और मानसिक रूप से दिव्यांंग व्यक्तियों के लिए कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पीएलवी बिमला व रेलवे अधीक्षक महेंद्रपाल चुघ ने भी शिरकत की। शिविर में एडवोकेट गूंदली ने बताया कि मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति भी हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं और इन्हें देश के संविधान व कानून के अनुसार सामान्य व्यक्ति की तरह ही सामाजिक, न्यायिक व आर्थिक अधिकार प्राप्त हैं। दिव्यांगजन को भारतीय संविधान की धारा 21 के तहत स्वास्थ्य सेवाएं लेने का अधिकार है जोकि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मानसिक रूप से बीमार व मानसिक रूप से अशक्त व्यक्तियों को जबरन जेल में नहीं डाल सकते हैं। नालसा की स्कीम 2015 के तहत इसमें जनहित याचिका का भी प्रवाधान है। इस नई योजना के तहत एक पुलिस ऑफिसर को अपने हलके में यदि किसी बेसहारा व मानसिक रूप से बीमार व दिव्यांग व्यक्ति का पता चलता है तो वह मेंटल हेल्थ एक्ट की धारा 23 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा 24 के तहत इस प्रकार के व्यक्तियों को इलाका मजिस्ट्रेट के सम्मुख पेश कर सकता है तथा उसको उचित उपचार हेतु माननीय अदालत के आदेश पर किसी मानसिक रोग अस्पताल या सेफ हाऊस में भेज सकता है। यदि इस प्रकार के व्यक्ति की कोई प्रोपर्टी है तो उसको लीगल सर्विस अथॉरिटी बकायदा केस की पैरवी करेगी और उसके आर्थिक अधिकारों की रक्षा करेगी। जरूरी हुआ तो जायदाद केे  लिए रिसीवर भी नियुक्त किया जा सकता है। उन वालिवासिर्यो के खिलाफ जिन्होंने उसको बेदखल किया है, कानूनी कार्यवाही करेगी।

जानें कब-किस गांव में लगेगा शिविर
लीगल सर्विस अथॉरिटी समय-समय पर शिविरों का आयोजन करेगी तथा आम जनता को जागरूक करेगी। इसके तहत कल 25 जून को गांव बालसमंद, 27 जून को बस स्टैंड व ऑटो मार्केट, 28 जून को सूर्य नगर तथा 29 जून को ऋषि नगर व आसपास के क्षेत्र में इस संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मानसिक बिमारी साध्य है तथा इसका ईलाज हो सकता है। 

यहां मुफ्त इलाज करवा सकते हैं मानसिक रोगी
मानसिक रोग ग्रस्त व्यक्ति को लीगल सर्विस अथॉरिटी से फ्री कानूनी सेवा का अधिकार प्राप्त है। ऐसे लोग बहुत संवेदनशील होते हैं तथा उसके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए। ऐसे में यदि कोई बच्चा 18 वर्ष से कम है तो उनके लिए जिला समाज कल्याण विभाग से उचित पेंशन का अधिकार है। इस नई स्कीम के तहत प्रत्येक जिले में सामान्य अस्पताल तथा रैडक्रॅास भवन में इस प्रकार के व्यक्तियों के लिए मुफ्त इलाज का प्रावधान है। 

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