हरियाणा : 19 जिलों के 81 डार्क जोन ब्लॉकों में 15 सितंबर तक चलेगा विशेष जल संरक्षण अभियान
पीएम मोदी के जल शक्ति विजन को रफ्तार देने में जुटी हरियाण सरकार
हर गांव में 500 तो पूरे हरियाणा में 30 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
नहर से जुड़े 4 हजार तालाबों का भी होगा कायाकल्प
मीडिया जंक्शन समाचार
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल शक्ति विजन को आगे बढाने को हरियाणा ने पहल की है। इस कड़ी में प्रदेश सरकार ने राज्य के 19 जिलों के 81 डार्क जोन ब्लॉकों में 1 जुलाई से 15 सितंबर तक विशेष जल संरक्षण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है जो बाद में पूरे प्रदेश में चलाया जायेगा। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा की अध्यक्षता में जलशक्ति अभियान के लिए गठित राज्य स्तरीय मानिटरिंग कमेटी में केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया कि भारत सरकार की फलैगशीप योजना जल शक्ति अभियान के तहत बारिश के पानी का संग्रहण और भू-जल की रिचार्जिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त डिजिटल वाटर मीटर लगाकर भी पानी का बचाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभियान को सफल बनाने के लिए त्वरित योजना और शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता है जिसके लिए विभिन्न सब-कमेटियां गठित की गई हैं जल संरक्षण एवं बारिश के पानी का संग्रहण एवं पारंपरिक और अन्य जल निकायों/ टैंक का नवीकरण एवं ब्लॉक एवं जिला जल संरक्षण योजना के लिए सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में, पुन: उपयोग, बोरवेल रिचार्ज स्ट्रकचर के लिए कृषि विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में , गहन वनीकरण के लिए प्रधान सचिव, वन विभाग की अध्यक्षता में सब-कमेटी होंगी।
बैठक में श्रीमती अरोड़ा ने कहा कि जल शक्ति अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है जिसे जल्द पूरा करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3 शहरी स्थानीय निकाय नामत: गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल में पौधारोपण को बढ़ावा दिया जाए। इसके अलावा, हर गांव में 500 पौधों के अनुसार राज्य के ग्रामीण क्षेत्र में 30 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
भू-जल रिचार्जिंग को चिहिन्त होंगे बोरवेल
हरियाणा सरकार भू-जल की रिचार्जिंग के लिए आगामी कुछ दिनों में ऐसे बोरवेल को चिहिन्त करेगी जिन्हें रिचार्ज किया जा सके। इसके लिए हर जिले में 100 बोरवेल का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पानी को बचाने के लिए पंचायत और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के टयूबवेलों पर डिजिटल वॉटर मीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर सेंट्रल कंट्रोलिंग स्टेशन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अब भवनों के नियमों के तहत नए भवनों के निर्माण के समय रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। उसी प्रकार, पुराने भवनों के लिए भी इसे अनिवार्य किया जाए ताकि बारिश के पानी का ज्यादा से ज्यादा संग्रहण हो सके।
हरियाणा के 17 शहरों में बरसाती जल संग्रहण का मसौदा तैयार
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अनुसार भारत सरकार द्वारा अमृत योजना के दिशानिदेर्शों में बदलाव करके प्रदेश के 17 शहरों में बारिश के पानी का संग्रहण, जलाशय का जीर्णोद्धार और पौधारोपण को शामिल किया गया है। विभाग अधिकारियों ने बताया गुरुग्राम में नगर निगम द्वारा एजेंसियों को एम्पैन्लड किया गया है जिसके माध्यम से भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण और रखरखाव किया जा रहा है और लोगों द्वारा भी इस मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया जा रहा है। अब इस मॉडल को प्रदेश की अन्य शहरी स्थानीय निकायों में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा नहर से जुड़े 4 हजार तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इन तालाबों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा ताकि इनमें अधिक मात्रा में पानी को एकत्र किया जा सके।
अभियान का हस्सिा बनेंगे स्कूल-कॉलेज स्टूडेंट्स
स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को जल शक्ति अभियान के साथ जोड़े जाने की योजना है ताकि बच्चों को भी पानी को बचाने के प्रति जागरूक किया जा सके। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि स्कूलों में एक दिन निश्ख्ति किया जाए और उस दिन बच्चों को जल संरक्षण की शपथ दिलवाई जाए। इसके साथ ही, एनजीओ को भी इस अभियान में जोड़ा जाए और आमजन को पानी बचाने और पानी का संरक्षण करने के प्रति जागरूक किया जाए।


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