अमरूत योजना : हरियाणा को 20 शहरोें के लिए मिले 14.39 करोड़

अमरूत योजना : हरियाणा को 20 शहरोें के लिए मिले 14.39 करोड़ 


मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय ने अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एण्ड अर्बन ट्रांसफारमेशन (अमरुत) के तहत सुधार प्रोत्साहन के तौर पर हरियाणा को 14.39 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। पूर्ववर्ती वर्ष 2018-19 में केंद्र सरकार की इस योजना के तहत हरियाणा ने  6.40 करोड़ रुपये की राशि हासिल की थी। राज्य सरकार ने इस प्रोत्साहन के दावे के लिए 70 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के 20 शहरों (18 शहरी स्थानीय निकायों) नामत: गुरुग्राम, पंचकूला, अम्बाला शहर, अम्बाला सदर, यमुनानगर, जगाधरी, करनाल, हिसार, रोहतक, फरीदाबाद, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी, भिवानी, थानेसर, सोनीपत, बहादुरगढ़, पलवल, सिरसा और जीन्द को अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एण्ड अर्बन ट्रांसफारमेशन (अमरुत) के तहत कवर किया गया है। उन्होंने बताया कि मूलभूत सुविधाओं के लिए आधारभूत संरचना सजृत करने के साथ-साथ मिशन का केन्द्र बिन्दु शहरी स्थानीय निकायों का सुधार और क्षमता निर्माण करना भी है।  इन सुधारों का उद्देश्य नागरिक सेवाओं की प्रदायगी में सुधार करना, प्रदायगी की लागत को कम करना, वित्तीय स्थिति में सुधार करना, संसाधनों का संवर्धन और पारदर्शिता बढ़ाना है। मिशन ने निर्धारित समय सीमा के अन्दर इन सुधारों को हासिल करने वाले राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों को प्रोत्साहन के तौर पर वार्षिक बजटीय आवंटन का 10 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया है। इन सुधारों में नागरिकों को आॅनलाइन सेवाएं, सभी स्वीकृतियों के लिए सिंगल विण्डो की स्थापना, पालिका काडर की स्थापना करना, करों/उपयोगकत्र्ता शुल्कों के संग्रहण तथा बिलिंग का कम से कम 90 प्रतिशत हासिल करना, प्रत्येक वर्ष बच्चों के लिए कम से कम एक पार्क विकसित करना, पार्कों के लिए रखरखाव प्रणाली तथा खेल के मैदान स्थापित करना, क्रैडिट रेटिंग आदर्श भवन उपनियम लागू करना इत्यादि शामिल है।

जानें क्या है अमरुत योजना 
बता दें कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक घर को पानी की आपूर्ति के लिए नल और सीवरेज कनैक्शन तक पहुंच सुनिश्चित करने; हरियाली तथा बेहतर रख-रखाव वाले खुले स्थान (पार्क इत्यादि) विकसित करके शहरों की सुविधाएं बढ़ाकर; तथा  सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देकर या नॉन-मोटरराइज्ड ट्रांसपोर्ट (पैदल या साइकिल) सुविधाएं बढ़ाकर प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से जून,2015 में अमरुत के नाम से एक नई योजना शुरू की गई थी।

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