मीडिया जंक्शन स्पेशल : भगाना की इन दंगल गर्ल को पुरुष पहलवानों संग कुश्ती लड़ने में भी नहीं है कोई परहेज
इंटरनेशनल स्तर पर लट्ठ गाड़ने को हिसार में तैयार हो रही पांच और दंगल गर्ल
ओलंपिक व कामनवेल्थ खेलों में गोल्ड मैडल हासिल करना ही है असल टारगेट
Jul 23, 2019, 09:45 AM
संदीप कम्बोज। मीडिया जंक्शन स्पेशल
हिसार। भोर होते ही वे एकेडमी में जुट जाती हैं पसीना बहाने में। रोजाना 7 घंटे तक पसीना बहाती हैं सिर्फ इसलिए कि ओलंपिक व कामनवेल्थ खेलों में भारत को गोल्ड मेडल दिला सकें। हम बात कर रहे हैं हिसार के गांव भगाना की पांच दंगल गर्ल की जिन्होंने देश के लिए कुछ कर गुजरने का सपना पाला है। 10 से 25 वर्ष तक की इन महिला खिलाड़ियोें को पुरुष पहलवानों संग कुश्ती में भी न ही तो कोई परहेज है और न शर्म। लड़कों को भी ऐसे उठा-उठाकर पटकती हैं मानो सामने दंगल फिल्म का दृश्य चल रहा हो। गंगवा स्थित सुशील कुमार कुश्ती एकेडमी में इन दिनों महिल खिलाड़ियों की फौज तैयार हो रही है। एकेडमी में लगभग सौ महिला कुश्ती खिलाड़ियों को रोजाना 7 घंटे का कडा कुश्ती प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें दंगल कुश्ती व टैक्नीकल कुश्ती के दांव-पेंच सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षण पाने वाली महिला खिलाड़ियों की आयु मात्र 10 वर्ष लेकर 25 वर्ष तक है ये कुश्ती सब जूनियर तथा सीनियर वर्ग की खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेती आ रही हंै। और खास बात यह कि इन महिला खिलाड़ियों को लड़कों से कुश्ती लड़ने में किसी तरह की कोई गुरेज व शर्म नहीं है वे प्रशिक्षण के दौरान लड़कों को खेल में पछाडं देती हंै। इनका मानना है कि लड़कों के साथ कुश्ती करने से लडकियों में साहस की क्षमता ज्यादा बढ़ती है। भगाना गांव की जिन पांच इंटरनैशनल खिलाड़ियों की हम बात कर रहे हैं, वे हैं अतिम, अंजू, कुमारी, मनीषा, ज्योति व पूजा हैं। इन खिलाड़ियों के मुताबिक उनका अगला उद्देश्य कामनवेल्थ गेम्स व ओलंपिक गेम्स में हर हाल में गोल्ड मैडल हासिल करना है।
आईपीएल में दंगल गर्ल रितु फोगाट को हरा चुकी है अंजु
बता दें कि इस एकेडमी की खिलाड़ी अंजु आईपीएल में दंगल गर्ल रितु फोगाट को हरा चुकी है। कुश्ती संघ के प्रधान हवा सिंह खारिया, पूर्व जिला खेल अधिकारी सुभाष सोनी, कुश्ती कोच रोशनी देवी, विकास सिहाग, बलवंच कोच ने बाया कि खिलाड़ियों ने कुछ ही समय में खेल में अच्छी योग्यता हासिल करके कुश्ती खेलो में मैडल हासिल किए हंै। कुश्ती खिलाड़ियों ने बताया कि पूर्व खेल अधिकारी व सीनियर कुश्ती कोच सुभाष सोनी व कोच रोशनी विकास सिहाग द्वारा भी यहां कुश्ती खिलाडियों के द्वारा टैक्नीकल कुश्ती के दांव पेंच सिखाए जाते हैं।
करीब 100 खिलाड़ी सीख रही कुश्ती के दांव-पेंच
कुश्ती एकेडमी के सचांलक व कुश्ती कोच जसबीर ढाका ने बताया कि कुश्ती एकेडमी में हरिायणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान की लगभग 100 महिला खिलाड़ी प्रशिक्षण हासिल कर रही हंै इनमें 10 से 22 आयु वर्ग की खिलाड़ी शामिल है। ये कुश्ती के साथ-साथ आस-पास के स्कूलों में पढ़ भी रही हैं। यहां दगलों में मिट्टी के दावपेच सिखाए जाते हंै तथा इंटरनैशनल कुश्ती के लिए टैकनीकल दांवपेंच भी सिखाए जाते हंै।


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