सावधान! आपकी जेब में रखा नोट कहीं नकली तो नहीं

सावधान ! आपकी जेब में रखा नोट कहीं नकली तो नहीं 
यमुनानगर में इस तरह खपाए जा रहे हैं नकली नोट, पढें पूरी रिपोर्ट



सतीश कुमार। मीडिया जंक्शन 
यमुनानगर। सावधान! आपकी जेब में रखा नोट भी कहीं नकली तो नहीं है। ध्यान से चेक कर लीजिएगा। किसी से भी पैसों का लेन-देन करते वक्त बहुत ही सावधानीसे अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करके ही नोट लें क्योंकि वह नोट नकली भी हो सकते हैं। जी हां ! आजकल बाजार में नकली नोटों की बड़ी खेप खपाई जा रही है। कई कंपनियां तो गरीब मजदूरों को सेलरी तक बांटने में असली नोटों के बीच नकली नोट मिलाकर चूना लगा रहे हैं। इसका ताजा खुलासा हुआ है जिला यमुनानगर के रादौर के जठलाना थाना अंतर्गत गांव खजूरी में। यहां एक फैक्ट्री संचालक मजदूरों को वेतन बांटते वक्त असली नोटों के बीच नकली नोट मिला देता था। पुलिस ने दुकानदारों की शिकायत पर दो आरोपियों को काबू कर जांच शुरु कर दी है। पकड़े गए आरोपियों के पास से करीब चालीस हजार रूपए के नकली नोट भी बरामद हुए हैं। बरामद सभी नोट 100 रूपए के बताए जा रहे हैं। तो आप भी भविष्य में किसी से भी लेन-देन करते वक्त नोटों से ध्यान से चेक कर लिजिएगा। वरना आपका पछताना पड़ सकता है। यदि आपको नोटों की पहचान नहीं है तो चलिए आज हम आपको बता देते हैं जिससे आप असली नोटों की पहचान आसानी से कर पाएंगे।

क्या है 2000 के नोट का साइज
2000 के नोट का बेस कलर मैजेंटा है और इसका साइज 66 मिमी गुणा 166 मिमी है। नोट के फ्रंट पर महात्मा गांधी और पीछे की तरफ मंगलयान की तस्वीर लगी है।

500 के नए नोट का क्या है साइज
500 के नए नोटों के रंग, थीम, डिजाइन और सिक्योरिटी फीचर की जगह पुराने नोट की तुलना में अलग हैं। 500 के नए नोट का आकार 63 मिमी गुणा 150 मिमी है। यह नए कलर में है जो स्टोन ग्रे है। इसका थीम दिल्ली के लाल किले पर आधारित है। स्वच्छ भारत अभियान का लोगो लगा हुआ है।

2000 रुपए के नोट में असली-नकली में 3 बड़े फर्क हैं
सिक्योरिटी थ्रेड पर भारत, फइक और 2000 लिखा है। नोट को हल्का से मोड़ने पर इस थ्रेड का कलर हरे से बदलकर नीला हो जाता है। तस्वीर में भी आपको दिखेगा कि कैसे नोट का रंग बदल जाएगा। रोशनी में करके इसे ध्यान से देखा जाएगा तो ये साफ-साफ आपको भी नजर आएगा। महात्मा गांधी का वाटरमार्क असली नोट पर हल्की रोशनी या लाइट की रोशनी में देखने पर साफ दिखेगा। लेकिन नकली नोट में ये वाटरमार्क बनाना संभव नहीं है। इसलिए नकली नोट में ये वाटरमार्क नहीं दिखेगा।
नोट के नीचे की तरफ बाईं ओर एक छोटा सा बॉक्स दिखाई देगा। इस बॉक्स को अलग से डार्क बनाया गया है। नोट हाथ में आने पर आराम से इसे देखा जा सकता है। तस्वीर में देखेंगे तो पता चलेगा कि इसे थोड़ा मोड़ने पर इसमें लिखा नोट का मूल्य दिखाई देगा। जबकि नकली नोट में ये मार्क नहीं दिखाई देगा। साथ ही नकली नोट में ये बॉक्स असली के मुकाबले थोड़ा लंबा नजर आएगा।

ये भी हैं कुछ मार्क
देवनागरी में नोट का मूल्य साफ-साफ लिखा दिखाई देगा।
गारंटी क्लॉज, गवर्नर के सिग्नेचर, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ है।
दृष्टिहीनों के लिए महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तम्भ के प्रतीक, ब्लीड लाइन और पहचान चिन्ह खुरदरे बनाए गए हैं।
पुराने नोट की तुलना में महात्मा गांधी की तस्वीर का ओरिएंटेशन और पोजिशन थोड़ा अलग है।

दृष्टिबाधित ऐसे पहचानें
दृष्टिबाधित लोग भी नोटों की पहचान कर सकते हैं। नोट के आगे के हिस्से पर बाईं और दाईं ओर सात लाइन बनी होती हैं। आयताकार आकृति में उभरे अक्षरों में नोट की कीमत लिखी होती है। नोट पर महात्मा गांधी की आकृति और अक्षरों में लिखी कीमत उभरी हुई होती है। इसके साथ ही नोट पर अशोक स्तंभ की आकृति भी उभरी हुई होगी।






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