अब मतदाता चुनेंगे नगरपालिका व नगर परिषदों के अध्यक्ष
विधानसभा की तर्ज पर हर तीन माह बाद बुलाया जाएगा जिला परिषदों व नगर निगम का सत्र
मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। नगर निगम के मेयर चुनाव की तर्ज पर हरियाणा में अब नगर परिषदों व नगरपालिकाओं के अध्यक्षों को भी जनता चुनेगी जबकि इससे पहले चुने गए पार्षद ही इनका चुनाव करते थे। इसके अलावा, जिला परिषदों व नगर निगम के सदस्यों के लिए अब विधानसभा की तर्ज पर हर तीन महीने बाद तीन दिन का सत्र भी बुलाया जाएगा। इन दोनों प्रस्तावों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सैद्घांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कल हुई मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक के बारे में बताया कि जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है, उनमें लोक सभा चुनाव में पार्टी को दिए गए प्रचंड बहुमत के लिए लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए मुख्यमंत्री संभवत: 18 अगस्त से कालका से ह्यजन आशीर्वाद यात्राह्ण आरंभ करेंगे जो 8 सितम्बर तक चलेगी और यह इस दिन ह्यविजय संकल्प रैली के रूप में समाप्त होगी। एक दिन में मुख्यमंत्री छ: विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री 14 जुलाई से हर जिले में राहगिरी कार्यक्रम की भी शुरूआत करेंगे और हर जिले में यह सुबह एक घंटे की अवधि का होगा। मुख्यमंत्री हिसार से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से राहगिरी कार्यक्रम से जुड़ेंगे और अब तक जितने भी राहगिरी कार्यक्रम चलाए गए हैं उनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले व भागीदारी करने वाले गैर-सरकारी संगठनों, समाज के प्रबुध लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले पर यह बोले मंत्री
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले के बारे पूछे जाने पर बेदी ने कहा कि कुछ मामले वर्ष 2012-13 के भी हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस मामले पर संज्ञान लिया है और हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो को इसकी जांच सौंपी जा चुकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्यों का पता चल पाएगा। वैसे इस प्रकार के वित्त मामलों से जुड़े मुद्दे मंत्री स्तर पर नहीं आते। निदेशालय स्तर पर ही देखे जाते हैं।
एसवाईएल पर अभी नहीं मिली कोर्ट आदेशों की प्रति
एसवाईएल मुद्दे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कल दिए गए दिशा-निदेर्शों के बारे पूछे जाने पर बेदी ने कहा कि अब तक न्यायालय के आदेशों की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। पंजाब व हरियाणा के मुख्यमंत्री व अधिकारी या केन्द्र सरकार के अधिकारी संयुक्त रूप से मिलकर बैठक कर न्यायायलय के आदेशों पर चर्चा करेंगे कि किस एजेंसी से एसवाईएल का कार्य करवाना है। यह मुद्दा हमारे लिए महत्वपूर्ण है और पानी पर हमारा हक है।


0 Comments