व्यंग्य : भ्रष्टाचार की वंदना


               
                         
                                   व्यंग्य : भ्रष्टाचार की वंदना 
भ्रष्टाचार जी! आदरणीय हैं आप! आपकी स्मृति मात्र से ही धुल जाते हैं सारे पाप! आपके श्री चरणों में वंदना सादर समर्पित है! आपकी स्तुति संपूर्ण जीव मात्र को आनंदित कर देती है। तो लीजिए साहिबान! कदरदान! और जो भी जिस-जिस तरह के दान हैं! खूब सुन लीजिए! अपने वंदनीय भ्रष्टाचार जी की स्तुतियों पर दिल खोलकर ताली दीजिए !
भाग-1 : डॉक्टर ने अस्पताल में एक सीरियस रोगी की ओर इशारा करते हुए पूछा -"इसे क्या हुआ? इसका सिर इस तरह से क्यों फट गया?" "सर इसका सिर फटाक बोल गया। ब्लास्ट हो गया। पता चला कि इसने रात में एक सपना देखा। जिसका टाइटल था - भ्रष्टाचार मुक्त भारत।" एक रेजिडेंट ने रहस्योद्घाटन किया। लेकिन यह कंपाउंडर इतना क्यों तड़पा रहा है। तब डॉक्टर को बताया गया- 'जब इस कंपाउंडर ने इसका इलाज करना चाहा तो यह कंपाउंडर भी फट पड़ा।' डॉक्टर सिर पर पांव रखकर भाग खड़ा हुआ।
भाग-2. नरकार्थियों की भारी भीड़ जमा थी। अमेरिकन व भारतीय नरक पास-पास थे। दोनों ही नरकों में नरकार्थी को उबलते तेल की कड़ाही में उल्टा लटकाया जा रहा था। यही नरक का रूल्स था। भारतीय नरक के आगे भारी भीड़ थी। अमेरिकन नरक के सामने कोई नहीं था। पूछा एक नरकार्थी को जो भारतीय नर्क की आकांक्षा में लंबी लाइन में खड़ा था। बताया -यहां उबलते तेल का ठेका एक भारतीय नेता ने लिया है; और उस तेल को गर्म करने का ठेका भी दूसरे भारतीय नेता ने ही लिया है। इन दोनों का भ्रष्टाचार में अहम योगदान था। ऐसे में अब भारतीय नरक से क्या डरना क्योंकि वहां तेल तो मिलेगा नहीं। भ्रष्टाचारी तेल के बजाय सिर्फ पानी ही काम में लेंगे। तब पानी में उल्टा छलांग लगाने से क्या डरना!
भाग-3. अमेरिका ने ऐसे यंत्र का आविष्कार किया जो देश की 2 वर्षीय भ्रष्टाचार रिपोर्ट को फीड करते ही यह बता देते हैं कि उस देश में भ्रष्टाचार कब खत्म होगा। ऐसी 'करप्शन टाइमिंग मशीन' का प्रदर्शन किया जा रहा था। मशीन में अमेरिका में भ्रष्टाचार की 2 वर्षीय रिपोर्ट डाली। मशीन ने उत्तर दिया 5 वर्ष में भ्रष्टाचार खत्म होगा। चीन ने भ्रष्टाचार की 2 वर्ष की रिपोर्ट डाली। मशीन ने 10 वर्ष में भ्रष्टाचार खत्म होने की रिपोर्ट दी। मशीन में भारत के 2 वर्षीय भ्रष्टाचार की रिपोर्ट डाली। तभी अचानक बम जैसी भयानक आवाज आई; और मशीन टुकड़े-टुकड़े होकर वातावरण में बिखर गई।
भाग-4. एक नेता की मौत हो गई। यमदूत ने पकड़कर चित्रगुप्त के सामने खड़ा किया। चित्रगुप्त ने कहा तूने बहुत ऐश किया है। अब तेरी कोई इच्छा शेष है तो बता! नेता ने हाथ जोड़कर कहा -"सर! मुझे एक बार फिर से नेता बनाकर इंडिया में भेज दीजिए।" "क्यों?" चित्रकूट ने कड़क कर पूछा। "सर! मैं 99वें भ्रष्टाचार में ही मर गया। प्लीज! मुझे भ्रष्टाचार का शतक तो बनाने दीजिए। वरना मेरी इज्जत क्या रह जाएगी!"
भाग-5. एक कबाड़ी को एक पुरानी बोतल मिली। वह बैठे-बैठे उसे खुरच ही रहा था कि उससे बोतल का मुंह खुल गया। तभी बोतल से जिन्न निकला और जिन्न ने कहा -"हा हा हा हा हा हा क्या हुक्म है मेरे आका!" तब कबाड़ी ने जिन्न को तरह-तरह के काम बताए। जिन्न ने चंद सेकेंडों में ही सब काम पूरे कर लिए। जिन्न कहता ही रहा -"क्या हुक्म मेरे आका! हा हा हा हा।" तब कबाड़ी ने कहा -"तू ऐसा कर! भारत में से भ्रष्टाचार को खत्म कर दे!" तब जिन्न लगा गिड़गिड़ाने! वह जल्दी से बोतल के अंदर घुस गया और कबाड़ी से रो-रो कर विनती करने लगा। हे मेरे कबाड़ी बाप! जल्दी से बोतल का ढक्कन बंद कर दे।
- रामविलास जांगिड़
उत्तम नगर, घूघरा, अजमेर, राजस्थान

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