हिन्दुस्तान पहले कभी दुश्मन को छेड़ेगा नहीं, और यदि कोई हमें छेडे़गा तो उसे छोडे़ंगे नहीं


हिन्दुस्तान पहले कभी दुश्मन को छेड़ेगा नहीं, और यदि कोई हमें छेडे़गा तो उसे छोडे़ंगे नहीं
नारनौंद में आयोजित 20वें कारगिल विजय दिवस पर बोले वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु






मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार/
नारनौंद। हम किसी भी दुश्मन को पहले छेड़ेगें नहीं और यदि कोई हमे छेडग़ा तो हम उसे छोडग़ें नहीं। ये औजस्वी उद्गार वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने नारनौंद की नई अनाज मण्डी में  आयोजित 20वां कारगिल विजय दिवस समारोह में भूतपूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहें। उन्होंने कहा कि भारत देश हमारी मां और कश्मीर हमारा मस्तक है। इसके मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगें। समारोह में वित्त मंत्री एवं विशिष्ठ अथिति मेजर जनरल डा. रणजीत सिंह ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को पुष्प चक्र भेंट कर श्रद्धाजंली दी। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि देश के वीर सैनिकों के कारण आज हम अपने घरों में चैन से सो पा रहे है। उन्होंने भारत के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि इन वीर जवानों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण अंश को देश की सीमाओं की रक्षा में बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि 1972 के शिमला समझौता के अनुसार लाईन ऑफ कन्ट्रोल पर जो भी पहाडिय़ों की चोटियां है, वहां से दोनों देशों के सैनिक सर्दियों में अपनी-अपनी सीमा मेें चले जाएंगें। परन्तु 20 साल पहले पाकिस्तान ने सभी अन्तर्राष्ट्रीय युद्ध संधियों का उल्घंन करते हुए देश की 150 किलोमीटर लंबी सीमा पर स्थित 400 पहाडिय़ों की चोटियों पर अपना कब्जा कर लिया था। तब हमारे वीर सैनिकों ने अपनी जान पर खेलकर इन चोटियों को दुश्मन के  चंगुल से आजाद करवाया। उन्होंने हाल ही लेह-लद्दाख के अपने प्रवास का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे वहां की दुष्कर चोटियों पर पंहुचे तो पाया कि जून के महीने में वहां का तापमान माईनस 7 डिग्री था। ऐसे में भी हमारे सैनिक वहां मुस्तैदी से तैनात थे। जब उनसे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हम किसी भी कीमत पर अपनी चोटियों पर दुश्मन का दुबारा कब्जा नहीं होने देगें। उन्होंने कहा कि वे वहां सैनिकों के लिए सुुहाली और मठरी लेकर गए थे और सैनिकों ने इतनी ठण्ड में हमेें गर्म चुरमा खिलाया था। यह हमारे सैनिकों का हौसला और गर्मजोशी है। उन्होंने कहा कि 1971 की लड़ाई में हमने तीन नए गांव जोड़े थे, जिनमें से एक गांव तुरतुक में उन्हें जाने का अवसर मिला। जहां कभी पाकिस्तान का झण्डा लहराता था। आज उस गांव में हिन्दुस्तान का तिरंगा फहराया जाता है। उन्होंने कई सैनिकों की बहादुरी के किस्से भी उपस्थित लोगों के साथ सांझा किए। इस अवसर पर पूर्व सैनिक समिति नारनौंद के कैप्टन अशोक लांबा, कैप्टन राजेन्द्र मलिक, हवलदार जगदीश ने मुख्यातिथि कैप्टन अभिमन्यु को तथा कैप्टन महाबीर व सुबेदार वजीर सिंह ने मेेजर जनरल रणजीत सिंह को तलवार व कैप पहनाकर सम्मानित किया। समारोह में पूर्व मंत्री अत्तर सिंह सैनी, वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्र लांबा, अजय सिंधु, सतपाल मलहान, सत्यपाल श्योराण, मंदीप मलिक, मास्टर फूल कुमार, अरूण लोहान, शशी ढाका, बलराज लोहान, सत्यपाल दुहन, कमलेश लोहान, राजेश सूरा,इन्दु मोर, सुशील खरब, राजबीर नैन, कैप्टन ओमप्रकाश सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



आज दुश्मन अच्छे से जानता है हमारी ताकत
वित्त मंत्री ने कहा कि लड़ाई में दोनों देशों के सैनिक अपने-अपने देश के लिए लड़ते हैं। कारगिल के युद्ध में हमने शहीद हुए पाक सैनिकों के पार्थिव शरीर को ससम्मान उनके देश को देना चाहा तो पाकिस्तान ने इन्हें अपनाने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के  बाद वाजपेयी सरकार ने कई एतिहासिक निर्णय लिए। इनके अनुसार शहीदों के शव अब भारत की शान तिंरगें में लपेटकर ससम्मान उनके घर पंहुचाया जाता है। कारगिल युद्ध के बाद शहीदों के परिवारों को पहली बार जीविकोपार्जन के लिए पैट्रोल पम्प व गैस एजेंसी अलॉट किए जाने लगे। इससे पहले राजनीतिक परिवारों को ही ये अलॉटमैंट होती थी। उन्होंने कहा कि आज हमारे सैनिकों के पास विश्व के बेहतरीन व नवीनतम हथियार, उपकरण, वर्दी व सैन्य साजो समान है। बालाकोट की एयर स्ट्राईक व ऊरी की सजिकल स्ट्राईक ने हमारे देश की सोच को ही बदल दिया है। आज दुश्मनों को पता है यदि उसने भारत पर हमला किया तो हम उन्हें जहां भी छुपे होगेें, वहीं हमला करके अपना बदला लेगें। आज अरूणाचल प्रदेश दुश्कर क्षेत्र में 40 हाईवे बनाए गए जहां पर सबसे हेवी एयर क्राफट आसानी से उतर सकता है। हमने अपनी सीमा सडक़ तंत्र को मजबूत किया है ताकि हमारे सैनिक जरूरत पडऩे पर किसी भी समय तुरन्त पंहुच सके। 

भूतपूर्व सैनिकों के खाते में अब तक आ चुके 40 हजार करोड़ रूपये
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में रेवाड़ी में चुनाव से पहले उन्होंने पूर्व सैनिकों व अर्ध-सैनिक बल की एक रैली की थी जिसमें नरेन्द्र मोदी बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए थे। वहां पर रैली का उत्साह देखकर उन्होंने सैनिकों की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था। वर्ष 2014 में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री ने सैनिकों को वन रेंक वन पैंशन लागू करने के निर्देश दे दिए थे। इस कार्य में सरकार पर साढे 12 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त खर्च आना था परन्तु प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए चाहे इस योजना के क्रियान्वन में 15 हजार करोड़ रूपये भी लग जाए तो भी इसे लागू करना है। उन्होंने कहा कि आज भूतपूर्व सैनिकों के खाते में अब तक 40 हजार करोड़ रूपये आ चुके है। 
मोदी सरकार ने 280 से भी ज्यादा शहीदों के परिवारों को नौकरियां दी
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सैनिकों सम्मान के लिए दिल्ली में भव्य राष्ट्रीय स्मारक बनाया गया है जिसमें 26 हजार से भी ज्यादा शहीद सैनिकों के नाम अंकित है। उन्होंने कहा कि हर गांवों में वहां के शहीद सैनिक की मूर्ति लगाई जा रही है ताकि युवा पीढ़ी अपने सैनिकों के बलिदान को याद कर गौरवान्वित हो सके। उन्होंने कहा कि जो कौम और देश अपने शहीदों का सम्मान नहीं करते वे नष्ट हो जाते है, इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने बच्चों को वीर सैनिकों के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भी शहीद परिवारों को नौकरी देने की नीति थी परन्तु कारगिल युद्ध के बाद जहां हमने 38 शहीदों के परिवारों को नौकरी दी वहीं अन्य सरकारों के 10 वर्ष के कार्यकाल में मात्र 18 ही परिवारों को नौकरी दी। मोदी सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल मेें 280 शहीद परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी। हमने नए नियम बनाए है जिसमें फौजी अपने मैडल को सिविल ड्रैस पर भी लगा सकते है और यदि कोई शहीद हो जाता है तो उसके बुुजुर्ग उस मैडल को लगा कर जा सकते है। 

ये विरांगनाएं हुई सम्मानित
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने नारनौंद हलके की विरांगनाओं परमेश्वरी देवी, फूलपति, पताशो देवी, लक्ष्मी देवी, रेशमा देवी, भरपाई, छन्नों देवी, धर्मो, सुनहरी देवी, भतेरी देवी, कृष्णा, चन्द्रपति, गंगा देवी को सम्मानित किया। इसके साथ-साथ उन्होंने शहीदों के परिजनों नामत: मायापति, संतोष, राजसिंह, भानीदेवी, भानपति, सुनील पातड़, मीना देवी, बलमा देवी, सुजानी देवी, सोना देवी, नन्ही देवी, पाल सिंह, बिमला देवी, रामप्यारी, राजबाला, कृष्णा देवी, फूली देवी व सुदेश को भी सम्मानित किया। जिला सैनिक बोर्ड के कल्याण अधिकारी सुशील कुमार ने भूतपूर्व सैनिकों व उनके परिवार के लिए चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

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