हरियाणा : गांवों के सरकारी स्कूलों में अब नहीं रहेगा बिजली का टोटा, जानें क्या है सरकार का नया प्लान
मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़/हिसार। हरियाणा के गांवों में स्थित सरकारी स्कूलों की पढ़ाई में अगर सबसे बड़ी कोई बाधा है तो वह बिजली है लेकिन गांवों के सरकारी स्कूलों में अब बिजली संकट खत्म होने वाला है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक जबरदस्त योजना तैयार की है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सैकेंडरी स्कूलों में स्थापित किए गए एजूसेट सिस्टम को सही ढंग से प्रयोग करने हेतू सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जाएगी ताकि ग्रामीण आंचल के स्कूलों में एजूसेट प्रणाली को सुचारू रूप से बिजली दी जा सके। उहरियाणा के नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री डा. बनवारी लाल ने बताया कि प्रदेश में सौर उर्जा को बढावा देने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रयास किये जा रहे हंै। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 160 सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सौर उर्जा प्लांट स्थापित किये जा चुके है और स्कूलों, आंगनवाडी केन्द्रों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, गौशलाओं तथा सरकारी भवनों की छतों पर सौर उर्जा प्लांट लगाये जा रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों को सौर उर्जा पम्प लगाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिये किसानों को यह पम्प लगाने के लिये लागत खर्च पर 75 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। इसके लिये लगभग 1600 करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। नवीन एवं नवीनीकरण उर्जा विभाग की महानिदेशक डा. रेणू एस. फूलिया ने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा बनाये जाने वाले भवनों तथा निजी संस्थानों के लिये उर्जा सरंक्षण बिल्डिंग कोड 2017 की अनुपालना अनिवार्य की गई है। इस तकनीक के आधार पर बनने वाले मकान न केवल ऊर्जा सरंक्षण में सहयोगी होंगे बल्कि एयर-कंडीशनरों के कारण वातावरण में फैलने वाले कार्बनडाईक्साइड प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी भवनों में एलईडी बल्वों का प्रयोग अनिवार्य किया गया है और यह बल्व 80 प्रतिशत बिजली की बचत करते हैं।
मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़/हिसार। हरियाणा के गांवों में स्थित सरकारी स्कूलों की पढ़ाई में अगर सबसे बड़ी कोई बाधा है तो वह बिजली है लेकिन गांवों के सरकारी स्कूलों में अब बिजली संकट खत्म होने वाला है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक जबरदस्त योजना तैयार की है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सैकेंडरी स्कूलों में स्थापित किए गए एजूसेट सिस्टम को सही ढंग से प्रयोग करने हेतू सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जाएगी ताकि ग्रामीण आंचल के स्कूलों में एजूसेट प्रणाली को सुचारू रूप से बिजली दी जा सके। उहरियाणा के नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री डा. बनवारी लाल ने बताया कि प्रदेश में सौर उर्जा को बढावा देने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रयास किये जा रहे हंै। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 160 सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सौर उर्जा प्लांट स्थापित किये जा चुके है और स्कूलों, आंगनवाडी केन्द्रों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, गौशलाओं तथा सरकारी भवनों की छतों पर सौर उर्जा प्लांट लगाये जा रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों को सौर उर्जा पम्प लगाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिये किसानों को यह पम्प लगाने के लिये लागत खर्च पर 75 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। इसके लिये लगभग 1600 करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। नवीन एवं नवीनीकरण उर्जा विभाग की महानिदेशक डा. रेणू एस. फूलिया ने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा बनाये जाने वाले भवनों तथा निजी संस्थानों के लिये उर्जा सरंक्षण बिल्डिंग कोड 2017 की अनुपालना अनिवार्य की गई है। इस तकनीक के आधार पर बनने वाले मकान न केवल ऊर्जा सरंक्षण में सहयोगी होंगे बल्कि एयर-कंडीशनरों के कारण वातावरण में फैलने वाले कार्बनडाईक्साइड प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी भवनों में एलईडी बल्वों का प्रयोग अनिवार्य किया गया है और यह बल्व 80 प्रतिशत बिजली की बचत करते हैं।


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