द्रविडियन यूनिवर्सिटी का स्टडी सैंटर चला रहे भाजपा नेता की शिकायत पहुंची एसपी दरबार



द्रविडियन यूनिवर्सिटी का स्टडी सैंटर चला रहे भाजपा नेता की शिकायत पहुंची एसपी दरबार

शोधार्थियों से फीस लेकर यूनिवर्सिटी में जमा न करवाने का है आरोप 

अब डिग्री दिलाने के लिए बार-बार मांग रहा मोटी रकम 

पीड़ितों ने की सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग



मीडिया जंक्शन समाचार 
हिसार। आंध्र प्रदेश की स्टेट द्रविडियन यूनिवर्सिटी का हिसार के जेबीएचपी कॉलेज नाम से स्टडी सैंटर चला रहे भाजपा एससी सैल मोर्चा हिसार के जिला प्रधान सुल्तान सिंह की शिकायत अब एसपी दफ्तर पहुंच गई है। द्रविडियन यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे शोधार्थी यशवीर दहिया और पृथ्वीराज ने अपनी शिकायत में 10 वर्षो से डिग्री न मिलने के लिए सुल्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप जड़े हंै। इसके लिए इन शोधार्थियों ने सुल्तान पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यशवीर दहिया का आरोप है कि सुल्तान ने हिसार में रैड स्केयर मार्किट के नजदीक द्रविडियन विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश का स्टडी सैंटर चलाया हुआ है। वर्ष 2008-09 में जेबीएचपी कॉलेज, हिसार ने समाचार पत्रों के विज्ञापन देकर इस बात का प्रचार किया था कि वह द्रविडियन से एमफिल और पीएचडी करवा रहा हैं। उस समय हरियाणा के सैंकड़ों छात्रों ने जेबीएचपी में पहुंचकर इसके संचालक एवं डायरेक्टर सुल्तान सिंह से पीएचडी के संदर्भ में बात की। सुल्तान ने बताया कि यह द्रविडियन विश्वविद्यालय का स्टडी सैंटर है। यदि आप पीएचडी करते है तो पेपर, प्रैक्टिकल, सेमीनार व वायवा सब हिसार में होंगे। सुल्तान पर विश्वास करके प्रदेश के सैकड़ों छात्रों ने उनके मार्फत पीएचडी में रजिस्ट्रेशन करवाया। इस रजिस्टे्रशन के लिए बकायदा जो फीस प्रोस्पैक्टस में 15 हजार रुपए दी गई है, वह 24-24 हजार कुल 48-50 हजार दो इन्स्टॉलमेंट में दी गई। डायरेक्टर सुल्तान ने रजिस्ट्रेशन करवाने के साथ-साथ आई कार्ड, टॉपिक अप्रूवल लैटर जारी किये। उस समय छात्रों ने अपने ओरिजनल दस्तावेज भी दिये थे। जो बाद में सुल्तान ने यूनिवर्सिटी से चैकिंग के बाद वापिस लौटा दिये। सभी छात्रों ने हिसार में सुल्तान के सैंटर पर पहुंचकर समय पर फीस देने के साथ-साथ अपनी थिसिस भी जमा करवा दी। थिसिस जमा करवाने का पत्र सभी शोधार्थियों के पास हैं। लेकिन ज्यों-ज्यों वायवा में देरी होती गई, त्यों-त्यों शोधार्थियों की परेशानी बढ़ती गई। सुल्तान से वायवा करवाने के लिए कहा गया तो उसने सीधे तौर पर कहा कि वायवा यूनिवर्सिटी में होगा और यदि किसी को कराना है तो उसके लिए कम से कम 50 हजार रुपए देने होंगे। सुल्तान की बात सुनकर उनके पांव के तले की जमीन खिसक गई। क्योंकि वे पहले ही दो इन्स्टाल में भारी भरकम राशि सुल्तान को दे चुके थे। सुल्तान के व्यवहार से परेशान होकर जब उन्होंने जैसे-तैसे विश्वविद्यालय से संपर्क किया तो वहां उनको ओर भी बड़ा झटका लगा। क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि उनकी पूरी फीस ही जमा नहीं हुई हैं। इसलिए अधिकतर शोधार्थियों ने यूनिवर्सिटी में जाकर अपनी फीस जमा करवानी पड़ी। सुल्तान ने उनके साथ सरासर धोखाधड़ी की हैं। जो रुपए विश्वविद्यालय में जमा करवाने थे, उसने उनको हड़प लिया हैं। इस राशि को लेकर तथा वायवा की बात जब सुल्तान से करते है तो वह अपने लोगों से जान से मारने की धमकी दिलवाता हैं। वह सीधे तौर पर कहता है कि अगर किसी को वायवा करवाना है या फिर वायवा के बाद डिग्री लेनी है तो उसके लिए 50 हजार से ज्यादा की राशि देनी होगी। सुल्तान ने द्रविडियन विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ सांठगांठ की हुई है। इसलिए विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उनकी पीएचडी प्रक्रिया को सिरे चढ़ाना तो दूर की बात, फोन पर बात भी नहीं करते। सुल्तान ने शोधार्थियों से बिना पूछे ही आंध्र प्रदेश के हाई कोर्ट में केस डाल दिया। इस केस में उसने बेरोजगार शोधार्थियों को भी अस्सिटेंट प्रोफेसर दशार्या है। कोर्ट में बिना पूछे केस डालना और झूठे दस्तावेज पेश करना बड़ा जुर्म हैं। इसलिए जो व्यक्ति कॉलेज स्टडी संैटर की आड़ में ब्लैकमेलिंग का खेल रचकर दूसरों के भविष्य को बर्बाद करने पर तुला हुआ है, ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

नहीं रोका तो उजड़ सकता है अन्य छात्रों का भविष्य 
शोधार्थियों ने अपने आरोपों में कहा कि यदि सुल्तान को अभी नहीं रोका गया तो वह दूसरे छात्रों के भविष्य को भी उजाड़ने का काम करेगा।  इस मामले में शोधार्थी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले ही ज्ञापन भेज चुके हैं। क्योंकि अब उनके सामने दो ही रास्ते हैं। यदि डिग्री नहीं मिली तो फिर परिवार सहित आत्मदाह करना पड़ेगा। क्योंकि उनमें अधिकतरों की उम्र 42 साल पार हो गई है। अधिकतर का रजिस्ट्रेशन 30-32 की उम्र में हुआ था। इसलिए भविष्य अंधकार में है और शासन-प्रशासन से न्याय पाने के लिए आज संघर्ष करना पड़ रहा हैं। उन्होंने एसपी से मामला दर्ज कर उक्त भाजपा नेता के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।



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