यमुनानगर : लव जिहाद की कहानी, हमीदा बना पुलिस छावनी ...
मीडिया जंक्शन न्यूज
यमुनानगर। यमुनानगर के हमीदा में आज चहुं ओर पुलिस ही पुलिस दिखाई दे रही है। तनाव इस कदर है कि चप्पे-चप्पे पर दर्जनों पुलिसकर्मी तैनात हैं। दरअसल हिंदू नेता की बेटी द्वारा एक अन्य समुदाय के युवक के साथ निकाह करने के मामले में एसीजेएम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा है कि युवती बालिग है, वह अपनी मर्जी से जिसके साथ रहना चाहे, रह सकती है। कोर्ट ने लड़की की इच्छा अनुसार उसे पुलिस सुरक्षा में पति नदीम के मामा के घर शामली छुड़वाने की इजाजत दे दी है। बता दें कि जिले के हमीदा के हिंदू नेता की बेटी एक मुस्लिम युवक के साथ चली गई थी और उससे शादी कर ली थी। लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी लव जिहाद का शिकार हो गई है। लेकिन युवती ने अदालत में अपनी मर्जी से जाने और शादी करने की बात कही। उसने युवक के साथ जाने की बात कही तो कोर्ट ने उसे उसकी मर्जी से भेज दिया। इसके बाद माता-पिता की बेटी के वापस लौटने की उम्मीद खत्म हो गई। इसके बाद पिता के सामने से बेटी चली गई। युवती ने निकाह के बाद अपना नाम बदलकर हुमायरा कर लिया है। पुलिस उसे लेकर एक बार फिर एसीजेएम गगनदीप मित्तल की कोर्ट में लेकर पहुंची। यहां पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच युवती को अपने साथ ले जानेवाले नबील को भी पेश किया गया। कोर्ट में करीब दो घंटे तक सुनवाई चली। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लड़की बालिग है। अपनी मर्जी से जहां जाना चाहे जा सकती है। पुलिस उसे वहां छोड़कर आए। इसके बाद हुमायरा को कोर्ट के पिछले रास्ते से पुलिस अपने साथ लेकर चली गई। पुलिस उसे और नबील को अलग-अलग गाड़ी में लेकर थानाभवन गई।सीआइए टू के इंचार्ज श्रीभगवान यादव ने बताया कि कोर्ट ने आदेश दिया था कि लड़की बालिग है। वह जहां जाना चाहे, पुलिस उसे छोड़कर आए। लड़की ने कहा कि उसके पति नबील के उत्तर प्रदेश के शामली के थानाभवन में मामा रहते हैं। उसे वहां छोड़ दिया जाए। उसे वहां पर सुरक्षित छोड़ दिया गया।पुलिस पहले हुमायरा को लेकर कोर्ट पहुंची। इसके बाद सदर जगाधरी थाना प्रभारी कंवलजीत मुस्लिम युवक नबील को लेकर पहुंचे। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही। कोर्ट परिसर के चारों ओर पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, एसीजेएम गगनदीप मित्तल की कोर्ट के बाहर भी डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद, डीएसपी आशीष चौधरी, डीएसपी प्रदीप राणा और डीएसपी सुधीर तनेजा समेत सीआइए वन, टू और डिटेक्टिव स्टाफ की टीमें सुरक्षा के लिए लगी रही। इस दौरान नबील की मां शाहिदा और बहन नाबिया भी वहां आए थे। कोर्ट परिसर में युवती के पिता और मां भी थीं। युवती के पिता ने कहा कि उनके साथ गलत हुआ है। सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है। इस तरह से बेटी नहीं बचेगी। जो हमारी बेटी को बहकाकर ले गया, उसे पुलिस सुरक्षा में लेकर आई है। इस दौरान युवती के पिता ने कोर्ट में नारेबाजी भी की। बाद में पुलिस ने उसे समझाकर वहां से हटाया। जब पुलिस युवती को लेकर आई तो उसके पिता ने उसको आवाजें भी दीं, लेकिन बेटी ने इसे अनसुना कर दिया। एसआइटी इंचार्ज डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने लड़की को उसकी इच्छा से कहीं भी जाने की अनुमति दी है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए युवती को नबील के मामा के यहां छोड़ दिया है।
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यमुनानगर। यमुनानगर के हमीदा में आज चहुं ओर पुलिस ही पुलिस दिखाई दे रही है। तनाव इस कदर है कि चप्पे-चप्पे पर दर्जनों पुलिसकर्मी तैनात हैं। दरअसल हिंदू नेता की बेटी द्वारा एक अन्य समुदाय के युवक के साथ निकाह करने के मामले में एसीजेएम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा है कि युवती बालिग है, वह अपनी मर्जी से जिसके साथ रहना चाहे, रह सकती है। कोर्ट ने लड़की की इच्छा अनुसार उसे पुलिस सुरक्षा में पति नदीम के मामा के घर शामली छुड़वाने की इजाजत दे दी है। बता दें कि जिले के हमीदा के हिंदू नेता की बेटी एक मुस्लिम युवक के साथ चली गई थी और उससे शादी कर ली थी। लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी लव जिहाद का शिकार हो गई है। लेकिन युवती ने अदालत में अपनी मर्जी से जाने और शादी करने की बात कही। उसने युवक के साथ जाने की बात कही तो कोर्ट ने उसे उसकी मर्जी से भेज दिया। इसके बाद माता-पिता की बेटी के वापस लौटने की उम्मीद खत्म हो गई। इसके बाद पिता के सामने से बेटी चली गई। युवती ने निकाह के बाद अपना नाम बदलकर हुमायरा कर लिया है। पुलिस उसे लेकर एक बार फिर एसीजेएम गगनदीप मित्तल की कोर्ट में लेकर पहुंची। यहां पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच युवती को अपने साथ ले जानेवाले नबील को भी पेश किया गया। कोर्ट में करीब दो घंटे तक सुनवाई चली। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लड़की बालिग है। अपनी मर्जी से जहां जाना चाहे जा सकती है। पुलिस उसे वहां छोड़कर आए। इसके बाद हुमायरा को कोर्ट के पिछले रास्ते से पुलिस अपने साथ लेकर चली गई। पुलिस उसे और नबील को अलग-अलग गाड़ी में लेकर थानाभवन गई।सीआइए टू के इंचार्ज श्रीभगवान यादव ने बताया कि कोर्ट ने आदेश दिया था कि लड़की बालिग है। वह जहां जाना चाहे, पुलिस उसे छोड़कर आए। लड़की ने कहा कि उसके पति नबील के उत्तर प्रदेश के शामली के थानाभवन में मामा रहते हैं। उसे वहां छोड़ दिया जाए। उसे वहां पर सुरक्षित छोड़ दिया गया।पुलिस पहले हुमायरा को लेकर कोर्ट पहुंची। इसके बाद सदर जगाधरी थाना प्रभारी कंवलजीत मुस्लिम युवक नबील को लेकर पहुंचे। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही। कोर्ट परिसर के चारों ओर पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, एसीजेएम गगनदीप मित्तल की कोर्ट के बाहर भी डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद, डीएसपी आशीष चौधरी, डीएसपी प्रदीप राणा और डीएसपी सुधीर तनेजा समेत सीआइए वन, टू और डिटेक्टिव स्टाफ की टीमें सुरक्षा के लिए लगी रही। इस दौरान नबील की मां शाहिदा और बहन नाबिया भी वहां आए थे। कोर्ट परिसर में युवती के पिता और मां भी थीं। युवती के पिता ने कहा कि उनके साथ गलत हुआ है। सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है। इस तरह से बेटी नहीं बचेगी। जो हमारी बेटी को बहकाकर ले गया, उसे पुलिस सुरक्षा में लेकर आई है। इस दौरान युवती के पिता ने कोर्ट में नारेबाजी भी की। बाद में पुलिस ने उसे समझाकर वहां से हटाया। जब पुलिस युवती को लेकर आई तो उसके पिता ने उसको आवाजें भी दीं, लेकिन बेटी ने इसे अनसुना कर दिया। एसआइटी इंचार्ज डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने लड़की को उसकी इच्छा से कहीं भी जाने की अनुमति दी है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए युवती को नबील के मामा के यहां छोड़ दिया है।



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