हिसार जिले में हैं 601 एड्स मरीज, सरकार इन तक पहुंचाएगी हर सरकारी योजना का लाभ
ग्राम स्तर पर खोले जा रहे हैं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
एक माह में खुल जाएगा एआरटी सेंटर, हिसार के मरीजों को रोहतक जाने की जरूरत नहीं
मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज, 4 अगस्त 2019, 9:57 AM
हिसार। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला हिसार में 601 एड्स मरीज चिह्नित किए गए हैं। प्रदेश सरकार अब इन एड्स मरीजों तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएगी। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने जिला में चिह्नित किए गए सभी पीएलएचआईवी (पीपल लीविंग विद एचआईवी) को स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ भी दिलाए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि पीड़ित परिवार को संबल मिल सके। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को डाटा बेस तैयार करके सभी विभागों के साथ सांझा करने के निर्देश दिए हैं। बत दिवस वे जिला सभागार में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन व अधिक से अधिक व्यक्तियों तक इनका लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव स्याहड़वा व सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया भी मौजूद थे। उपायुक्त ने बताया कि एचआईवी पीड़ित व्यक्तियों को योजनाओं की जानकारी नहीं होती जिस कारण उन्हें दोहरे नुकसान का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी एचआईवी पीड़ित मजदूर का श्रम विभाग में पंजीकरण करवा दिया जाए तो श्रम विभाग की अनेक योजनाओं का लाभ उसे व उसके परिवार को मिल सकता है जो पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ा संबल साबित होता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एचआईवी पीड़ितों का डाटा बेस तैयार करके उसे सभी विभागों से साझा करे ताकि विभाग पीड़ितों को अपनी योजनाओं में शामिल कर सकें। स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि जिला में एचआईवी पीड़ित चिह्नित व्यक्तियों की संख्या 601 है। इन्हें सरकार के माध्यम से दी जाने वाली सभी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आजकल स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसी दवाएं व सुविधाएं हैं जिनकी मदद से एचआईवी पीड़ित व्यक्ति एड्स की स्टेज तक पहुंचने में 15-20 साल का समय निकाल सकते हैं। इस दौरान वे किसी दिक्कत के बिना सामाजिक रूप से सक्रिय जीवन जी सकते हैं। इसके लिए रोग की शुरूआती दौर में ही पहचान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिनके संपर्क में एचआईवी पीड़ितों की जानकारी है वे उनका पंजीकरण स्वास्थ्य विभाग में जरूर करवाएं। एचआईवी की जांच के लिए जिला में छोटे-बड़े कुल 45 केंद्रों संचालित हैं। इस अवसर पर डॉ. राजीव जोहर, आईएमए अध्यक्ष डॉ. जेपीएस नलवा, डीएफएससी सुभाष सिहाग, कार्यक्रम अधिकारी सुनीता यादव, डिप्टी डीईओ अनिता सिंगला, जिला समाज कल्याण विभाग से नरेश बतरा व राजन वर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
एक माह में खुल जाएगा एआरटी सेंटर, हिसार के मरीजों को रोहतक जाने की जरूरत नहीं
जिला उपायुक्त ने बताया कि अब हिसार जिला में एआरटी सेंटर भी मंजूर हो गया है जिससे अब मरीजों को रोहतक भेजने की जरूरत नहीं रहेगी। अगले एक माह में यह केंद्र जिला में शुरू करवा दिया जाएगा।
प्राईवेट अस्पतालों में भी मुफ्त दी जा रही टीबी दवा, मरीज न दें पैसा
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. कौशल वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुसार 2025 तक देश को टीबी से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के माध्यम से टीबी की दवा मुफ्त दी जाती है और मरीजों को नियमित रूप से घर तक दवा पहुंचाकर इसका कोर्स पूरा करवाया जा रहा है। नए टीबी मरीज को अस्पताल भेजने वाले व्यक्ति को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
जिले में खोले जा चुके हैं 34 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 54 तरह की मिलती हैं दवाएं
नागरिक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. तरुण ने बताया कि महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना के तहत ग्राम स्तर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। जिला में अब तक ऐसे 34 सेंटर खोले जा चुके हैं। इन केंद्रों पर मरीजों को 54 प्रकार की ऐसी दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं जो अब तक ज्यादातर नागरिक अस्पतालों में ही उपलब्ध होती थीं। एएनएम व आशा वर्कर्स के अलावा यहां बीएएमएस डिग्रीधारक कम्युनिटी वेलनेस आॅफिसर तैनात किए जा रहे हैं ताकि ग्राम स्तर पर आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके और उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए शहर न भागना पड़े। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग सर्वे के माध्यम से हर परिवार का व्यक्तिगत हेल्थ कार्ड बनाएगा ताकि उन्हें आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।


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