मोबाइल एप बताएगी स्मार्टफोन पर क्या करता है आपका बच्चा
हर माँ-बाप जल्दी से इंस्टॉल कर लें ये मोबाइल एप
स्मार्टफोन पर चिपके रहने वाले बच्चों पर इन मोबाइल एप से रख सकते हैं नजर
नई दिल्ली। इंटरनेट की दुनिया ना सिर्फ अच्छी चीजें सिखाती है बल्कि यहां गलत चीजों का भी भंडार है। कई बार तो ना चाहते हुए भी स्मार्टफोन पर आपत्तिजनक व अश्लील कंटेंट दिखाई देने लगता है। ऐसे में कई माता-पिता या भाई-बहन को अक्सर अपने घर में मौजूद किशोरावस्था के बच्चों की चिंता सताती है कि वह कहीं स्मार्टफोन पर आपत्तिजनक कंटेंट न देखने लगें। इस चिंता से निजात पाने के लिए आप कुछ खास एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
सिक्योर टीन पेरेंटल कंट्रोल
छोटे भाई-बहन या बेटा-बेटी को आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने के लिए SecureTeen Parental Control एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एप स्मार्टफोन की समय सीमा निर्धारित करने का विकल्प देता है। ऐसे में फोन तय समय के बाद खुद ब खुद लॉक हो जाता है। यहां तक कि यह एप आॅनलाइन गतिविधि को भी रिकॉर्ड करता है। इससे आप देख सकते हैं कि आपकी गैरमौजूदगी में छोटा भाई क्या कर रहा था। गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद इस एप से आप इंटरनेट की दुनिया में उपस्थित अनुचित कंटेंट को भी ब्लॉक कर सकते हैं। इन सबके अलावा यह एप माता-पिता या भाई-बहन को फोन का रिमोट एक्सेस का भी फीचर देता है। रिमोट एक्सेस से यूजर दूर बैठे किसी भी फोन को नियंत्रित कर सकता है। इसकी मदद से आप फोन को बंद कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पासवर्ड भी डाल सकते हैं।
पेरेंटल कंट्रोल बोर्ड
स्मार्टफोन से बच्चा किसे कॉल कर रहा है, किससे कितनी देर बात रहा है, किसे कब क्या मैसेज भेज रहा है और फेसबुक-व्हॉट्सएप जैसी सोशल साइट पर वह कब आॅनलाइन है, यह सब जानकारी रखने के लिए ‘पैरेंटल कंट्रोल बोर्ड’ एप मददगार साबित हो सकता है। मां-बाप या भाई-बहन इसके जरिए बच्चों के फोन पर ‘व्हाइट लिस्ट’ और ‘ब्लैक लिस्ट’ भी बना सकते हैं। ‘व्हाइट लिस्ट’ में जहां उन लोगों के फोन नंबर और ईमेल एड्रेस शामिल किए जा सकते हैं, जिन्हें बच्चे को कॉल करने, मैसेज भेजने और सोशल मीडिया अकाउंट पर जुड़ने की अनुमति होगी। वहीं, ‘ब्लैक लिस्ट’ के जरिए ऐसे लोगों को ब्लॉक किया जा सकता है, जिन्हें मां-बाप बच्चों से दूर रखना चाहते हैं। यह एप यूट्यूब, गूगल प्ले समेत अलग-अलग वेबसाइट का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने की सुविधा उपलब्ध कराता है। Parental Control Board को गूगल प्लेस्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
नेटफ्लिक्स
अगर आप नेटफ्लिक्स का इस्तेमाल करते हैं और बच्चों को फोन देते समय आपको डर लगता है कि कहीं उनके बच्चे कहीं कोई गलत सीख वाली वीडियो न देख लें। इससे बचने के लिए नेटफ्लिक्स ने प्रोफाइल नाम का विकल्प दिया है। इसमें एक किड्स नाम का प्रोफाइल है। जब भी आप अपने बच्चे को नेटफ्लिक्स की शानदार वीडियो दिखाना चाहें तो उसमें किड्स प्रोफाइल को एक्टीवेट कर दें। कंपनी ने बच्चों का खास ध्यान रखते हुए, उसमें कुछ खास सीख देने वाली वीडियो को शामिल किया है। स्मार्टफोन के एप में किड्स प्रोफाइल एक्टीवेट करने के लिए नीचे की तरफ दाईं ओर दिए गए विकल्प पर क्लिक करें, उसके बाद आपके पास किड्स प्रोफाइल सामने आ जाएगी, उस पर क्लिक कर दें और निश्चिंत होकर अपने बच्चों को स्मार्टफोन दे दें। इसके अलावा नेटफ्लिक्स में पांच प्रोफाइल बनाने का विकल्प है।
किड्स प्लेस पेरेंटल कंट्रोल बोर्ड
यह एप इंटरनेट पर पढ़ाई के लिए मददगार साबित होता है। हालांकि मां-बाप कभी बच्चों के सोशल साइट पर चैटिंग करने तो कभी यूट्यूब पर आपत्तिजनक विडियो देखने के डर से अक्सर उन्हें फोन थमाने में आनाकानी करते हैं। किड्स प्लेस-पैरेंटल कंट्रोल ऐसी सूरत में उनके लिए खासा कारगर साबित हो सकता है। यह अप्रूव्ड एप नाम के एक अनोखे फीचर से लैस है, जिसके तहत मां-बाप फोन की होमस्क्रीन पर सिर्फ उन्हीं एप के आइकन सेट कर सकते हैं, जिनके इस्तेमाल की छूट बच्चों को देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। Kids Place Parental Control बच्चों को नए एप इंस्टॉल करने, दोस्तों को फोन कॉल करने या एसएमएस भेजने और वाई-फाई के जरिए इंटरनेट से कोई सामग्री डाउनलोड करने से रोकने की भी सुविधा देता है। मां-बाप एप में मौजूद टाइमर फीचर की मदद से स्मार्टफोन के इस्तेमाल का समय निर्धारित कर सकते हैं। इससे तय वक्त आने पर स्मार्टफोन खुद ब-खुद लॉक हो जाएगा। गूगल प्लेस्टोर पर किड्स प्लेस-पैरेंटल कंट्रोल एप मुफ्त में उपलब्ध है। अभी तक दस लाख से ज्यादा लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं।
नॉर्टोन फैमिली कंट्रोल
इस एप की मदद से माता-पिता या बड़े भाई-बहान यह देख सकते हैं कि बच्चा किस वेबसाइट का कितनी देर इस्तेमाल करता है। मां-बाप इसकी मदद से सोशल मीडिया, पॉर्न साइट और आपत्तिजनक सामग्री परोसने वाले वेबपेज तक बच्चों की पहुंच प्रतिबंधित कर सकते हैं। यही नहीं, बच्चा प्रॉक्सी साइट की मदद से प्रतिबंधित वेबसाइट खंगालने की कोशिश तो नहीं कर रहा, इसका अलर्ट अभिभावक अपने ईमेल पर भी मंगवा सकते हैं। बच्चों की कॉल हिस्ट्री, मैसेज, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन और इंटरनेट से डाउनलोड किए जाने वाले एप पर नजर रखने में यह काफी कारगर साबित हो सकता है। गूगल प्लेस्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध इस एप को पांच लाख से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं। यह गूगल प्लेस्टोर पर Norton Family parental control नाम से उपलब्ध है
हर माँ-बाप जल्दी से इंस्टॉल कर लें ये मोबाइल एप
स्मार्टफोन पर चिपके रहने वाले बच्चों पर इन मोबाइल एप से रख सकते हैं नजर
नई दिल्ली। इंटरनेट की दुनिया ना सिर्फ अच्छी चीजें सिखाती है बल्कि यहां गलत चीजों का भी भंडार है। कई बार तो ना चाहते हुए भी स्मार्टफोन पर आपत्तिजनक व अश्लील कंटेंट दिखाई देने लगता है। ऐसे में कई माता-पिता या भाई-बहन को अक्सर अपने घर में मौजूद किशोरावस्था के बच्चों की चिंता सताती है कि वह कहीं स्मार्टफोन पर आपत्तिजनक कंटेंट न देखने लगें। इस चिंता से निजात पाने के लिए आप कुछ खास एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
सिक्योर टीन पेरेंटल कंट्रोल
छोटे भाई-बहन या बेटा-बेटी को आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने के लिए SecureTeen Parental Control एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एप स्मार्टफोन की समय सीमा निर्धारित करने का विकल्प देता है। ऐसे में फोन तय समय के बाद खुद ब खुद लॉक हो जाता है। यहां तक कि यह एप आॅनलाइन गतिविधि को भी रिकॉर्ड करता है। इससे आप देख सकते हैं कि आपकी गैरमौजूदगी में छोटा भाई क्या कर रहा था। गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद इस एप से आप इंटरनेट की दुनिया में उपस्थित अनुचित कंटेंट को भी ब्लॉक कर सकते हैं। इन सबके अलावा यह एप माता-पिता या भाई-बहन को फोन का रिमोट एक्सेस का भी फीचर देता है। रिमोट एक्सेस से यूजर दूर बैठे किसी भी फोन को नियंत्रित कर सकता है। इसकी मदद से आप फोन को बंद कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पासवर्ड भी डाल सकते हैं।
पेरेंटल कंट्रोल बोर्ड
स्मार्टफोन से बच्चा किसे कॉल कर रहा है, किससे कितनी देर बात रहा है, किसे कब क्या मैसेज भेज रहा है और फेसबुक-व्हॉट्सएप जैसी सोशल साइट पर वह कब आॅनलाइन है, यह सब जानकारी रखने के लिए ‘पैरेंटल कंट्रोल बोर्ड’ एप मददगार साबित हो सकता है। मां-बाप या भाई-बहन इसके जरिए बच्चों के फोन पर ‘व्हाइट लिस्ट’ और ‘ब्लैक लिस्ट’ भी बना सकते हैं। ‘व्हाइट लिस्ट’ में जहां उन लोगों के फोन नंबर और ईमेल एड्रेस शामिल किए जा सकते हैं, जिन्हें बच्चे को कॉल करने, मैसेज भेजने और सोशल मीडिया अकाउंट पर जुड़ने की अनुमति होगी। वहीं, ‘ब्लैक लिस्ट’ के जरिए ऐसे लोगों को ब्लॉक किया जा सकता है, जिन्हें मां-बाप बच्चों से दूर रखना चाहते हैं। यह एप यूट्यूब, गूगल प्ले समेत अलग-अलग वेबसाइट का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने की सुविधा उपलब्ध कराता है। Parental Control Board को गूगल प्लेस्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
नेटफ्लिक्स
अगर आप नेटफ्लिक्स का इस्तेमाल करते हैं और बच्चों को फोन देते समय आपको डर लगता है कि कहीं उनके बच्चे कहीं कोई गलत सीख वाली वीडियो न देख लें। इससे बचने के लिए नेटफ्लिक्स ने प्रोफाइल नाम का विकल्प दिया है। इसमें एक किड्स नाम का प्रोफाइल है। जब भी आप अपने बच्चे को नेटफ्लिक्स की शानदार वीडियो दिखाना चाहें तो उसमें किड्स प्रोफाइल को एक्टीवेट कर दें। कंपनी ने बच्चों का खास ध्यान रखते हुए, उसमें कुछ खास सीख देने वाली वीडियो को शामिल किया है। स्मार्टफोन के एप में किड्स प्रोफाइल एक्टीवेट करने के लिए नीचे की तरफ दाईं ओर दिए गए विकल्प पर क्लिक करें, उसके बाद आपके पास किड्स प्रोफाइल सामने आ जाएगी, उस पर क्लिक कर दें और निश्चिंत होकर अपने बच्चों को स्मार्टफोन दे दें। इसके अलावा नेटफ्लिक्स में पांच प्रोफाइल बनाने का विकल्प है।
किड्स प्लेस पेरेंटल कंट्रोल बोर्ड
यह एप इंटरनेट पर पढ़ाई के लिए मददगार साबित होता है। हालांकि मां-बाप कभी बच्चों के सोशल साइट पर चैटिंग करने तो कभी यूट्यूब पर आपत्तिजनक विडियो देखने के डर से अक्सर उन्हें फोन थमाने में आनाकानी करते हैं। किड्स प्लेस-पैरेंटल कंट्रोल ऐसी सूरत में उनके लिए खासा कारगर साबित हो सकता है। यह अप्रूव्ड एप नाम के एक अनोखे फीचर से लैस है, जिसके तहत मां-बाप फोन की होमस्क्रीन पर सिर्फ उन्हीं एप के आइकन सेट कर सकते हैं, जिनके इस्तेमाल की छूट बच्चों को देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। Kids Place Parental Control बच्चों को नए एप इंस्टॉल करने, दोस्तों को फोन कॉल करने या एसएमएस भेजने और वाई-फाई के जरिए इंटरनेट से कोई सामग्री डाउनलोड करने से रोकने की भी सुविधा देता है। मां-बाप एप में मौजूद टाइमर फीचर की मदद से स्मार्टफोन के इस्तेमाल का समय निर्धारित कर सकते हैं। इससे तय वक्त आने पर स्मार्टफोन खुद ब-खुद लॉक हो जाएगा। गूगल प्लेस्टोर पर किड्स प्लेस-पैरेंटल कंट्रोल एप मुफ्त में उपलब्ध है। अभी तक दस लाख से ज्यादा लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं।
नॉर्टोन फैमिली कंट्रोल
इस एप की मदद से माता-पिता या बड़े भाई-बहान यह देख सकते हैं कि बच्चा किस वेबसाइट का कितनी देर इस्तेमाल करता है। मां-बाप इसकी मदद से सोशल मीडिया, पॉर्न साइट और आपत्तिजनक सामग्री परोसने वाले वेबपेज तक बच्चों की पहुंच प्रतिबंधित कर सकते हैं। यही नहीं, बच्चा प्रॉक्सी साइट की मदद से प्रतिबंधित वेबसाइट खंगालने की कोशिश तो नहीं कर रहा, इसका अलर्ट अभिभावक अपने ईमेल पर भी मंगवा सकते हैं। बच्चों की कॉल हिस्ट्री, मैसेज, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन और इंटरनेट से डाउनलोड किए जाने वाले एप पर नजर रखने में यह काफी कारगर साबित हो सकता है। गूगल प्लेस्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध इस एप को पांच लाख से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं। यह गूगल प्लेस्टोर पर Norton Family parental control नाम से उपलब्ध है


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