सख्ती : 18 साल से पहले बेटी की शादी करने वाले मां-बाप व पति के खिलाफ हो सकती है बड़ी कार्रवाई

सख्ती : 18 साल से पहले बेटी की शादी करने वाले मां-बाप व पति के खिलाफ हो सकती है बड़ी कार्रवाई 
अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा
जिला में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान पर विशेष फोकस करने के निर्देश 


12 सितंबर 2019, 10:18 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। जो मां-बाप 18 साल से पहले अपनी बेटी की शादी कर रहे हैं,उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। मां-बाप के साथ-साथ नाबालिग दुल्हन के पति भी कानूनी शिकंजे में फंस सकते हैं। अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह आज  यहां आयोजित एक बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।इस दौरान उन्होंने जिला में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को और अधिक प्रभावशाली ढंग से चलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें। एडीसी उत्तम सिंह ने कहा कि विभिन्न विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इनमें भीड़ कम होती है और विभागों का संदेश अपेक्षित तरीके से लक्षित वर्ग तक नहीं पहुंच पाता है। इसलिए भविष्य में ऐसी योजना बनाई जाए कि कुछ विभाग मिलकर गांव में एक बड़ा कार्यक्रम करें जिसमें ग्रामीणों की अधिकतम उपस्थिति हो और विभागों की योजनाओं की जानकारी भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें। उन्होंने संदेश पहुंचाने के लिए स्कूली बच्चों तक पहुंच बनाने को कहा ताकि वे अभिभावकों को प्रभावशाली ढंग से समझा सकें। इसके लिए रोस्टर बनाकर स्कूलों में नाटक आदि दिखाने की योजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चे सामाजिक बदलाव का सबसे अच्छा माध्यम हैं और बाल अवस्था में उनके दिमाग में बैठा संदेश जीवन भर के लिए पक्की अवधारणा बन जाता है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर वीडियो स्क्रीन आदि लगवाकर सामाजिक संदेश चलवाने की भी बात कही। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनीता यादव, डीएसपी जोगेंद्र सिंह, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी हरदीप सिंह, जिला समाज कल्याण विभाग से अन्वेषक नरेश बत्तरा, सदस्य अनिल गोदारा, डिप्टी डीईओ, सभी सीडीपीओ व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हर बैठक में पिछली कार्रवाई की जानकारी साथ लेकर आएं सीडीपीओ व आंगनवाड़ी वर्कर्स 
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पढ़ाई पूरी करके नौकरी पाने के बाद हम सीखने की प्रक्रिया बंद कर देते हैं। यह अच्छी आदत नहीं है, हमें निरंतर ज्ञानार्जन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी सीडीपीओ व आंगनवाड़ी वर्कर्स महिलाओं व बच्चों से संबंधित कानूनों का पूर्ण ज्ञान प्राप्त करें। यदि उन्हें कानूनों की पूर्ण जानकारी होगी तो वे अपना कार्य प्रभावशाली ढंग से कर पाएंगी तथा महिलाओं व बच्चों का संपूर्ण विकास करवाने का अपना दायित्व निभा सकेंगी। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक सारगर्भित होनी चाहिए और पिछले माह करवाई गई बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई की पूर्ण जानकारी अधिकारी साथ लेकर आएं। यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की दिक्कत आ रही है तो उसके संबंध में भी बैठक में चर्चा होनी चाहिए। बैठक को औपचारिकता मात्र न समझा जाए और हमारे कंधों पर जो जिम्मेदारी है उसे निभाने के लिए हमें मन लगाकर कार्य करना चाहिए।

लड़कियों की कम जन्म दर वाले गांवों में वजह तलाशें 
योजनाओं की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिन गांवों में लगातार कम संख्या में लड़कियां पैदा हो रही हैं उन गांवों पर नजर रखी जाए और इसके कारणों का विशलेषण किया जाए। यदि गांव के लोगों मेंं प्रसव पूर्व भू्रण लिंग जांच या भू्रण हत्या की मानसिकता है तो पुलिस व स्वास्थ्य विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से ऐसे असामाजिक तत्वों की धरपकड़ करे। आंगनवाड़ी वर्कर्स नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं के संपर्क में रहें और उन्हें विश्वास में लेकर इस प्रकार की सूचनाएं प्राप्त करें कि कहीं घर के पुरुष सदस्य अल्ट्रासाउंड या भू्रण हत्या आदि की योजना तो नहीं बना रहे हैं। ऐसी महिलाओं की काउंसलिंग भी की जाए।

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