हरियाणा महाभारत 2019 : विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक तंवर
अन्य कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवारों से भी चुनाव न लड़ने की अपील, बोले नए वर्करों को मौका दें
कहा, दुखों से मुक्ति का समय अब नजदीक
प्रदेश के लोगों से सही निर्णय लेने की अपील
हड़ताली प्राध्यापकों की मांगों का किया पूर्ण समर्थन
बोले, समान काम समान वेतन ही नहीं बल्कि पक्के भी किए जाएं प्राध्यापक
19 सितंबर 2019, 2:29 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। गौरव सोनी कोटली
सिरसा। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे पहले भी इस बारे में अपना रूख स्पष्ट कर चुके हैं और आज फिर दोहरा रहे हैं कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होने कहा कि जो लोग पहले लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, उन्हें भी स्वयं चुनाव न लड़कर नए वर्करों को अवसर देना चाहिए। वे आज यहां चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में समान काम समान वेतन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अनुबंधित शिक्षकों को अपना समर्थन देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डा. तंवर ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान भाजपा सरकार में लोगों को सताने के जितने भी जतन हुए अब उनके अंत का समय आ गया है और मतदाताओं को इसके लिए सही सटीक निर्णय लेने की जरूरत है अन्यथा फिर पांच सालों के लिए दुखों को भोगना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हुए परिवर्तन के बाद से जिन लोगों के हाथ चुनाव संबंधी कमान आई है, उन्हें वे अपनी शुभकामनाएं देते हैं। डॉ. तंवर ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान यदि वे पूरी दृढ़ता से संगठन और पार्टी पदाधिकारियों को मजबूत बनाते तो लोकसभा चुनावों की स्थिति कुछ और होती। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच सालों के दौरान पूरी तरह जनता के साथ संघर्ष में शामिल रहे और अब वक्त आ गया है कि भाजपा के कुशासन को जड़ से उखाड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज इनेलो और जजपा का वजूद पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और ऐसे में कांग्रेस ही एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो पूरी तरह से जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहा है और उन्हें पूर्ण भरोसा है कि इस विधानसभा चुनावों में कांग्रेस जनभागेदारी से भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे। नई दिल्ली स्थित तुगलकाबाद में संत रविदास के प्राचीन मंदिर को तोड़ने संबंधी मामले पर डॉ. तंवर ने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की गई थी जिस पर न्यायालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट ने कभी भी मंदिर तोडऩे के आदेश नहीं दिए, ऐसे में अब उन लोगों की जानकारी आमजन के सामने खुले रूप में आनी चाहिए जिन्होंने करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने संत रविदास मंदिर के पुन: निर्माण की भी मांग उठाई। फतेहाबाद में गुरुवार को आयोजित हो रहे कांग्रेस के महासम्मेलन के संदर्भ में डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वहां क्या हो रहा है क्योंकि उन्हें किसी भी आयोजन के सिलसिले में कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें और न ही सिरसा के स्थानीय नेताओं को भी इस सम्मेलन के संदर्भ में कोई जानकारी अथवा आमंत्रण है। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारीलाल शर्मा, पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामां, पूर्व विधायक कुलबीर बेनीवाल, भूपेश मेहता, लादूराम पूनिया, नवीन केडिया, अमित सोनी, अनिल शर्मा, ताराचंद ढल्ला, मंगतराम लालवास, शीशपाल केहरवाला, राजू शर्मा, गोपाल कंबोज, सतपाल मेहता, बूटा सिंह थिंद, जयपाल सिंह लाली, चंदन गाबा, प्रभा माथुर, कपिल सरावगी, अंंग्रेज लाली, नरेश सरदाना, टेकचंद मिढा सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देविवि प्रशासन मांग ही नहीं पक्का भी करे अनुबंधित शिक्षकों को
पत्रकारों से बातचीत से पूर्व हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने देविवि परिसर में समान काम समान वेतन की अपनी मांग को लेकर धरनारत प्राध्यापकों को अपनी ओर से उन्हें पूर्ण समर्थन देते हुए न केवल देविवि के वाइस चांसलर बल्कि मुख्यमंत्री व प्रदेश के शिक्षामंत्री से भी इन प्राध्यापकों की मांगों को पूरा करने के साथ-साथ उन्हें उनके पदों पर ही पक्का करने की भी मांग की। डॉ. तंवर ने इस दौरान हड़ताली प्राध्यापकों से कहा कि वे स्वयं पीएचडी हैं और इस नाते से शिक्षकों के दर्द से भली भांति वाकिफ हैं। उन्होंने इस दौरान शिक्षकों से भी आह्वान किया कि जिस शासन में उन्हें हड़ताल आदि पर बैठना पड़ रहा है, यदि ऐसा अवसर भविष्य में नहीं चाहते तो वे आगामी विधानसभा चुनावों में सही निर्णय लें।
अन्य कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवारों से भी चुनाव न लड़ने की अपील, बोले नए वर्करों को मौका दें
कहा, दुखों से मुक्ति का समय अब नजदीक
प्रदेश के लोगों से सही निर्णय लेने की अपील
हड़ताली प्राध्यापकों की मांगों का किया पूर्ण समर्थन
बोले, समान काम समान वेतन ही नहीं बल्कि पक्के भी किए जाएं प्राध्यापक
19 सितंबर 2019, 2:29 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। गौरव सोनी कोटली
सिरसा। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे पहले भी इस बारे में अपना रूख स्पष्ट कर चुके हैं और आज फिर दोहरा रहे हैं कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होने कहा कि जो लोग पहले लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, उन्हें भी स्वयं चुनाव न लड़कर नए वर्करों को अवसर देना चाहिए। वे आज यहां चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में समान काम समान वेतन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अनुबंधित शिक्षकों को अपना समर्थन देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डा. तंवर ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान भाजपा सरकार में लोगों को सताने के जितने भी जतन हुए अब उनके अंत का समय आ गया है और मतदाताओं को इसके लिए सही सटीक निर्णय लेने की जरूरत है अन्यथा फिर पांच सालों के लिए दुखों को भोगना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हुए परिवर्तन के बाद से जिन लोगों के हाथ चुनाव संबंधी कमान आई है, उन्हें वे अपनी शुभकामनाएं देते हैं। डॉ. तंवर ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान यदि वे पूरी दृढ़ता से संगठन और पार्टी पदाधिकारियों को मजबूत बनाते तो लोकसभा चुनावों की स्थिति कुछ और होती। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच सालों के दौरान पूरी तरह जनता के साथ संघर्ष में शामिल रहे और अब वक्त आ गया है कि भाजपा के कुशासन को जड़ से उखाड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज इनेलो और जजपा का वजूद पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और ऐसे में कांग्रेस ही एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो पूरी तरह से जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहा है और उन्हें पूर्ण भरोसा है कि इस विधानसभा चुनावों में कांग्रेस जनभागेदारी से भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे। नई दिल्ली स्थित तुगलकाबाद में संत रविदास के प्राचीन मंदिर को तोड़ने संबंधी मामले पर डॉ. तंवर ने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की गई थी जिस पर न्यायालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट ने कभी भी मंदिर तोडऩे के आदेश नहीं दिए, ऐसे में अब उन लोगों की जानकारी आमजन के सामने खुले रूप में आनी चाहिए जिन्होंने करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने संत रविदास मंदिर के पुन: निर्माण की भी मांग उठाई। फतेहाबाद में गुरुवार को आयोजित हो रहे कांग्रेस के महासम्मेलन के संदर्भ में डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वहां क्या हो रहा है क्योंकि उन्हें किसी भी आयोजन के सिलसिले में कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें और न ही सिरसा के स्थानीय नेताओं को भी इस सम्मेलन के संदर्भ में कोई जानकारी अथवा आमंत्रण है। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारीलाल शर्मा, पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामां, पूर्व विधायक कुलबीर बेनीवाल, भूपेश मेहता, लादूराम पूनिया, नवीन केडिया, अमित सोनी, अनिल शर्मा, ताराचंद ढल्ला, मंगतराम लालवास, शीशपाल केहरवाला, राजू शर्मा, गोपाल कंबोज, सतपाल मेहता, बूटा सिंह थिंद, जयपाल सिंह लाली, चंदन गाबा, प्रभा माथुर, कपिल सरावगी, अंंग्रेज लाली, नरेश सरदाना, टेकचंद मिढा सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देविवि प्रशासन मांग ही नहीं पक्का भी करे अनुबंधित शिक्षकों को
पत्रकारों से बातचीत से पूर्व हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने देविवि परिसर में समान काम समान वेतन की अपनी मांग को लेकर धरनारत प्राध्यापकों को अपनी ओर से उन्हें पूर्ण समर्थन देते हुए न केवल देविवि के वाइस चांसलर बल्कि मुख्यमंत्री व प्रदेश के शिक्षामंत्री से भी इन प्राध्यापकों की मांगों को पूरा करने के साथ-साथ उन्हें उनके पदों पर ही पक्का करने की भी मांग की। डॉ. तंवर ने इस दौरान हड़ताली प्राध्यापकों से कहा कि वे स्वयं पीएचडी हैं और इस नाते से शिक्षकों के दर्द से भली भांति वाकिफ हैं। उन्होंने इस दौरान शिक्षकों से भी आह्वान किया कि जिस शासन में उन्हें हड़ताल आदि पर बैठना पड़ रहा है, यदि ऐसा अवसर भविष्य में नहीं चाहते तो वे आगामी विधानसभा चुनावों में सही निर्णय लें।


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