इस बार नेताओं के इम्तिहान में भी आएगी फ्लाइंग, नोट व शराब बांटने वालों पर होगी कार्रवाई
वोटरों को प्रलोभन देने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं की होगी धरपकड़
निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव के लिए यह है निर्वाचन विभाग का पूरा प्लान
13 सितंबर 2019, 12:09 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। आपने विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाओं में तो फ्लाइंग की छापामार कार्रवाई सुनी होगी लेकिन इस बार नेताओं के सबसे बड़े इम्तिहान हरियाणा विधानसभ चुनाव में भी फ्लाइंग टीमें छापामार कार्रवाई करती दिखाई देंगी। और यह छापामार कार्रवाई होगी उम्मीदवारों व उनके कार्यकर्ताओं पर। छापामार कार्रवाई कर उड़नदस्ते यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि कहीं आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। कोई उम्मीदवार व उसके कार्यकर्ता कहीं वोटरों को नोट, शराब व अन्य वस्तुओं का प्रलोभन तो नहीं दे रहे। चुनाव खर्च महानिदेशक दलीप शर्मा ने बताया कि वोटरों को दिए जाने वाले प्रलोभन को रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और कहा कि काले धन को चुनावों के दौरान रोकना है और इसके लिए जिला प्रशासन उडऩदस्तों का गठन करेगा और ये उडऩदस्ते अवैध धन के वितरण पर रोक लगाएंगे। इसी प्रकार, अवैध शराब के वितरण पर भी रोक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव खर्च की पूर्ण निगरानी होनी चाहिए। इसके लिए वीडियो टीम रखी जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करवाने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को समन्वय स्थापित करना होगा और आयोग से फीडबैक लेकर अगली गतिविधि करनी होगी।
नियंत्रण में होगी कानून व्यवस्था
वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त ने कहा है कि चुनाव के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था नियंत्रण में होनी चाहिए और इसके लिए एसएचओ स्तर तक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा संवेदनशील इलाकों में नाके लगाए जाने चाहिए। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के साथ लगते जिलों में अवैध नकदी व शराब की सप्लाई को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लाइसैंसी हथियारों का शतप्रतिशत जमा होना चाहिए केवल सम्बन्धित उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा ही ठोस कारणों के तहत कुछ लाइसैंसी हथियारों में छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार का प्रलोभन या नकदी की बांट नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आबकारी और आयकर विभाग की टीम चौकसी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सात राज्यों के साथ लगता है, इसलिए अवैध शराब और अवैध नकदी को रोकने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने सम्बन्धित क्षेत्रों में ईवीएम और वीवीपैट के लिए पर्याप्त स्ट्रोंग रूम होना चाहिए और इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
ठीक तरह से हो ईवीएम मशीनों का रख-रखाव
उप-निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने ईवीएम मशीनों के रखरखाव के सम्बन्ध में उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को दिशानिर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मॉकपोल की कार्यवाही को सही ढंग से आयोजित करवाने के लिए निर्वाचन आयोग के दिशानिदेर्शों की पालना करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चैकिंग राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के सामने होनी चाहिए और इस दौरान वीडियो रिकॉडिंग व सीसीटीवी कवरेज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार की सैटिंग की जिम्मेदारी रिटर्निंग अधिकारी की होती है और उसे वह प्रमाणित भी करेगा। उन्होंने कहा कि ईवीएम के मामले पर प्रोटोकोल का अनुसरण किया जाना चाहिए।
हर हल्के में 1 महिला मतदान केंद्र व 2 आदर्श मतदान केंद्र बनेेंगे
हरियाणा विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। विधानसभा चुनाव-2019 में महिलाओं की मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 1 महिला मतदान केंद्र और 2 आदर्श मतदान केंद्र बनाए जाने की तैयारी है। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त संदीप सक्सेना ने हरियाणा के अधिकारियों को सपष्ट निर्देश दिए हैं कि वे विधानसभा चुनावों को निष्पक्षता के साथ आयोजित करवाएं और इसके लिए अपने सम्बन्धित जिला हेतू एक कारगर योजना तैयार करें। उन्होंने कहा है कि यदि हम सब की योजना अच्छी होगी तो हम इन विधानसभा चुनावों को अच्छी प्रकार से और निष्पक्षता से आयोजित करवा पाएंगे। उन्होंने कहा कि गत 14 अगस्त को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बैठक की गई थी, जिसमें कुछ बिंदुओं पर चर्चा की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव की तैयारियों में काफी सुधार आया। वरिष्ठ उप-चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनावों में नियुक्त कर्मियों व अधिकारियों का प्रशिक्षण सही प्रकार से होना चाहिए, क्योंकि आमतौर पर मॉक पॉल के दौरान कुछ गलतियां रह जाती हैं, ये साधारण गलतियां हैं, लेकिन गम्भीर हैं, इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का वितरण सही प्रकार से होना चाहिए, जो एक संवेदनशील मामला है।
वोटरों को प्रलोभन देने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं की होगी धरपकड़
निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव के लिए यह है निर्वाचन विभाग का पूरा प्लान
13 सितंबर 2019, 12:09 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। आपने विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाओं में तो फ्लाइंग की छापामार कार्रवाई सुनी होगी लेकिन इस बार नेताओं के सबसे बड़े इम्तिहान हरियाणा विधानसभ चुनाव में भी फ्लाइंग टीमें छापामार कार्रवाई करती दिखाई देंगी। और यह छापामार कार्रवाई होगी उम्मीदवारों व उनके कार्यकर्ताओं पर। छापामार कार्रवाई कर उड़नदस्ते यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि कहीं आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। कोई उम्मीदवार व उसके कार्यकर्ता कहीं वोटरों को नोट, शराब व अन्य वस्तुओं का प्रलोभन तो नहीं दे रहे। चुनाव खर्च महानिदेशक दलीप शर्मा ने बताया कि वोटरों को दिए जाने वाले प्रलोभन को रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और कहा कि काले धन को चुनावों के दौरान रोकना है और इसके लिए जिला प्रशासन उडऩदस्तों का गठन करेगा और ये उडऩदस्ते अवैध धन के वितरण पर रोक लगाएंगे। इसी प्रकार, अवैध शराब के वितरण पर भी रोक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव खर्च की पूर्ण निगरानी होनी चाहिए। इसके लिए वीडियो टीम रखी जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करवाने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को समन्वय स्थापित करना होगा और आयोग से फीडबैक लेकर अगली गतिविधि करनी होगी।
नियंत्रण में होगी कानून व्यवस्था
वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त ने कहा है कि चुनाव के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था नियंत्रण में होनी चाहिए और इसके लिए एसएचओ स्तर तक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा संवेदनशील इलाकों में नाके लगाए जाने चाहिए। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के साथ लगते जिलों में अवैध नकदी व शराब की सप्लाई को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लाइसैंसी हथियारों का शतप्रतिशत जमा होना चाहिए केवल सम्बन्धित उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा ही ठोस कारणों के तहत कुछ लाइसैंसी हथियारों में छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार का प्रलोभन या नकदी की बांट नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आबकारी और आयकर विभाग की टीम चौकसी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सात राज्यों के साथ लगता है, इसलिए अवैध शराब और अवैध नकदी को रोकने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने सम्बन्धित क्षेत्रों में ईवीएम और वीवीपैट के लिए पर्याप्त स्ट्रोंग रूम होना चाहिए और इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
ठीक तरह से हो ईवीएम मशीनों का रख-रखाव
उप-निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने ईवीएम मशीनों के रखरखाव के सम्बन्ध में उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को दिशानिर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मॉकपोल की कार्यवाही को सही ढंग से आयोजित करवाने के लिए निर्वाचन आयोग के दिशानिदेर्शों की पालना करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चैकिंग राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के सामने होनी चाहिए और इस दौरान वीडियो रिकॉडिंग व सीसीटीवी कवरेज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार की सैटिंग की जिम्मेदारी रिटर्निंग अधिकारी की होती है और उसे वह प्रमाणित भी करेगा। उन्होंने कहा कि ईवीएम के मामले पर प्रोटोकोल का अनुसरण किया जाना चाहिए।
हर हल्के में 1 महिला मतदान केंद्र व 2 आदर्श मतदान केंद्र बनेेंगे
हरियाणा विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। विधानसभा चुनाव-2019 में महिलाओं की मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 1 महिला मतदान केंद्र और 2 आदर्श मतदान केंद्र बनाए जाने की तैयारी है। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त संदीप सक्सेना ने हरियाणा के अधिकारियों को सपष्ट निर्देश दिए हैं कि वे विधानसभा चुनावों को निष्पक्षता के साथ आयोजित करवाएं और इसके लिए अपने सम्बन्धित जिला हेतू एक कारगर योजना तैयार करें। उन्होंने कहा है कि यदि हम सब की योजना अच्छी होगी तो हम इन विधानसभा चुनावों को अच्छी प्रकार से और निष्पक्षता से आयोजित करवा पाएंगे। उन्होंने कहा कि गत 14 अगस्त को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बैठक की गई थी, जिसमें कुछ बिंदुओं पर चर्चा की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव की तैयारियों में काफी सुधार आया। वरिष्ठ उप-चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनावों में नियुक्त कर्मियों व अधिकारियों का प्रशिक्षण सही प्रकार से होना चाहिए, क्योंकि आमतौर पर मॉक पॉल के दौरान कुछ गलतियां रह जाती हैं, ये साधारण गलतियां हैं, लेकिन गम्भीर हैं, इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का वितरण सही प्रकार से होना चाहिए, जो एक संवेदनशील मामला है।


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