पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाला : यमुनानगर व पंचकूला में सामने आया 88 लाख का गोलमाल
12 सितंबर 2019, 8:21 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
यमुनानगर। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। अब यमुनानगर और पंचकूला में 88 लाख का गोलमाल सामने आया है। जिसमें स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की ओर से मुख्य सचिव को इन दो जिलों की रिपोर्ट भेजकर एफआईआर दर्ज के लिए अनुमति दिए जाने के लिए चिट्ठी लिखने के बाद उन्होंने स्वीकृति दे दी है। इन मामलों में भी अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के एक डिप्टी डायरेक्टर समेत चार कर्मचारियों के अलावा सात प्राइवेट लोग शामिल है। यमुनानगर में तो एक एनजीओ ने सिलाई सिखाने के लिए कुछ लड़कियों के दस्तावेज लेकर चूरू के एक विश्वविद्यालय में दाखिला दिखाकर सरकार से लाखों रुपए स्कॉलरशिप के हड़प लिए। रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने भी जांच के दौरान विजिलेंस को इन लड़कियों के एक साल पढ़ने की रिपोर्ट दी लेकिन जब विजिलेंस ने एक-एक कर इन लड़कियों से बात की तो खुलासा हुआ कि वे तो कभी वहां गई ही नहीं। ऐसे में अब इस मामले में विजिलेंस की ओर से जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट में विभाग के चार अधिकारी-कर्मचारी के साथ 11 लोगों को इस घोटाले के लिए आरोपी बनाया है। बता दें कि विजिलेंस की ओर से कुछ समय पहले ही रोहतक, झज्जर और सोनीपत में 26 करोड़ रुपए के घोटाले को उजागर करते हुए रोहतक विजिलेंस थाने में केस दर्ज किया था। अभी अन्य जिलों की जांच भी चल रही है।जांच के बाद अभी कई बड़ी मछलियों के फंसने की भी आशंका है।
12 सितंबर 2019, 8:21 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
यमुनानगर। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। अब यमुनानगर और पंचकूला में 88 लाख का गोलमाल सामने आया है। जिसमें स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की ओर से मुख्य सचिव को इन दो जिलों की रिपोर्ट भेजकर एफआईआर दर्ज के लिए अनुमति दिए जाने के लिए चिट्ठी लिखने के बाद उन्होंने स्वीकृति दे दी है। इन मामलों में भी अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के एक डिप्टी डायरेक्टर समेत चार कर्मचारियों के अलावा सात प्राइवेट लोग शामिल है। यमुनानगर में तो एक एनजीओ ने सिलाई सिखाने के लिए कुछ लड़कियों के दस्तावेज लेकर चूरू के एक विश्वविद्यालय में दाखिला दिखाकर सरकार से लाखों रुपए स्कॉलरशिप के हड़प लिए। रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने भी जांच के दौरान विजिलेंस को इन लड़कियों के एक साल पढ़ने की रिपोर्ट दी लेकिन जब विजिलेंस ने एक-एक कर इन लड़कियों से बात की तो खुलासा हुआ कि वे तो कभी वहां गई ही नहीं। ऐसे में अब इस मामले में विजिलेंस की ओर से जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट में विभाग के चार अधिकारी-कर्मचारी के साथ 11 लोगों को इस घोटाले के लिए आरोपी बनाया है। बता दें कि विजिलेंस की ओर से कुछ समय पहले ही रोहतक, झज्जर और सोनीपत में 26 करोड़ रुपए के घोटाले को उजागर करते हुए रोहतक विजिलेंस थाने में केस दर्ज किया था। अभी अन्य जिलों की जांच भी चल रही है।जांच के बाद अभी कई बड़ी मछलियों के फंसने की भी आशंका है।


0 Comments