खुला ‘मनोहर’ चुनावी पिटारा, चुनाव की घोषणा से पहले व्यापारियों व सफाईकर्मियों की बल्ले-बल्ले
व्यापारियों को 5 लाख तक बीमा लाभ
जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों का बीमा सरकार करवाएगी
सफाईकर्मियों का वेतन बढ़ा, शहरी सफाई कर्मियों को 15 हजार तो ग्रामीण सफाई कर्मियों को मिलेंगे 12 हजार
गांवों के चौकीदारों को ईपीएफ का लाभ
11 सितंबर 2019, 11: 36 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से ठीक पहले प्रदेश की खट्टर सरकार ने तोहफों की झड़ी लगाकर सभी वर्गों को खुश करने का प्रयास किया है। आज चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 11 घोषणाएं की जिनमें व्यापारियों के लिए दो तरह की बीमा योजनाओं समेत सफाईकर्मियों की वेतन बढ़ोत्तरी भी शामिल है। मुख्यमंत्री आवास पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने छह व्यापारियों को दुर्घटना बीमा योजना के सर्टिफिकेट भी प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन, आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, बोर्ड के चेयरमैन शिवकुमार जैन व पब्लिक रिलेशन विभाग के महानिदेशक समीरपाल सरो मुख्य रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन दोनों योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं व्यापारियों को मिलेगा, जो जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। दुर्घटना में मृत्यु होने या पूरी तरह से विकलांग होने पर व्यापारियों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। इसी तरह से व्यापारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की क्षति-पूर्ति बीमा योजना का ऐलान किया गया है। दोनों योजनाओं का प्रीमियम सरकार देगी और ये योजनाएं बुधवार से ही लागू हो गई हैं। राज्य में 3 लाख 13 हजार जीएसटी फर्म पंजीकृत हैं। इसी तरह से जीएसटी के तहत कुल 3 लाख 86 हजार 679 व्यापारी पंजीकृत हैं। सरकार ने नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पालिकाओं में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के वेतन को साढ़े 13 हजार से बढ़ाकर 15 हजार कर दिया है। इसी तरह से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को अब 11 की बजाय साढ़े 12 हजार रुपये वेतन मिलेगा।
आयुष्मान भारत योजना
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत अभी तक प्रदेश के 15 लाख के करीब परिवार लाभान्वित हो रहे थे। सरकार ने अब हर उस परिवार को इस योजना के दायरे में लाने का ऐलान कर दिया है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है।
पाल गडरिया अब अनुसूचित जाति
पाल गडरिया जाति अब पिछड़ा वर्ग की बजाय अनुसूचित जाति की सूची में शामिल होगी। बिजली निगमों में दिव्यांगों के लिए नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। गांवों की ढाणियां अब 'मनोहर ज्योति' योजना से जगमग होंगी।
अर्बन हेल्थ सेंटर
इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में अर्बन हेल्थ सेंटर में कर्मचारियों पर एनएचएम कर्मियों का नियम लागू करने का फैसला लिया गया है। पैक्स कर्मचारियों की प्रमोशन हो सकेगी और वे जिला सहकारी बैंकों में नियुक्त हो सकेंगे। इसके लिए लिपिक के 10 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। जिला सूचना तकनीकी सोसायटी के कर्मचारियों के सेवा नियम बनेंगे। पार्टटाइम ट्यूबवेल आपरेटरों से अब 8 घंटे ड्यूटी ली जाएगी।
आंगनवाड़ी वर्कर और अतिथि अध्यापक
मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी वर्करों व हेल्परों के साथ-साथ मिड-डे-मिल योजनाओं के कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की हैं। कानून बनाकर अतिथि अध्यापकों की नौकरी सुरक्षित करने के बाद अब उनके नियम भी बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में चुनावों की घोषणा अगले सप्ताह भर में कभी भी हो सकती है। उनका कहना है कि दो नवंबर से पहले राज्य में नयी सरकार का गठन हो जाएगा।
सफाई कर्मियों को वेतन वृद्धि
सफाई कर्मचारियों की सबसे पुरानी मांग को सरकार ने चुनावों की घोषणा से पहले पूरा कर दिया है। शहरों में नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पालिकाओं के तहत कार्यरत सफाई कर्मचारियों का मासिक वेतन 13 हजार 500 से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया है। इसी तरह से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वेतन में भी 1500 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे साढ़े 12 हजार रुपये किया गया है।
गांवों के चौकीदारों को ईपीएफ का लाभ
एक अहम् निर्णय में गांवों में कार्यरत 17 हजार के लगभग ग्रामीण चौकीदारों की मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चौकीदारों का अब ईपीएफ कटेगा। उन्होंने कहा कि साढ़े 12 प्रतिशत पैसा कर्मचारियों के वेतन से कटेगा और इतना ही पैसा सरकार उनके पीएफ खाते में जमा करवाएगी। वर्तमान में ग्रामीण चौकीदारों को 7 हजार रुपये मासिक वेतनमान मिल रहा है।
ढाणियों के लिए मनोहर ज्योति योजना
राज्य सरकार ने 'मनोहर ज्योति' योजना को राज्य में लागू कर दिया है। प्रदेश के उन सभी ढाणियों में रहने वाले परिवारों के घर भी अब जगमग होंगे, जिनके पास किसी भी तरह के बिजली कनेक्शन नहीं हैं। 16 हजार 700 से अधिक ऐसे परिवारों को चिह्नित किया जा चुका है। इस योजना के तहत सोलर सिस्टम दिए जाएंगे। 22 हजार 500 रुपये कीमत वाले इस सोलर सिस्टम पर 15 हजार रुपये की सरकार सब्सिडी देगी। ढाणियों में बसे परिवारों को महज 7 हजार रुपये की कीमत में यह सिस्टम मुहैया करवाया जाएगा। इसके तहत दो बल्ब, ट्यूबलाइट, पंखे और चार्जिंग की सुविधा होगी। सोलर से बैटरी को चार्ज किया जा सकेगा, जिससे घर का काम चलाने के लिए लोगों को बिजली उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अकेले फतेहाबाद जिला में ऐसी 3 हजार से अधिक ढाणियां हैं।


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