आयुष्मान भारत : 506 प्राईवेट व 155 सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा 5 लाख तक का फ्री ईलाज
14 दिसंबर 2019, 4:59 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
पंचकूला। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक प्रदेशभर में 500 से अधिक अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें से 506 निजी व 155 सरकारी अस्पताल हैं। योजना के तहत सरकार ने अब तक 73683 मरीजों के उपचार के लिए 90 करोड़ 58 लाख का क्लेम दिया है। विभाग का दावा है कि 31 मार्च तक 25 लाख लोगों को आयुष्मान से जोड़ लिया जाएगा। योजना के तहत 1.80 लाख से कम आय और 5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को लाभ दिया जाना है। मुख्य अतिरिक्त सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि आयुष्मान भारत की शुरूआत हरियाणा के करनाल से की गई थी। हरियाणा सरकार ने अब यह भी तय किया है कि पहले चिन्हित किये गए लाभपत्रों के साथ-साथ जिन राज्य सरकार अपने खर्च और उन परिवारों को भी शामिल करेगी, जिनकी वार्षिक आय 1.8 लाख से कम है और तथा जिनके पास 5 एकड़ या इससे कम जमीन है, उन्हें भी इस योजना के तहत कवर किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देने की और विभाग द्वारा आने वाले समय मे प्रयास किये जाएंगे। उन्हें कहा कि पंचकूला, पानीपत और मेवात में जच्चा-बच्चा 100 बेडिड सेंटर बनाए जाएंगे जो हमारे एग्जिस्टिंग कैम्पस के विंग्स में बनाए जाएंगे। मेवात में जो मेडिकल कालेज है वहां पर यह केंद्र स्थापित किया जाएगा जबकि पंचकूला और पानीपत में स्थित सामान्य अस्पतालों में यह विंग बनाए जाएंगे।
गरीबों के लिए देवदूत है आयुष्मान भारत
आयुष्मान भारत हरियाणा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत अधिक से अधिक गरीब लोगों को जोड़कर उन्हें स्वास्थ्य सुविधायें देकर उनका इलाज करना और गरीबी से बचाना है। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी को यदि एक बार भी बिना किसी सहायता के इलाज करवाना पड़ जाए तो वह कभी भी गरीबी के चंगुल से बाहर नहीं निकल सकता। आयुष्मान योजना आने के पश्चात गरीबों के इलाज के लिए यह योेजना देव दूत की तरह कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के अंतिम आदमी को इलाज की सुविधा देने तक चलती रहेगी।
14 दिसंबर 2019, 4:59 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
पंचकूला। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक प्रदेशभर में 500 से अधिक अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें से 506 निजी व 155 सरकारी अस्पताल हैं। योजना के तहत सरकार ने अब तक 73683 मरीजों के उपचार के लिए 90 करोड़ 58 लाख का क्लेम दिया है। विभाग का दावा है कि 31 मार्च तक 25 लाख लोगों को आयुष्मान से जोड़ लिया जाएगा। योजना के तहत 1.80 लाख से कम आय और 5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को लाभ दिया जाना है। मुख्य अतिरिक्त सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि आयुष्मान भारत की शुरूआत हरियाणा के करनाल से की गई थी। हरियाणा सरकार ने अब यह भी तय किया है कि पहले चिन्हित किये गए लाभपत्रों के साथ-साथ जिन राज्य सरकार अपने खर्च और उन परिवारों को भी शामिल करेगी, जिनकी वार्षिक आय 1.8 लाख से कम है और तथा जिनके पास 5 एकड़ या इससे कम जमीन है, उन्हें भी इस योजना के तहत कवर किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देने की और विभाग द्वारा आने वाले समय मे प्रयास किये जाएंगे। उन्हें कहा कि पंचकूला, पानीपत और मेवात में जच्चा-बच्चा 100 बेडिड सेंटर बनाए जाएंगे जो हमारे एग्जिस्टिंग कैम्पस के विंग्स में बनाए जाएंगे। मेवात में जो मेडिकल कालेज है वहां पर यह केंद्र स्थापित किया जाएगा जबकि पंचकूला और पानीपत में स्थित सामान्य अस्पतालों में यह विंग बनाए जाएंगे।
गरीबों के लिए देवदूत है आयुष्मान भारत
आयुष्मान भारत हरियाणा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत अधिक से अधिक गरीब लोगों को जोड़कर उन्हें स्वास्थ्य सुविधायें देकर उनका इलाज करना और गरीबी से बचाना है। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी को यदि एक बार भी बिना किसी सहायता के इलाज करवाना पड़ जाए तो वह कभी भी गरीबी के चंगुल से बाहर नहीं निकल सकता। आयुष्मान योजना आने के पश्चात गरीबों के इलाज के लिए यह योेजना देव दूत की तरह कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के अंतिम आदमी को इलाज की सुविधा देने तक चलती रहेगी।


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