मेरी योजना : जानें क्या है आयुष्मान भारत योजना, क्या आप भी हैं 5 लाख तक के फ्री इलाज के हकदार ? 


15 दिसंबर 2019, 1:35 PM
गौरव सोनी/ सन्नी कथूरिया। हरियाणा मीडिया जंक्शन

सिरसा/पानीपत। आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन अरोग्य योजना* भारत सरकार की प्रिय व महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना है और यह अब तक विश्व की सबसे बड़ी योजना है। इस योजना के अन्तर्गत प्रति वर्ष प्रति परिवार को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाया जा रहा है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। देश में मैडिकल का 80 प्रतिशत खर्च लोग अपनी जेब से उठाते हैं। इस खर्च का बोझ आम आदमी पर न पड़े इसलिए सरकार ने आयुष्मान योजना लागू की है, जिसका लाभ देश के ऐसे गरीब व पिछड़े तबकों को मिलता है जो अपनी चिकित्सा का भार उठा पाने में सक्षम नहीं हैं। योजना के तहत देश के 71.74 करोड़ परिवारों को अस्पतालों में ईलाज का खर्च नहीं देना पड़ता। यह परिवार 5 लाख रुपए तक का ईलाज मुफ्त में करवा सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2018 को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से आरम्भ किया था। जबकि अंत्योदय के स्वप्नद्रष्टा पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मतिथि 25 सितंबर 2018 से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ही इस योजना को पूरे देश में लागू कर दिया गया। साल 2008 में यूपीए सरकार द्वारा लांच राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को भी आयुष्मान भारत योजना में मिला दिया गया है। मोदी सरकार ने महिला, बच्चे और सीनियर सिटीजन को इस योजना में खास तौर पर तरजीह दी है। इस योजना में दो प्रमुख तत्व शामिल हैं:- एक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, जो अब आयुष्मान भारत योजना में तब्दील हो चुकी है, के तहत सरकार 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों के लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों को कवर कर रही है। यह हर परिवार के लिये, प्रति वर्ष 5 लाख रुपये के मुल्य के लिए माध्यमिक और तृतीयक स्तर पर अस्पताल में देखभाल के लिये कवरेज प्रदान करती है। योजना के लाभ पूरे देश में कहीं भी पैनल में शामिल निजी या सरकारी अस्पतालों में लिए जा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थी को देश भर के किसी भी सार्वजनिक या निजी अस्पताल से कैशलेस लाभ लेने की अनुमति है। योजना के अन्तर्गत हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के लगभग 16 लाख परिवारों को लाभ देने के कदम उठाए हैं। आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना में ग्रामीण क्षेत्र के सुविधा हीन परिवारों और शहरी क्षेत्रों के कुछ तय पेशों में लगे परिवार शामिल किए गए हैं। ग्रामीण व शहरी दोनों ही क्षेत्रों में लाभार्थी परिवारों को तय करने के लिए सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना-2011 के आंकड़ों को आधार बनाया गया है।

फ्री में होता है इलाज, रजिस्ट्रेशन भी नि:शुल्क

आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन अरोग्य योजना में लागत को नियन्त्रित करने के लिए पैकेज दर के आधार पर ईलाज के लिए भुगतान किया जाता है। पैकेज दर में ईलाज से सम्बन्धित सभी लागत शामिल है। लाभार्थियों के लिए यह सुविधा कैशलैस व पेपरलैस लेन-देन की है। अस्पताल में दाखिल होने से पहले और छुट्टी होने तक 1350 मैडिकल पैकेज, दवाईयां व जांच की सुविधा उपलब्ध है। पात्र परिवार में सदस्यों की गिनती व आयु को लेकर कोई सीमा तय नहीं है व पात्र परिवारों को न तो कोई पंजीकरण फीस देनी होती  है और न ही प्रीमियम भुगतान का करना होता है।

कौन उठा सकते हैं योजना का लाभ

आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए परिवार के आकार और उम्र का कोई बंधन नहीं है। सरकारी अस्पताल और पैनल में शामिल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का कैशलेस और पेपरलेस इलाज हो सकेगा। एसईसीसी के आंकड़ों के हिसाब से आयुष्मान भारत योजना में लोगों को मेडिकल इंश्योरेंस मिल रहा है। एसईसीसी के आंकड़ों के हिसाब से ग्रामीण इलाके की आबादी में डी-1, डी-2, डी-3, डी-4, डी-5 और डी-7 कैटेगरी के लोग आयुष्मान भारत योजना में शामिल किये गए हैं। वहीं, शहरी इलाके में 11 पूर्व निर्धारित पेशे व कामकाज के हिसाब से लोग आयुष्मान भारत योजना में शामिल हो सकते हैं। राज्यों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में पहले से शामिल लोग खुद ही आयुष्मान भारत योजना में शामिल हो गए हैं। इस कार्यक्रम में बी.पी.एल. परिवारों के अतिरिक्त ऐसे परिवारों को भी शामिल किया गया है, जिनका केवल एक कमरे का कच्चा मकान है या जिनके परिवार में 16 से 59 वर्ष तक का कोई व्यक्ति नहीं है या ऐसी महिला का परिवार जिसमें 16 से 59 आयु तक का कोई पुरूष सदस्य नहीं है। ऐसा दिव्यांग परिवार जिसमें कोई सामान्य व्यक्ति नहीं है, अनुसुचित जाति व जनजाति के परिवार या भूमिहीन परिवार जो मजदूरी करते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र से कूडा बीनने वाले, भिखारी, घरों में काम करने वाले, रेहड़ी वाले, मोची, मजदूर इत्यादि व्यक्ति भी व्यवसायिक कर्मचारियों की श्रेणी में होते हुये इस योजना के लाभार्थी बने हैं।

ग्रामीण इलाकों के लिए :
आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए मोटे तौर पर ग्रामीण इलाके में कच्चा मकान होना चाहिए, परिवार में किसी व्यस्क (16-59 साल) का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति और जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति व दिहाड़ी मजदूर हों। इसके अलावा, ग्रामीण इलाके के बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और कानूनी रूप से मुक्त बंधुआ आदि खुद आयुष्मान भारत योजना में शामिल हो जायेंगे।

शहरी इलाकों के लिए :
शहरी इलाकों में भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले, रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले, सड़क पर कामकाज करने वाले अन्य व्यक्ति, कंस्ट्रक्शन साईट पर काम करने वाले मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली और भार ढोने वाले अन्य कामकाजी व्यक्ति स्वीपर, सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले, हेंडीक्राफ्ट का काम करने वाले लोग, टेलर, ड्राईवर, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले लोग आदि आयुष्मान भारत योजना में शामिल किये जा रहे हैं।

योजना में शामिल हैं ये स्वास्थ्य सेवाएं 

 आयुष्मान भारत योजना में तकरीबन हर बीमारी के लिए चिकित्सा और अस्पताल में दाखिल होने का खर्च कवर है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत योजना में 1354 पैकेज शामिल किये हैं। इसमें कोरोनरी बायपास, घुटना बदलना और स्टंट डालने जैसे इलाज शामिल हैं। आयुष्मान भारत योजना में इलाज का खर्च केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) से 15-20 फीसदी कम है। योजना के तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र में प्रदान की जाने वाली निम्न सेवाओं को भी शामिल किया गया है: जैसे, गर्भावस्था देखभाल और मातृ स्वास्थ्य सेवाएं, नवजात और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, बाल स्वास्थ्य, जीर्ण संक्रामक रोग, गैर संक्रामक रोग, मानसिक बीमारी का प्रबंधन, दांतों की देखभाल, बुजुर्ग के लिए आपातकालीन चिकित्सा, आदि।
 
इस तरह ले सकते हैं लाभ

आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। बस एक बार इसके योग्य होने पर आप सीधे इलाज करा सकते हैं। सरकार द्वारा चिन्हित परिवारों के लोग इस योजना में शामिल हो सकते हैं। केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकार और इलाके की अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ आयुष्मान भारत योजना के लिहाज से योग्य परिवार की जानकारी साझा करेगी। उसके बाद इन परिवारों को एक फैमिली आइडेंटिफिकेशन नंबर मिलेगा। लिस्ट में शामिल लोग ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभार्थी अस्पताल में एडमिट होने के लिए कोई चार्ज नहीं चुकाएगा। अस्पताल में दाखिल होने से लेकर इलाज तक का सारा खर्च इस योजना में कवर किया जायेगा। आयुष्मान भारत योजना के लाभ में अस्पताल में दाखिल होने से पहले और बाद के खर्च भी कवर किये जायेंगे। पैनल में शामिल हर अस्पताल में एक आयुष्मान मित्र होगा। वह मरीज की मदद करेगा और उसे अस्पताल की सुविधाएं दिलाने में मदद करेगा। अस्पताल में एक हेल्प डेस्क भी होगा जो दस्तावेज चेक करने, स्कीम में नामांकन के लिए वेरिफिकेशन में मदद करेगा। आयुष्मान भारत योजना में शामिल व्यक्ति देश के किसी भी सरकारी या पैनल में शामिल निजी अस्पताल में इलाज करा सकेगा।

इस हेल्पलाईन नंबर पर करें संपर्क

सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 14555 जारी किया गया है, जिस पर आप कभी भी कॉल कर सकते हैं। इस पर आपको समस्त जानकारियां मुहैय्या करवाई जाएंगी।

इस लिंक पर क्लिक करके चेक करें आपका नाम आयुष्मान योजना की लिस्ट में है या नहीं

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