सुपर स्मार्ट सिटी बनने की डगर पर गुरुग्राम, फाइबर नेटवर्क से जुड़ रहा है हर सरकारी भवन
12 दिसंबर 2019, 6:01 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़/गुरुग्राम। गुरुग्राम को सुपर स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शुुर हो गई है। शहर के 160 सरकारी भवनों व पुलिस थानों को फाइवर नेटवर्क के साथ जोड़ा जा चुका है। जल्द ही शहर के सभी सरकारी भवनों व पुलिस थानों को फाइवर नेटवर्क के साथ जोड़े जाने की तैयारी है। हाल ही में सीएम मनोहर लाल ने गुरुग्राम के सेक्टर 44 में आईआरसीटीसी बिल्डिंग में 38 करोड़ रुपये की लागत से बने इंटीग्रेडिट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उदघाटन किया। ऐसी सुविधा वाला गुरुग्राम राज्य का पहला ऐसा शहर बन गया है। शहर में अब तक विभिन्न तीन एजेंसियों द्वारा 400 किलोमीटर का आप्टीकल फाइवर बिछाया गया है और शहर के सभी सरकारी भवनों व आस-पास की ग्राम पंचायतों को डाटा सेंटर के क्लाउट नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इस सेंटर में आॅनलाईन रियल टाइम एक्सेस, निर्णयों के लिए डाटा का मूल्यांकन और रिपोर्ट, पेपरलैस कार्य, वाई-फाई के साथ हाई स्पीड बैंडविडथ और इंटरनेट की सुविधा के साथ-साथ विभिन्न कार्यालयों में वीडियों कान्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस कार्य में 25 कंपनियों ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आप्टीकल फाईवर नेटवर्क से जोडे गए दो-तीन गांवों के लोगों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की और बताया कि उनके गांव में फाइबर केबल आने से गांव में इंटरनेट की सुविधा मिलेगी तथा सूचनाओं का आसानी से आदान-प्रदान होगा।
जानें क्या है इंटीग्रेटिड स्मार्ट सर्विसज
डाटा विश्लेषण व निगरानी के लिए सीसीटीवी प्रणाली, यातायात नियंत्रण व प्रबंधन, संपत्ति व भूमि रिकार्ड प्रबंधन, सार्वजनिक यातायात, स्ट्रीट लाईट निगरानी व नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, एसटीपी पानी की गुणवत्ता की निगरानी, पेयजल आपूर्ति की निगरानी, पर्यावरण निगरानी, शहरी सेवा सहयोग केन्द्र और मेबाईल एप के माध्यम से नागरिक भागीदारी की भी सुविधा दी गई है ताकि गुरूग्राम को एक बेहतर स्मार्ट सिटी बनाया जा सकें। इस दौरान गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. उमाशंकर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आने वाले 6 से 9 माह के भीतर शहर के सभी सरकारी भवनों को पब्लिक वाई-फाई से सुसज्जित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, नागरिकों को दी जाने वाली सभी नागरिक सेवाओं को एक मंच पर लाकर इस कमांड एवं कंट्रोल सेंटर हेतु एक मोबाईल एप भी विकसित किया गया है ताकि जनता मोबाईल एप के माध्यम से लाईव सुविधा को ले सकें। यह एप अभी ट्रायल पर है और लेकिन इसे जल्द ही लांच करवाया जाएगा। इस कंट्रोल सेंटर में भविष्य में स्मार्ट सेवाओं को एकीकृत करने के लिए जल आपूर्ति प्रणाली की निगरानी व नियंत्रण, शहर में सार्वजनिक वाई-फाई सुविधा, स्मार्ट पार्किंग, बिजली वितरण प्रणाली की निगरानी व नियंत्रण, विभिन्न संदेश संकेत और संपति प्रबंधन को जोडा जाएगा ताकि लोगों को अधिक से अधिक त्वरित सुविधाएं देने के प्रयास किए जा सकें।
358 इंटरसेक्शन प्वांईट पर लगेंगे 1200 सीसीटीवी
इस सेंटर की पहुुंच बढाने के लिए 358 इंटरसेक्शन प्वांईट को चिन्हित कर योजना बनाई गई हैं और 1200 सीसीटीवी कैमरों को स्थापित किया जाएगा। फिलहाल वर्तमान में 50 इंटरसेंक्शन प्वाईंट को कवर करके 250 सीसीटीवी कैमरों को संचालित किया गया है। उन्होंने बताया कि मार्च-2020 तक 222 चैराहों पर 1200 सीसीटीवी कैमरों को संचालित कर दिया जाएगा। शहर के 28 चैराहे ऐसे हैं जहां पर अधिकतम 24 कैमरे लगाए गए हैं और वहां पर हर छोटी-बडी गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। इस सेंटर में गाडी की स्पीड, पहचान, नंबर प्लेट, रंग की पहचान के अलावा हैलमेट रहित दोपहिया चालकों की पहचान की जा सकेगी। यही नहीं कैमरों के मदद से सडकों के गड्ढे, जलभराव और धरना प्रदर्शन की स्थिति में भीड़ की गणना सुविधा के साथ-साथ चेहरे की पहचान भी संभव हो पाएगी।
12 दिसंबर 2019, 6:01 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़/गुरुग्राम। गुरुग्राम को सुपर स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शुुर हो गई है। शहर के 160 सरकारी भवनों व पुलिस थानों को फाइवर नेटवर्क के साथ जोड़ा जा चुका है। जल्द ही शहर के सभी सरकारी भवनों व पुलिस थानों को फाइवर नेटवर्क के साथ जोड़े जाने की तैयारी है। हाल ही में सीएम मनोहर लाल ने गुरुग्राम के सेक्टर 44 में आईआरसीटीसी बिल्डिंग में 38 करोड़ रुपये की लागत से बने इंटीग्रेडिट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उदघाटन किया। ऐसी सुविधा वाला गुरुग्राम राज्य का पहला ऐसा शहर बन गया है। शहर में अब तक विभिन्न तीन एजेंसियों द्वारा 400 किलोमीटर का आप्टीकल फाइवर बिछाया गया है और शहर के सभी सरकारी भवनों व आस-पास की ग्राम पंचायतों को डाटा सेंटर के क्लाउट नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इस सेंटर में आॅनलाईन रियल टाइम एक्सेस, निर्णयों के लिए डाटा का मूल्यांकन और रिपोर्ट, पेपरलैस कार्य, वाई-फाई के साथ हाई स्पीड बैंडविडथ और इंटरनेट की सुविधा के साथ-साथ विभिन्न कार्यालयों में वीडियों कान्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस कार्य में 25 कंपनियों ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आप्टीकल फाईवर नेटवर्क से जोडे गए दो-तीन गांवों के लोगों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की और बताया कि उनके गांव में फाइबर केबल आने से गांव में इंटरनेट की सुविधा मिलेगी तथा सूचनाओं का आसानी से आदान-प्रदान होगा।
जानें क्या है इंटीग्रेटिड स्मार्ट सर्विसज
डाटा विश्लेषण व निगरानी के लिए सीसीटीवी प्रणाली, यातायात नियंत्रण व प्रबंधन, संपत्ति व भूमि रिकार्ड प्रबंधन, सार्वजनिक यातायात, स्ट्रीट लाईट निगरानी व नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, एसटीपी पानी की गुणवत्ता की निगरानी, पेयजल आपूर्ति की निगरानी, पर्यावरण निगरानी, शहरी सेवा सहयोग केन्द्र और मेबाईल एप के माध्यम से नागरिक भागीदारी की भी सुविधा दी गई है ताकि गुरूग्राम को एक बेहतर स्मार्ट सिटी बनाया जा सकें। इस दौरान गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. उमाशंकर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आने वाले 6 से 9 माह के भीतर शहर के सभी सरकारी भवनों को पब्लिक वाई-फाई से सुसज्जित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, नागरिकों को दी जाने वाली सभी नागरिक सेवाओं को एक मंच पर लाकर इस कमांड एवं कंट्रोल सेंटर हेतु एक मोबाईल एप भी विकसित किया गया है ताकि जनता मोबाईल एप के माध्यम से लाईव सुविधा को ले सकें। यह एप अभी ट्रायल पर है और लेकिन इसे जल्द ही लांच करवाया जाएगा। इस कंट्रोल सेंटर में भविष्य में स्मार्ट सेवाओं को एकीकृत करने के लिए जल आपूर्ति प्रणाली की निगरानी व नियंत्रण, शहर में सार्वजनिक वाई-फाई सुविधा, स्मार्ट पार्किंग, बिजली वितरण प्रणाली की निगरानी व नियंत्रण, विभिन्न संदेश संकेत और संपति प्रबंधन को जोडा जाएगा ताकि लोगों को अधिक से अधिक त्वरित सुविधाएं देने के प्रयास किए जा सकें।
358 इंटरसेक्शन प्वांईट पर लगेंगे 1200 सीसीटीवी
इस सेंटर की पहुुंच बढाने के लिए 358 इंटरसेक्शन प्वांईट को चिन्हित कर योजना बनाई गई हैं और 1200 सीसीटीवी कैमरों को स्थापित किया जाएगा। फिलहाल वर्तमान में 50 इंटरसेंक्शन प्वाईंट को कवर करके 250 सीसीटीवी कैमरों को संचालित किया गया है। उन्होंने बताया कि मार्च-2020 तक 222 चैराहों पर 1200 सीसीटीवी कैमरों को संचालित कर दिया जाएगा। शहर के 28 चैराहे ऐसे हैं जहां पर अधिकतम 24 कैमरे लगाए गए हैं और वहां पर हर छोटी-बडी गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। इस सेंटर में गाडी की स्पीड, पहचान, नंबर प्लेट, रंग की पहचान के अलावा हैलमेट रहित दोपहिया चालकों की पहचान की जा सकेगी। यही नहीं कैमरों के मदद से सडकों के गड्ढे, जलभराव और धरना प्रदर्शन की स्थिति में भीड़ की गणना सुविधा के साथ-साथ चेहरे की पहचान भी संभव हो पाएगी।


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