हरियाणा के हर गांव में खुलेंगे बैंक



वर्तमान में हरियाणा में 5684 बैंक, 5911 बैंक मित्र व 6055 एटीएम संचालित 
बैंकों को एक साल के भीतर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में बैंक शाखाएं खोलने का टारगेट 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिए निर्देश 

25 जनवरी 2020, 2:42 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन 
चंडीगढ़। प्रदेश की ग्रामीण आबादी को अपने गांव में ही बैंक सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। इस बाबत मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के बैंकर्स को आह्वान किया है कि वे
एक वर्ष के भीतर प्रदेश के हर गांव पंचायत तक अपनी शाखाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें क्योंकि योजनाएं चाहे केन्द्रीय वित्त पोषित हो या राज्य सरकार की हों, आखिर बैंकों के माध्यम से ही पूरी होती हैं। Banks will open in every village of Haryana  हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अंत्योदय की भावना से कार्य कर रहे हैं और सरकार के इस लक्ष्य को बैंकों के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। हरियाणा सरकार द्वारा आरंभ की जा रही मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना तथा परिवार पहचान पत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बैंकर्स की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवार की पहचान के लिए परिवार की आय 1.80 लाख रुपये वार्षिक की शर्त रखी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत 6000 रुपये वार्षिक की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, सरकार ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जैसी योजनाओं को भी मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के साथ जोडऩे का कार्यक्रम भी तैयार किया है। बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में 5684 बैंक शाखाएं, 5911 बैंक मित्र हैं तथा 6055 एटीएम संचालित हैं। केन्द्र सरकार की हर पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना का हरियाणा में सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है।

युवाओं को शिक्षा ऋण आसानी से उपलब्ध करवाएं बैंक 
मुख्यमंत्री ने बैंकर्स का आह्वान किया कि वे युवाओं के लिए शिक्षा ऋण सुगमता से उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्मरण करवाया कि 480 रुपये का शिक्षा ऋण उन्होंने उस समय लिया था जब वे प्री-मेडिकल की तैयारी कर रहे थे। Banks-will-open-in-every-village-of-Haryana मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकर्स को अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि दिया जा रहा शिक्षा ऋण के लिए विद्यार्थी व संस्थान वास्तव में अस्तित्व में हैं या नहीं। सीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार ने खेतों के लिए सभी कच्चे राजस्व रास्तों को पक्का करने की योजना तैयार की है और इसी प्रकार प्रदेश के लगभग 14000 तालाबों के पानी को उपचारित कर सिंचाई व अन्य कार्यों के लिए उपयोग में लाने के लिए हरियाणा तालाब प्राधिकरण का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इन दोनों योजनाओं में बैंकर्स व नाबार्ड फंडिंग के लिए अहम भूमिका निभा सकती है। इसके लिए सरकार की गांरटी रहेगी। उन्होंने कहा कि वे  मुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्य के वित्त मंत्री भी है, इसके लिए वे हितधारकों के साथ चार बैठकें कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने विधायकों से भी बजट प्रस्तुत करने से पूर्व बजट पर विधानसभा में चर्चा करवाने की पहल ही है ताकि  आने वाले बजट को बेहतर बजट के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी एक बैंकर्स के नाते नहीं बल्कि हरियाणा के नागरिक होने के नाते बजट के लिए लिखित में अपने सुझाव दे सकते हैं।

किसानों को दी जा रही सब्सिडी में सहायता करें बैंकर्स
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने अपने सम्बोधन में बैंकर्स से कहा कि सरकार द्वारा लघु सिंचाई योजनाओं के लिए किसानों को 85 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है और बैंकर्स इसमें किसानों की सहायता कर सकते हैं। Banks-will-open-in-every-village-of-Haryana इस प्रकार, किसान  अपने खेत में ही लघु वेयरहाउसिंग का निर्माण कर अन्न भण्डारण कर सकेंगे, इसके लिए भी योजना तैयार की जा रही है। बैंकर्स किसानों को इसके लिए भी ऋण उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे कस्बों व शहरों में आज भी जब लोग को  तत्काल पैसे की जरूरत पड़ती है तो वे साहूकरों के पास जाते हैं और साहूकार उनसे मनमाना ब्याज वसूलते हैं। लोगों को इस समस्या से बचाने के लिए बैंकों को संकटकाल ऋण योजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर योजनाओं तैयार की जा रही हैं और बैंक इनके लिए युवाओं को ऋण उपलब्ध करवा सकता है ताकि उन्हें रोजगार के अवसर भी प्राप्त हों सकें।

इस साल इन योजनाओं पर रहेगा सरकार का फोकस 
 वर्ष 2020-21 राज्य सरकार का लोगों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए जिन योजनाओं पर मुख्य फोकस रहेगा उनमें स्टाम्प डयूटी कम करना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान समूहों के ऋण, डीआरआई अग्रिम तथा फसल अवशेषों के माध्यम से बॉयागैस तैयार करने लिए संयंत्र लगाना तथा शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने की योजनाएं शामिल हैं। इसलिए बैंकों को इन योजनाओं को ध्यान में रखकर अपने कार्यक्रम तैयार करने चाहिएं। मुख्य सचिव  केशनी आनंद अरोड़ा ने लीड बैंक पीएनबी के क्षेत्रीय प्रबन्धक तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक श्री डी.के.जैन को निर्देश दिए कि वे इन योजनाओं के लिए एक टास्क फोर्स गठित करे, जिसमें सरकार की तरफ से अधिकारियों को शामिल किया जाए और एक सप्ताह के भीतर इस सन्दर्भ में रिपोर्ट दें। उन्होंने कहा कि बैंकर्स को इन योजनाओं को विशेष ऋण कैंपस का आयोजन करना चाहिए।

किसानों के लिए नाबार्ड ने तैयार की यह योजना 
नाबार्ड ने वर्ष 2020-21 के स्टेट फोकस पेपर में उच्च तकनीक वाली कृषि पद्धतियोंको मुख्य रूप से फोकस किया है तथा हरियाणा राज्य के लिए 1,46,733 करोड़ रुपये की ऋण संभाव्यता तैयार की है। इसी प्रकार, बैंकों द्वारा हरियाणा के लिए वर्ष 2020-21 के लिए 1,45,777 करोड़ रुपये का वार्षिक ऋण योजना तैयार की है, जिसमें फसल ऋण के लिए 55642 करोड़ रुपये, कृषि सावधि ऋण के लिए 29035 करोड़ रुपये, एमएसएमई के लिए 42,492 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्र के लिए 18,408 करोड़ रुपये शामिल है।



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