शिक्षा, सेहत व आम आदमी पर फोकस होगा इस बार का बजट
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दावा, आम आदमी से जुड़ा होगा इस बार का बजट
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
नई दिल्ली। शिक्षा व स्वास्थ्य की दिशा में जबरदस्त सुधार कर फिर से दिल्ली की सत्ता में लौटी केजरीवाल सरकार का सरकारी स्कूलों व अस्पतालों की कायाकल्प वाला मॉडल इस बार हरियाणा में भी लागू हो सकता है लेकिन इसकी रूपरेखा दिल्ली सरकार से बिल्कुल अलग हो सकती है। हरियाणा सरकार इन दिनों आगामी वित्त वर्ष 2020-21 के बजट की तैयारी में जुटी है। हरियाणा का इस बार का बजट स्पेशल रहने वाला है क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब बजट के लिए सरकार ने सभी विधायकों, सांसदों व अधिकारियों से सुझाव मांगें हैं। बजट से पूर्व सभी सांसदों व विधायकों के सुझाव मांगने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य भी बन गया है। स्वंय मुख्यमंत्री मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला लगातार अधिकारियों से प्री-बजट बैठकें करके सुझाव ले रहे हैं। विधायकों से उनके इलाके से संबंधित नई योजनाएं तैयार करने को कहा गया है। उम्मीद है सरकार इन सभी सुझावों व योजनाओं को लागू करने का हरसंभव प्रयास करेगी। आज यहां नई दिल्ली में
भिवानी-महेंद्रगढ़ के भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह के आवास पर आयोजित सांसदों की बैठक में हरियाणा के बजट पर चर्चा हुई जिसमें सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों ने शिक्षा व स्वास्थ्य की दिशा में बेहतर सुधार किए जाने के सुझाव दिए। बैठक में राज्य के भाजपा सांसद अब शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही बजट में शामिल करने की वकालत कर रहे थे। सांसदों ने यहां तक कहा कि आयुष्मान योजना के तहत बेशक पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा योजना योजना का अब विस्तार खासतौर पर हरियाणा में हुआ है मगर आम लोगों को ओपीडी की स्वास्थ्य सेवाएं भी फ्री मिलनी चाहिए। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में डिस्पेंसरी खोलनी चाहिए। रोहतक के सांसद डॉ. अरविंद शर्मा को छोड़ सभी सांसद इस बैठक में मौजूद रहे। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी. उमाशंकर भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विश्वास दिलाया कि इस बार राज्य का आम बजट आम आदमी से सीधे जुड़ा होगा।
सांसद सुनीता दुग्गल व सांसद धर्मबीर ने दिए यह सुझाव
सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल ने बंजर जमीन का उपयोग बढ़ाए जाने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर सौर उर्जा प्लांट लगाने जैसी किसी और योजना को लागू करने का सुझाव दिया। वहीं भिवानी सांसद धर्मबीर सिंह ने मार्केटिंग बोर्ड द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों को भी पीडब्ल्यूडी की तर्ज पर बनाए जाने व ग्रामीण क्षेत्रों में गांवों को जोड़ने वाले छोटे रास्तों को पूरी तरह पक्का किए जाने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दावा, आम आदमी से जुड़ा होगा इस बार का बजट
11 फरवरी 2020, 5:56 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
नई दिल्ली। शिक्षा व स्वास्थ्य की दिशा में जबरदस्त सुधार कर फिर से दिल्ली की सत्ता में लौटी केजरीवाल सरकार का सरकारी स्कूलों व अस्पतालों की कायाकल्प वाला मॉडल इस बार हरियाणा में भी लागू हो सकता है लेकिन इसकी रूपरेखा दिल्ली सरकार से बिल्कुल अलग हो सकती है। हरियाणा सरकार इन दिनों आगामी वित्त वर्ष 2020-21 के बजट की तैयारी में जुटी है। हरियाणा का इस बार का बजट स्पेशल रहने वाला है क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब बजट के लिए सरकार ने सभी विधायकों, सांसदों व अधिकारियों से सुझाव मांगें हैं। बजट से पूर्व सभी सांसदों व विधायकों के सुझाव मांगने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य भी बन गया है। स्वंय मुख्यमंत्री मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला लगातार अधिकारियों से प्री-बजट बैठकें करके सुझाव ले रहे हैं। विधायकों से उनके इलाके से संबंधित नई योजनाएं तैयार करने को कहा गया है। उम्मीद है सरकार इन सभी सुझावों व योजनाओं को लागू करने का हरसंभव प्रयास करेगी। आज यहां नई दिल्ली में
भिवानी-महेंद्रगढ़ के भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह के आवास पर आयोजित सांसदों की बैठक में हरियाणा के बजट पर चर्चा हुई जिसमें सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों ने शिक्षा व स्वास्थ्य की दिशा में बेहतर सुधार किए जाने के सुझाव दिए। बैठक में राज्य के भाजपा सांसद अब शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही बजट में शामिल करने की वकालत कर रहे थे। सांसदों ने यहां तक कहा कि आयुष्मान योजना के तहत बेशक पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा योजना योजना का अब विस्तार खासतौर पर हरियाणा में हुआ है मगर आम लोगों को ओपीडी की स्वास्थ्य सेवाएं भी फ्री मिलनी चाहिए। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में डिस्पेंसरी खोलनी चाहिए। रोहतक के सांसद डॉ. अरविंद शर्मा को छोड़ सभी सांसद इस बैठक में मौजूद रहे। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी. उमाशंकर भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विश्वास दिलाया कि इस बार राज्य का आम बजट आम आदमी से सीधे जुड़ा होगा।
सांसद सुनीता दुग्गल व सांसद धर्मबीर ने दिए यह सुझाव
सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल ने बंजर जमीन का उपयोग बढ़ाए जाने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर सौर उर्जा प्लांट लगाने जैसी किसी और योजना को लागू करने का सुझाव दिया। वहीं भिवानी सांसद धर्मबीर सिंह ने मार्केटिंग बोर्ड द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों को भी पीडब्ल्यूडी की तर्ज पर बनाए जाने व ग्रामीण क्षेत्रों में गांवों को जोड़ने वाले छोटे रास्तों को पूरी तरह पक्का किए जाने का सुझाव दिया।


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