अब तक आप 63 तो भाजपा 7 सीटों पर आगे,कांग्रेस का खुलता नहीं दिखाई दे रहा खाता
11 फरवरी 2020, 2:03 PM
संदीप कम्बोज/गौरव सोनी। हरियाणा मीडिया जंक्शन
नई दिल्ली। दिल्ली दिलवालों की है या मुफ्त वालों की। दिल्ली विधानसभा चुनाव के आज घोषित नतीजों ने इस सवाल का जवाब खुद-ब-खुद ही दे दिया है। फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री वाई-फाई व फ्री बस व मेट्रो सफर समेत अनेक तरह के गारंटी कार्ड लेकर आई आप सरकार की आज फिर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हो रही है। आज घोषित नतीजों से कांग्रेस व भाजपा समेत तमाम पार्टियों के उन सभी नेताओं को जनता ने दो टूक जवाब दे दिया है जो केजरीवाल सरकार के ‘फ्री फार्मूला’ को कटघरे में खड़ा कर तरह-तरह के सवाल उठा रहे थे। अभी तक के रूझानों में आप पार्टी 63 सीटों पर आगे चल रही है जबकि भाजपा उम्मीदवार 7 सीटों पर आगे हैं। वहीं कांग्रेस का तो पिछली बार की तरह इस बार भी सूपड़ा साफ हो गया है। अभी तक के रूझानों के मुताबिक कांग्रेस को एक भी सीट मिलती दिखाई नहीं दे रही है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों वाले चुनाव के लिए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू जारी है। वोटों की गिनती शुरू होते ही रुझान आने लगे। जैसे-जैसे रुझान आने लगे, तस्वीरें साफ होती चली गईं, जिसके मुताबिक, दिल्ली में फिर आप की सरकार बन सकती है। काउंटिंग के मद्देनजर मतगणना स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दिल्ली के 11 जिलों में कुल 21 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि 33 मतगणना पर्यवेक्षकों सहित लगभग 2,600 मतगणना कर्मचारी मतगणना में शामिल हुए हैं। प्रत्येक केंद्र पर मतगणना होने तक कम से कम 500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती है। आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती का काम सीसीटीवी, वीडियो कैमरे की निगरानी में किया जा रहा है। दिल्ली में 8 फरवरी को वोटिंग हुई थी। दिल्ली चुनाव के लिए जारी एग्जिट पोल के नतीजों में ही आम आदमी पार्टी की सरकार बनती दिख रही थी। देर शाम तक तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी कि किस पार्टी को कितनी सीटें हासिल हो पाती हैं। बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल के 'फ्री कार्ड' पर सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने तंज कसे थे जिसका जवाब उन्हें आज जनता के फैसले से मिल गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा था कि राजधानी में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में दिल्ली की केजरीवाल सरकार वोटरों को लुभाने के लिए 'फ्री कार्ड' खेल रही है। तारिक अनवर ने बताया कि आखिर क्यों इस चुनाव में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों को उतारने में इतनी देरी कर दी। उन्होंने यह भी बताया कि वो क्या वजह रही जिसके चलते उन्होंने 19 साल लंबे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का साथ छोड़कर दोबारा कांग्रेस में वापस लौट आए।
11 फरवरी 2020, 2:03 PM
संदीप कम्बोज/गौरव सोनी। हरियाणा मीडिया जंक्शन
नई दिल्ली। दिल्ली दिलवालों की है या मुफ्त वालों की। दिल्ली विधानसभा चुनाव के आज घोषित नतीजों ने इस सवाल का जवाब खुद-ब-खुद ही दे दिया है। फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री वाई-फाई व फ्री बस व मेट्रो सफर समेत अनेक तरह के गारंटी कार्ड लेकर आई आप सरकार की आज फिर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हो रही है। आज घोषित नतीजों से कांग्रेस व भाजपा समेत तमाम पार्टियों के उन सभी नेताओं को जनता ने दो टूक जवाब दे दिया है जो केजरीवाल सरकार के ‘फ्री फार्मूला’ को कटघरे में खड़ा कर तरह-तरह के सवाल उठा रहे थे। अभी तक के रूझानों में आप पार्टी 63 सीटों पर आगे चल रही है जबकि भाजपा उम्मीदवार 7 सीटों पर आगे हैं। वहीं कांग्रेस का तो पिछली बार की तरह इस बार भी सूपड़ा साफ हो गया है। अभी तक के रूझानों के मुताबिक कांग्रेस को एक भी सीट मिलती दिखाई नहीं दे रही है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों वाले चुनाव के लिए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू जारी है। वोटों की गिनती शुरू होते ही रुझान आने लगे। जैसे-जैसे रुझान आने लगे, तस्वीरें साफ होती चली गईं, जिसके मुताबिक, दिल्ली में फिर आप की सरकार बन सकती है। काउंटिंग के मद्देनजर मतगणना स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दिल्ली के 11 जिलों में कुल 21 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि 33 मतगणना पर्यवेक्षकों सहित लगभग 2,600 मतगणना कर्मचारी मतगणना में शामिल हुए हैं। प्रत्येक केंद्र पर मतगणना होने तक कम से कम 500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती है। आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती का काम सीसीटीवी, वीडियो कैमरे की निगरानी में किया जा रहा है। दिल्ली में 8 फरवरी को वोटिंग हुई थी। दिल्ली चुनाव के लिए जारी एग्जिट पोल के नतीजों में ही आम आदमी पार्टी की सरकार बनती दिख रही थी। देर शाम तक तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी कि किस पार्टी को कितनी सीटें हासिल हो पाती हैं। बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल के 'फ्री कार्ड' पर सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने तंज कसे थे जिसका जवाब उन्हें आज जनता के फैसले से मिल गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा था कि राजधानी में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में दिल्ली की केजरीवाल सरकार वोटरों को लुभाने के लिए 'फ्री कार्ड' खेल रही है। तारिक अनवर ने बताया कि आखिर क्यों इस चुनाव में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों को उतारने में इतनी देरी कर दी। उन्होंने यह भी बताया कि वो क्या वजह रही जिसके चलते उन्होंने 19 साल लंबे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का साथ छोड़कर दोबारा कांग्रेस में वापस लौट आए।


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