- पंजाब के संगरूर में प्राइवेट स्कूल की पुरानी वैन में आग लगने से चार मासूमों के जिंदा जलने के बाद शिक्षा विभाग अलर्ट
17 फरवरी 2020, 1:17 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। पंजाब के संगरूर में एक प्राइवेट स्कूल की पुरानी वैन में चार मासूम बच्चों के जिंदा जलने की घटना के बाद हिसार जिला शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है। हिसार शिक्षा विभाग भी अब जिले के सभी 800 निजी स्कूलों की बसों की जांच-पड़ताल करवाएगा कि कहीं कोई स्कूल बस या स्कूल वैन बिना नियमों के तो नहीं दौड़ रही है। पंजाब के संगरूर जिले की घटना को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जिले के सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निजी स्कूल वाहनों की चेकिंग करने के आदेश दे दिए हैं। यदि किसी स्कूल की बसें अथवा वैन नियमों पर खरा नहीं उतरती हैं तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा और स्कूल की मान्यता रद करने के लिए भी शिक्षा निदेशालय को लिखा जाएगा।
ये हैं माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल बसों के लिए तय किए गए नियम
- बसों में स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर लिखा होना चाहिए
- बसों का उपयोग स्कूली गतिविधियों व परिवहन के लिए ही किया जाएगा
- वाहन पर पीला रंग हो जिसके बीच में नीले रंग की पट्टी पर स्कूल का नाम होना चाहिए
- वाहन चालक को न्यूनतम पांच वर्ष का वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए
- बसों में जीपीएस डिवाइस लगी होनी चाहिए ताकि ड्राइवर को कोहरे व धुंध में भी रास्ते का पता चल सके
- सीट के नीचे बस्ते रखने की व्यवस्था बस में अग्निशमन यंत्र रखा हो
- बस में कंडक्टर का होना भी अनिवार्य
- बस के दरवाजे तालेयुक्त होने चाहिए
- बस के दरवाजों का लॉक सिस्टम ठीक होना चाहिए
- बस में प्राथमिक उपचार के लिए फस्ट ऐड बॉक्स उपलब्ध हो
- बसों की खिड़कियों में आड़ी पट्टियां (ग्रिल) लगी हो
- स्कूली बस में ड्राइवर व कंडक्टर के साथ उनका नाम व मोबाइल नंबर लिखा हो
- बस के अंदर सीसीटीवी भी इंस्टॉल होना चाहिए ताकि बस के अंदर की दुर्घटना के बारे में पता लगाया जा सके
- स्कूली वाहन के रूप में चलने वाले पेट्रोल आॅटो में पांच, डीजल आॅटो में आठ, वैन में 10 से 12, मिनी बस में 28 से 32 और बड़ी बस में ड्राइवर सहित 45 विद्यार्थियों को ही सवार कर सकते हैं।


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